उरुग्वे ने आखिरी समय में बचाई हार, मैक्सी अराउजो के गोल से सऊदी अरब के खिलाफ मुकाबला 1-1 से ड्रॉ

फीफा वर्ल्ड कप में उरुग्वे ने सऊदी अरब के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला। मैक्सी अराउजो ने देर से गोल कर टीम को हार से बचाया, जबकि गोलकीपर अल ओवैस ने कई शानदार बचाव किए

फीफा वर्ल्ड कप में सऊदी अरब ने उरुग्वे को कड़ी टक्कर दी, लेकिन मैक्सी अराउजो के देर से किए गोल ने मुकाबला 1-1 से ड्रॉ करा दिया। सऊदी गोलकीपर मोहम्मद अल ओवैस ने कई शानदार बचाव कर टीम को लंबे समय तक बढ़त दिलाए रखी।

FIFA WORLD CUP 2026: फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-एच मुकाबले में सऊदी अरब एक बार फिर बड़ा उलटफेर करने के बेहद करीब पहुंच गया था, लेकिन उरुग्वे के मैक्सी अराउजो ने मैच के अंतिम चरण में गोल कर अपनी टीम को हार से बचा लिया। रोमांचक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिससे दोनों टीमों ने अभियान की शुरुआत एक-एक अंक के साथ की।

सऊदी अरब ने 2022 विश्व कप में अर्जेंटीना को हराकर दुनिया को चौंका दिया था। इस बार भी टीम ने मजबूत उरुग्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया और लंबे समय तक बढ़त बनाए रखी। हालांकि अंतिम 10 मिनट में आए गोल ने उसकी ऐतिहासिक जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

दूसरी ओर दक्षिण अमेरिकी दिग्गज उरुग्वे ने दूसरे हाफ में जबरदस्त वापसी की और लगातार हमले करते हुए अंततः बराबरी हासिल कर ली।

पहले हाफ में सऊदी अरब का अनुशासित खेल

मैच की शुरुआत में उरुग्वे को अधिक मजबूत टीम माना जा रहा था, लेकिन सऊदी अरब ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास भरा प्रदर्शन किया। टीम ने रक्षात्मक अनुशासन बनाए रखा और जवाबी हमलों के जरिए उरुग्वे की रक्षा पंक्ति को चुनौती दी।

पहले हाफ में उरुग्वे के पास गेंद पर अधिक नियंत्रण था, लेकिन सऊदी अरब ने अपने संगठित खेल से उसे खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। हर हमले का जवाब मजबूत डिफेंस और तेज़ ट्रांजिशन के जरिए दिया गया।

सऊदी खिलाड़ियों का आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था और वे किसी भी तरह से दबाव में नजर नहीं आए।

अब्दुलेलाह अल अमरी ने दिलाई बढ़त

मुकाबले का पहला गोल 41वें मिनट में आया। सऊदी अरब को मिले कॉर्नर किक पर हसन अल तंबाक्ती ने जोरदार हेडर लगाया। उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा ने शुरुआती बचाव तो कर लिया, लेकिन गेंद पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके।

रीबाउंड पर मौजूद अब्दुलेलाह अल अमरी ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ सऊदी अरब ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।

गोल के बाद सऊदी खिलाड़ियों और समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। टीम को एक बार फिर विश्व कप में बड़े उलटफेर की उम्मीद दिखाई देने लगी।

उरुग्वे के लिए मुश्किल भरा पहला हाफ

गोल खाने के बाद उरुग्वे ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन उसे ज्यादा सफलता नहीं मिली। टीम के प्रमुख आक्रमणकारी खिलाड़ी अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में असफल रहे।

विशेष रूप से स्ट्राइकर डार्विन नुनेज़ का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्हें पूरे पहले हाफ में बहुत कम मौके मिले और वे सऊदी डिफेंडरों के बीच संघर्ष करते दिखाई दिए।

उरुग्वे की आक्रमण योजना में धार की कमी साफ दिखाई दे रही थी, जिससे कोच मार्सेलो बिएल्सा चिंतित नजर आए।

बिएल्सा का बड़ा फैसला

हाफ टाइम के दौरान उरुग्वे के कोच मार्सेलो बिएल्सा ने महत्वपूर्ण बदलाव किए। उन्होंने दो खिलाड़ियों को बाहर कर नई ऊर्जा के साथ टीम को मैदान में उतारा।

सबसे बड़ा फैसला डार्विन नुनेज़ को हटाने का था। नुनेज़ पूरे पहले हाफ में प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे और उनकी जगह नए खिलाड़ियों को मौका दिया गया।

इस बदलाव का असर तुरंत दिखाई दिया। दूसरे हाफ में उरुग्वे की गति बढ़ गई और टीम पहले की तुलना में कहीं अधिक आक्रामक नजर आने लगी।

उरुग्वे ने आखिरी समय में बचाई हार, मैक्सी अराउजो के गोल से सऊदी अरब के खिलाफ मुकाबला 1-1 से ड्रॉ

दूसरे हाफ में उरुग्वे का दबदबा

हाफ टाइम के बाद उरुग्वे ने पूरी तरह मैच का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। टीम ने लगातार सऊदी अरब के गोल पर हमले किए और कई बेहतरीन मौके बनाए।

मिडफील्ड और विंग्स से आ रहे हमलों ने सऊदी डिफेंस को लगातार व्यस्त रखा। उरुग्वे ने मैच के दौरान कुल 28 शॉट लगाए, जो उसकी आक्रामक मानसिकता को दर्शाता है।

हालांकि गोल हासिल करना आसान नहीं था, क्योंकि सऊदी गोलकीपर मोहम्मद अल ओवैस असाधारण फॉर्म में दिखाई दिए।

अल ओवैस बने सऊदी अरब की दीवार

सऊदी अरब के गोलकीपर मोहम्मद अल ओवैस मैच के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक रहे। उन्होंने पूरे मुकाबले में कई शानदार बचाव किए और अपनी टीम को लंबे समय तक बढ़त दिलाए रखी।

मैनचेस्टर यूनाइटेड के मिडफील्डर मैनुअल उगार्टे का एक खतरनाक शॉट उन्होंने पोस्ट की ओर मोड़ दिया। इसके अलावा कई नजदीकी प्रयासों को भी उन्होंने शानदार तरीके से रोका।

अल ओवैस ने कुल नौ महत्वपूर्ण बचाव किए और बार-बार उरुग्वे के खिलाड़ियों को निराश किया। यदि उनका प्रदर्शन इतना प्रभावशाली नहीं होता तो उरुग्वे कहीं पहले ही मुकाबले में वापसी कर सकता था।

मैक्सी अराउजो ने दिलाई राहत

लगातार हमलों के बाद उरुग्वे को आखिरकार 80वें मिनट के आसपास सफलता मिली। फेडेरिको विनास के हेडर को अल ओवैस ने बचाने की कोशिश की, लेकिन गेंद पूरी तरह दूर नहीं जा सकी।

रीबाउंड पर मौजूद मैक्सी अराउजो ने मौके का पूरा फायदा उठाया और गेंद को गोल में पहुंचाकर स्कोर 1-1 कर दिया।

यह गोल उरुग्वे के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। लंबे समय से दबाव बना रही टीम को आखिरकार बराबरी मिल गई और हार का खतरा टल गया।

अंतिम मिनटों में रोमांच

गोल के बाद दोनों टीमों ने जीत हासिल करने की कोशिश जारी रखी। उरुग्वे ने लगातार आक्रमण किए, जबकि सऊदी अरब ने जवाबी हमलों के जरिए अवसर तलाशे।

इंजरी टाइम में उरुग्वे के स्टार मिडफील्डर फेडेरिको वाल्वरडे ने लंबी दूरी से जोरदार शॉट लगाया, लेकिन अल ओवैस ने शानदार बचाव करते हुए गेंद को कॉर्नर के लिए बाहर भेज दिया।

यह बचाव सऊदी अरब के लिए किसी गोल के बराबर था और उसने टीम को कम से कम एक अंक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डार्विन नुनेज़ पर उठे सवाल

मुकाबले के बाद सबसे अधिक चर्चा डार्विन नुनेज़ के प्रदर्शन को लेकर हुई। 26 वर्षीय स्ट्राइकर हाल के महीनों में नियमित खेल समय की कमी से जूझ रहे हैं और इसका असर उनके खेल में भी दिखाई दिया।

उन्होंने पूरे पहले हाफ में केवल आठ बार गेंद को छुआ, जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के सबसे कम आंकड़ों में से एक है। नुनेज़ के बाहर जाने के बाद उरुग्वे का खेल अधिक तेज़ और प्रभावी दिखाई दिया।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले मुकाबले में कोच बिएल्सा उन्हें फिर से शुरुआती एकादश में मौका देते हैं या नहीं।

ग्रुप-एच की तस्वीर हुई दिलचस्प

इस ड्रॉ के बाद ग्रुप-एच में मुकाबला और रोमांचक हो गया है। सऊदी अरब ने साबित कर दिया कि वह किसी भी बड़े प्रतिद्वंद्वी को चुनौती देने की क्षमता रखता है, जबकि उरुग्वे ने कठिन परिस्थितियों में वापसी कर अपना अनुभव दिखाया।

अब सऊदी अरब का अगला मुकाबला स्पेन से होगा, जिसे टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार टीमों में गिना जा रहा है। वहीं उरुग्वे का सामना केप वर्डे से होगा, जिसने अपने पहले मैच में स्पेन को ड्रॉ पर रोककर सभी को चौंका दिया था।

विश्व कप के शुरुआती मुकाबलों ने यह संकेत दे दिया है कि इस बार कोई भी मैच आसान नहीं होने वाला और हर टीम को अंक हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगानी पड़ेगी।

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