वाराणसी में ₹17.98 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, 13 राज्यों में फैले नेटवर्क के तीन आरोपी गिरफ्तार

वाराणसी पुलिस ने ₹17.98 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। नेटवर्क 13 राज्यों में सक्रिय था।

वाराणसी पुलिस ने 13 राज्यों में करीब ₹17.98 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़े गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का आरोप है। पुलिस अब गिरोह के फरार मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

वाराणसी: वाराणसी पुलिस की साइबर सेल और शिवपुर थाना पुलिस ने देश के 13 राज्यों में करीब ₹17.98 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंक खाते खुलवाकर उनसे जुड़े दस्तावेज और एटीएम कार्ड साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे, जिनका इस्तेमाल करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी में किया जाता था।

बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों तक पहुंचाए जाते थे दस्तावेज

वाराणसी पुलिस के अनुसार, साइबर सेल को बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में संदिग्ध लेनदेन की सूचना मिली थी। इसके बाद बैंक के सहयोग से खाते की जांच की गई, जिसमें साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन के संकेत मिले। जांच के दौरान यह खाता युवराज श्रीवास्तव के नाम पर पाया गया। पूछताछ के बाद पुलिस को एक संगठित साइबर गिरोह की गतिविधियों की जानकारी मिली।

इसके बाद साइबर सेल और शिवपुर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मयंक केशरी, हर्ष जायसवाल और युवराज श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरोह का एक अन्य सदस्य ध्रुव कमल फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह का एक सदस्य लोगों को ₹5,000 का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इसके बाद खाते से जुड़े सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और एटीएम कार्ड दूसरे सदस्य को सौंप दिए जाते थे, जो इन्हें आगे साइबर गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचाता था।

13 राज्यों में फैला था नेटवर्क, करोड़ों की साइबर ठगी

पुलिस के अनुसार, इन बैंक खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। जांच में सामने आया है कि हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, केरल और ओडिशा सहित 13 राज्यों में साइबर ठगी के मामलों से यह नेटवर्क जुड़ा हुआ था।

पुलिस के मुताबिक, इन राज्यों के 18 से अधिक बैंक खातों से कुल ₹17,98,98,429 की धोखाधड़ी की गई। इनमें अकेले उत्तर प्रदेश के दो खातों से लगभग ₹3.01 करोड़ और महाराष्ट्र के एक खाते से करीब ₹2.13 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी की राशि अलग-अलग समय पर वाराणसी स्थित बैंक खातों में पहुंचाई गई और वहां से आगे अन्य खातों में ट्रांसफर की गई।

फरार मास्टरमाइंड की तलाश जारी

पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपी इस नेटवर्क की शुरुआती कड़ी थे, जबकि असली मास्टरमाइंड और विदेशी साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के सदस्य बैंकिंग प्रणाली का दुरुपयोग कर साइबर अपराधियों को फर्जी या किराये के बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिससे ठगी की रकम को आसानी से इधर-उधर किया जा सके।

पुलिस उपायुक्त नीतू ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ शिवपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है। साथ ही गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह नेटवर्क अन्य साइबर ठगी के मामलों में भी शामिल रहा है।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध नहीं कराना चाहिए। ऐसे मामलों में अनजाने में भी सहयोग करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने लोगों से साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है।

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