पटना-बिहार के वीरपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड बनाने के लिए विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें पहचान से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
शिविर के दौरान कुल सात दिव्यांगजनों का पंजीकरण किया गया। चिकित्सा टीम ने सभी आवेदकों की जांच कर उनकी दिव्यांगता का आकलन किया और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद UDID कार्ड जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
इस कार्ड के माध्यम से दिव्यांगजन विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे। उन्हें पेंशन, इलाज, शिक्षा और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, यह कार्ड एक यूनिक पहचान के रूप में काम करेगा, जिससे उन्हें बार-बार प्रमाण पत्र दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
शिविर में मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को UDID कार्ड के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कार्ड दिव्यांगजनों के लिए बेहद उपयोगी है और इसके जरिए उन्हें कई सुविधाएं मिल सकती हैं।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे शिविरों के जरिए जरूरतमंद लोगों को काफी मदद मिलती है। कई ऐसे लोग भी सामने आए, जिन्हें पहले इन योजनाओं की जानकारी नहीं थी, लेकिन अब वे इसका लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन इस योजना का लाभ उठा सकें। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस सुविधा से वंचित न रहे।
कुल मिलाकर, वीरपुर PHC में आयोजित यह शिविर दिव्यांगजनों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सकेगा।











