Vedanta Limited अगले महीने डिमर्जर के तहत पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बंट जाएगी। मुख्य कंपनी बेस मेटल्स पर फोकस करेगी, जबकि नई कंपनियां एल्यूमिनियम, स्टील, पावर और एनर्जी क्षेत्र में सक्रिय रहेंगी। निवेशकों को बेहतर अवसर मिलेंगे।
Business News: भारत की प्रमुख कंपनी Vedanta Limited अगले महीने डिमर्जर के तहत पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बंटने जा रही है। कंपनी का यह कदम कर्ज घटाने और बाजार में वैल्यू बढ़ाने की दिशा में उठाया जा रहा है। Financial Times की रिपोर्ट के अनुसार Vedanta के चेयरमैन Anil Agarwal ने इस योजना की पुष्टि की है। यह कदम कंपनी के वर्षों से चल रहे पुनर्गठन कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य कर्ज कम करना और निवेशकों के लिए मूल्य सृजन बढ़ाना है।
डिमर्जर की मंजूरी
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, Vedanta Limited का यह विभाजन दिसंबर 2025 में एक ट्रिब्यूनल से मंजूरी प्राप्त कर चुका है। डिमर्जर के बाद कंपनी का मुख्य ढांचा Vedanta Limited के नाम से जारी रहेगा, जिसमें बेस मेटल्स का कारोबार शामिल होगा। इसके अलावा चार नई कंपनियां बनाई जाएंगी, जिनमें Vedanta Aluminium, Talwandi Sabo Power, Vedanta Steel and Iron और Malco Energy शामिल हैं।
Anil Agarwal के अनुसार, इन पांचों कंपनियों का कुल बाजार मूल्य मौजूदा करीब 27 अरब डॉलर के मूल्यांकन से काफी अधिक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके नियंत्रण वाली एक निजी होल्डिंग कंपनी इन नई कंपनियों में लगभग आधी हिस्सेदारी बनाए रखेगी। इसका मतलब है कि Anil Agarwal अपने नियंत्रण को मजबूत रखते हुए नई कंपनियों के विकास को देखेंगे।
डिमर्जर की पृष्ठभूमि
Vedanta Limited ने पहली बार यह डिमर्जर योजना 2023 में प्रस्तावित की थी। उस समय सरकार ने यह चिंता जताई थी कि इससे कंपनी पर बकाया वसूली प्रभावित हो सकती है। हालांकि, कंपनी ने अपने वित्तीय ढांचे और कर्ज पुनर्गठन के कदमों के साथ इस योजना को मजबूत किया और अब यह योजना अगले महीने लागू होने जा रही है।
कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी अजय गोयल ने जनवरी में कहा था कि डिमर्जर के तहत बनने वाली चार नई कंपनियों को भारतीय शेयर बाजार में मई के मध्य तक लिस्ट करने की योजना है। इसका उद्देश्य निवेशकों को नए अवसर देना और कंपनी की वैल्यू को बढ़ाना है।
नई कंपनियों की जानकारी
डिमर्जर के बाद Vedanta Limited का मुख्य ढांचा बेस मेटल्स के कारोबार पर केंद्रित रहेगा। नई कंपनियों में Vedanta Aluminium, Talwandi Sabo Power, Vedanta Steel and Iron और Malco Energy शामिल हैं। इन कंपनियों के अलग होने से प्रत्येक यूनिट अपने व्यवसायिक क्षेत्र में अधिक फोकस के साथ काम कर सकेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से न केवल कर्ज कम होगा बल्कि निवेशकों को भी बेहतर वैल्यू मिलेगा। कंपनियों का अलग होना बाजार में नई संभावनाएं पैदा करेगा और शेयरधारकों के लिए विकल्प बढ़ाएगा। निवेशक इन नई लिस्टेड कंपनियों में निवेश कर अपनी पोर्टफोलियो विविधता बढ़ा सकते हैं।








