उत्तराखंड में आज बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में मौसम बिगड़ा: कैलास मानसरोवर मार्ग बंद, बदरीनाथ हाईवे पर भी खतरा

उत्तराखंड में आज बारिश और भूस्खलन का खतरा है। कैलास मानसरोवर मार्ग बंद है, जबकि बदरीनाथ हाईवे पर बोल्डर और मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ।
उत्तराखंड में आज बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में मौसम बिगड़ा: कैलास मानसरोवर मार्ग बंद, बदरीनाथ हाईवे पर भी खतरा
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उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। पहाड़ी जिलों में बारिश के साथ भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। आज 27 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इसी बीच कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है, जबकि बदरीनाथ धाम जाने वाले हाईवे पर भी बारिश के कारण परेशानी बढ़ी है। मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी है।

चमोली जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाथी पहाड़ के पास भारी बोल्डर और मलबा आने से सड़क का करीब 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। लगातार बारिश के बीच सड़क धंसने की घटना से यातायात प्रभावित हुआ और बदरीनाथ धाम के साथ हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से सड़क को दोबारा सुचारु करने का काम शुरू कराया गया है।

मौसम की स्थिति को देखते हुए पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कई स्थानों पर बारिश के कारण सड़क पर मलबा और पत्थर आने की आशंका रहती है। ऐसे में यात्रियों को प्रशासन और स्थानीय पुलिस की ओर से जारी मार्ग संबंधी अपडेट के बाद ही आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है।

बदरीनाथ धाम क्षेत्र में भी आज मौसम ठंडा और बारिश वाला रहने का अनुमान है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बदरीनाथ में 27 अगस्त को न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। अगले कुछ दिनों में भी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहने का अनुमान है।

बारिश का असर केवल चमोली तक सीमित नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 अगस्त से 1 सितंबर के बीच उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों में मानसून फिर सक्रिय रह सकता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में बारिश, आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश होने पर भूस्खलन और अचानक सड़क बंद होने का खतरा बढ़ जाता है।

कैलास मानसरोवर मार्ग को लेकर भी यात्रियों के लिए चिंता की स्थिति बनी हुई है। उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में बारिश के कारण मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे रास्ते ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं और बारिश के दौरान यहां सड़क पर मलबा आने, चट्टान खिसकने या रास्ता क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।

कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए उत्तराखंड वाला मार्ग धारचूला, गुंजी और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से होकर आगे बढ़ता है। भारत सरकार की आधिकारिक यात्रा व्यवस्था में भी धारचूला से गुंजी के बीच सड़क मार्ग का उल्लेख है।

इस समय पहाड़ों में मौसम की अनिश्चितता यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। कुछ समय तक मौसम सामान्य रहने के बाद अचानक तेज बारिश शुरू हो सकती है। इसके कारण सड़क पर पत्थर गिरने या मलबा आने की घटनाएं सामने आती हैं। इसलिए किसी भी तीर्थयात्रा या पहाड़ी यात्रा पर निकलने से पहले संबंधित मार्ग की ताजा स्थिति जानना जरूरी है।

बदरीनाथ हाईवे पर हाथी पहाड़ के पास हुई घटना इसका ताजा उदाहरण है। भारी बोल्डर गिरने के साथ सड़क का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से वाहनों की आवाजाही रुक गई और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकना पड़ा। प्रशासन की ओर से सड़क को बहाल करने का काम किया जा रहा है।

बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर वाहन चलाने वाले लोगों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। सड़क पर पानी, कीचड़ और मलबे के कारण वाहन फिसल सकते हैं। वहीं पहाड़ से अचानक पत्थर गिरने की स्थिति में वाहन चालकों को प्रतिक्रिया देने का समय भी कम मिलता है। इसलिए खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर माना जाता है।

तीर्थयात्रियों के लिए भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। अगर किसी मार्ग को अस्थायी रूप से बंद किया गया है तो जबरन आगे बढ़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पहाड़ी इलाकों में सड़क बंद होने का कारण अक्सर केवल यातायात व्यवस्था नहीं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा होती है।

उत्तराखंड में इस समय चारधाम और अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी रहती है। बारिश के दौरान किसी भी मार्ग पर अचानक बदलाव होने से यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में यात्रियों को अपने साथ पर्याप्त जरूरी सामान रखने और रास्ते में मौसम की जानकारी लेते रहने की सलाह दी जाती है।

मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में आज बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, देहरादून, उत्तरकाशी, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल, चमोली और चंपावत जैसे इलाकों में बारिश-आंधी की चेतावनी बताई गई है।

बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी पहाड़ी क्षेत्रों में गंभीर हो सकता है। खुले स्थानों, ऊंचे इलाकों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। यात्रा के दौरान अगर मौसम अचानक खराब होता है तो सुरक्षित स्थान पर रुकना और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी है।

उत्तराखंड में बारिश का असर सड़क, बिजली और संचार व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। पहाड़ों में भूस्खलन के कारण सड़क कटने या यातायात बाधित होने की घटनाएं आम हैं। इसलिए किसी भी मार्ग पर लंबी यात्रा करने वाले लोगों को वैकल्पिक योजना के साथ निकलना चाहिए।

फिलहाल बदरीनाथ हाईवे की स्थिति लगातार निगरानी में है और क्षतिग्रस्त हिस्से को बहाल करने की कोशिश की जा रही है। वहीं कैलास मानसरोवर मार्ग पर भी मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए यात्रियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से मार्ग खुलने या बंद रहने की जानकारी के अनुसार ही यात्रा आगे बढ़ाना सुरक्षित होगा।

राज्य में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बदरीनाथ के लिए उपलब्ध सात दिन के पूर्वानुमान में भी 27 अगस्त के बाद बारिश और गरज-चमक वाले मौसम की संभावना बनी हुई है।

ऐसे में उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए सबसे जरूरी सलाह यही है कि मौसम को हल्के में न लें। पहाड़ों में कुछ किलोमीटर का रास्ता भी खराब मौसम में घंटों का सफर बन सकता है। सड़क बंद होने पर वाहन में फंसने की स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले हाईवे की ताजा स्थिति, मौसम विभाग का अलर्ट और स्थानीय प्रशासन के निर्देश जरूर देखना चाहिए।

कुल मिलाकर उत्तराखंड में आज मौसम बारिश वाला रहने की संभावना है और पहाड़ी जिलों में विशेष सावधानी की जरूरत है। कैलास मानसरोवर मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होने के साथ बदरीनाथ हाईवे पर भी भारी बारिश और भूस्खलन का असर देखने को मिल रहा है। बदरीनाथ क्षेत्र में आज तापमान 8 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। लगातार बारिश को देखते हुए यात्रियों को सुरक्षित यात्रा और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

 

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