उत्तराखंड में भारी बारिश से नदियां उफनीं, हरिद्वार के ग्रामीण इलाकों में दिखे मगरमच्छ

उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद हरिद्वार के ग्रामीण इलाकों में मगरमच्छ दिखाई दिए। रुड़की, कलियर और आसपास के गांवों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।

उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद हरिद्वार जिले की नदियों और गंगनहर का जलस्तर बढ़ गया है। इसके साथ मगरमच्छ आबादी के नजदीक दिखाई देने लगे हैं। रुड़की, कलियर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों में डर का माहौल है।

हरिद्वार: उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण सोलानी नदी समेत कई जलस्रोतों में तेज बहाव देखने को मिल रहा है। पानी बढ़ने के साथ मगरमच्छ अपने प्राकृतिक ठिकानों से निकलकर गंगनहर और आबादी के आसपास पहुंच रहे हैं। रुड़की, कलियर, धनौरी, कान्हापुर और शेरपुर समेत कई इलाकों में मगरमच्छ देखे जाने की सूचनाओं के बाद ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

भारी बारिश के बाद हरिद्वार में बढ़ी मगरमच्छों की चहलकदमी

उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी रहने के बीच हरिद्वार जिले के ग्रामीण इलाकों में मगरमच्छों की मौजूदगी चिंता का कारण बन गई है। पिछले कुछ समय में हुई भारी बारिश के कारण रुड़की क्षेत्र की सोलानी नदी समेत कई नदियों और जलस्रोतों में जलस्तर बढ़ा है।

तेज बहाव के बीच जलीय जीव अपने प्राकृतिक ठिकानों से बाहर निकलकर नए इलाकों तक पहुंच सकते हैं। इसी वजह से धनौरी, कलियर, रुड़की के सोलानी नदी से सटे क्षेत्रों, कान्हापुर और शेरपुर समेत कई जगहों पर मगरमच्छ दिखाई देने की सूचनाएं सामने आई हैं।

गंगनहर में मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में चिंता

रुड़की और कलियर के बीच गंगनहर में दो दिन पहले मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना के बाद आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। गंगनहर के किनारे ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की लगातार आवाजाही रहती है। लोग पशुओं को पानी पिलाने, खेतों में जाने और रोजमर्रा के काम के लिए अक्सर नदी या नहर के आसपास पहुंचते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान नदियों और नहरों का बहाव बढ़ने से मगरमच्छ तेज पानी के साथ दूसरे स्थानों तक पहुंच सकते हैं। पानी भरने और झाड़ियों में छिपने की वजह से ऐसे स्थानों पर इनकी मौजूदगी का पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है।

खेतों और आबादी के पास बढ़ा खतरा

सोलानी नदी और गंगनहर के आसपास कई गांवों की कृषि भूमि है। बारिश के दौरान खेतों और नदी किनारे के हिस्सों में जलभराव होने से ग्रामीणों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में झाड़ियों या पानी से भरे क्षेत्रों में मगरमच्छ छिपे होने की आशंका लोगों के लिए चिंता बढ़ा रही है।

धनौरी, कलियर और सोलानी नदी से जुड़े इलाकों के अलावा कान्हापुर और शेरपुर के आसपास भी मगरमच्छ दिखाई देने की बातें सामने आई हैं। ग्रामीणों ने आबादी के नजदीक दिखाई देने वाले मगरमच्छों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ने की मांग की है।

वन विभाग की निगरानी पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

मगरमच्छ दिखाई देने की सूचनाओं के बीच ग्रामीणों ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि संवेदनशील इलाकों में पहले से निगरानी बढ़ाने के साथ ग्रामीणों को भी जागरूक किया जाना चाहिए।

वन विभाग से नदी और गंगनहर के किनारे नियमित गश्त बढ़ाने, मगरमच्छों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों की पहचान करने और आबादी के नजदीक पहुंचने वाले मगरमच्छों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की मांग की गई है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ लोगों ने मगरमच्छों के वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किए हैं, ताकि संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर जाए।

आबादी में मगरमच्छ दिखे तो तुरंत सूचना देने की अपील

रुड़की वन विभाग रेंज के रेंजर महेंद्र गिरी के अनुसार जिन स्थानों पर मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना मिलती है, वहां वन विभाग की टीम निगरानी करती है और उसे पकड़ने का प्रयास किया जाता है। पानी के अंदर मगरमच्छ को पकड़ना मुश्किल होता है, इसलिए उसके आबादी वाले क्षेत्र में आने पर तुरंत विभाग को सूचना देना जरूरी है।

ग्रामीणों से नदी, गंगनहर और जलभराव वाले इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। विशेष रूप से बारिश के दौरान झाड़ियों और पानी के किनारे जाने से पहले आसपास की स्थिति को देखना जरूरी है।

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