गोरखपुर में सावन के बावजूद मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार तक केवल हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि सोमवार से अच्छी बारिश और तेज हवाओं के साथ मौसम बदल सकता है।
Gorakhpur: UP Weather Update के तहत गोरखपुर में सावन के दौरान भी मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। मौसम विभाग का कहना है कि रविवार तक तेज बारिश की संभावना कम रहेगी, हालांकि बादलों की आवाजाही, हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा। सोमवार से वर्षा की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।
रविवार तक हल्की बारिश, सोमवार से बदल सकता है मौसम

गोरखपुर में सावन के महीने के बावजूद मानसून की सक्रियता अभी कमजोर बनी हुई है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार रविवार तक जिले में तेज बारिश की संभावना नहीं है। इस दौरान आसमान में बादलों का आना-जाना लगा रहेगा और कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि सोमवार से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और अच्छी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
बूंदाबांदी से मौसम रहा सुहावना
गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हुई, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में केवल फुहारें पड़ीं। दिनभर में कुल 1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बादल छाए रहने और तेज हवा चलने से लोगों को उमस से कुछ राहत मिली और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा।
तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक है। हवा में नमी का स्तर भी काफी ऊंचा रहा। अधिकतम आर्द्रता 86 प्रतिशत और न्यूनतम 70 प्रतिशत दर्ज की गई, जिससे वातावरण में उमस बनी रही।
मौसम वैज्ञानिक ने क्या कहा?
मौसम वैज्ञानिक टीबी सिंह के अनुसार अगले तीन दिनों तक तेज बारिश के आसार कम हैं। शुक्रवार से रविवार तक बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि व्यापक और लगातार वर्षा की संभावना फिलहाल नहीं है। उन्होंने बताया कि सोमवार को घने बादलों के साथ अच्छी बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है।
सावन में सूखे जैसे हालात
आमतौर पर सावन का महीना पूर्वी उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार मानसून की धीमी रफ्तार के कारण अपेक्षित वर्षा नहीं हो सकी है। इसका असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है, क्योंकि धान समेत खरीफ फसलों के लिए इस समय पर्याप्त बारिश जरूरी होती है। किसान अब सोमवार से संभावित अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
लोगों को क्या सलाह दी गई है?
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। सोमवार से तेज हवाओं और बारिश की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों पर सावधानी बरतें। किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। यदि अनुमान के मुताबिक बारिश होती है तो इससे तापमान में गिरावट आएगी और लंबे समय से कमजोर पड़े मानसून को भी गति मिल सकती है।










