UP Weather Update: पूर्वी यूपी में लू का कहर जारी, कई जिलों में बारिश के आसार

पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू और भीषण गर्मी का असर जारी है। वहीं पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में आंधी और हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं।

उत्तर प्रदेश में मौसम दो अलग-अलग रूप दिखा रहा है। पूर्वी जिलों में भीषण गर्मी और लू का असर बना हुआ है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज क्षेत्रवार अलग नजर आ रहा है। पूर्वी यूपी के कई जिले तेज गर्मी और हीट वेव की चपेट में हैं, जबकि पश्चिमी इलाकों में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश ने तापमान में मामूली राहत दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक पूर्वी हिस्सों में गर्मी का प्रकोप बना रह सकता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बीच-बीच में बारिश की संभावना भी रहेगी।

पूर्वी यूपी में लू से हालात गंभीर

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर और आसपास के जिलों में भी तेज गर्मी का असर देखा गया।

UP Weather Update: पूर्वी यूपी में लू का कहर जारी, कई जिलों में बारिश के आसार

विभाग ने 21 जून से 24 जून तक कुछ इलाकों में भीषण से अति-भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि लू का असर स्वास्थ्य पर गंभीर पड़ सकता है।

पश्चिमी यूपी में आंधी और बारिश के संकेत

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में पिछले दिनों धूल भरी आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 जून से 25 जून के बीच अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन कुछ स्थानों पर बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।

हालांकि पश्चिमी यूपी में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन यहां पूर्वी यूपी जैसी गंभीर लू की स्थिति बनने की संभावना कम है। इससे लोगों को अपेक्षाकृत राहत मिल सकती है।

मौसम में बदलाव की मुख्य वजह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पंजाब से बिहार तक फैली एक ट्रफ रेखा और उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर तटीय आंध्र प्रदेश तक एक अन्य ट्रफ लाइन भी बनी हुई है।

इन्हीं मौसमी सिस्टमों के कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का प्रभाव अलग दिखाई दे रहा है। कहीं गर्म हवाएं चल रही हैं तो कहीं बादल और हल्की बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं।

किसानों को दी गई विशेष सलाह

मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को गर्मी के मद्देनजर आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। सब्जियों और फलों की फसलों में हल्की सिंचाई करने, खेतों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग अपनाने और नए पौधों को तेज धूप से बचाने के लिए शेड नेट लगाने की सलाह दी गई है।

इसके साथ ही पशुपालकों से पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में साफ और ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। मौसम विभाग का मानना है कि 25 जून के बाद प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

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