उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट विधानसभा में पेश किया। बजट में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, गरीबी उन्मूलन, कृषि और उद्योग विस्तार, युवाओं के कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया।
लखनऊ: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी कि कृषि उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए उन्हें प्रशिक्षण देने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इसके अलावा, प्रदेश में एग्री एक्सपोर्ट हब बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाखों किसानों को लाभ पहुंचाया गया है, और हमारी सरकार ने गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान भी किया है।
मुख्य आंकड़े और उपलब्धियां
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वर्ष 2024-25 में यूपी का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 30.25 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपए तक पहुंच चुकी है, जबकि 2025-26 में यह बढ़कर 1,20,000 रुपए होने का अनुमान है।
बजट पेश करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफलता मिली है। इसके साथ ही बेरोजगारी दर 2.24 प्रतिशत रह गई है।
बजट का आकार और प्रमुख घोषणाएं
इस बार का बजट 9,12,696 करोड़ रुपए का है, जो पिछले बजट की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। मुख्य घोषणाओं में शामिल हैं:
- एग्री-एक्सपोर्ट हब: विश्व बैंक की सहायता से एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना।
- ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट: अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हुए हैं, जिससे 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना।
- औद्योगिक निवेश: 15 लाख करोड़ रुपए के निवेश पर 16 हजार से अधिक परियोजनाओं का ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुका है।
- मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग: उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादन केंद्र है; देश के कुल उत्पादन का 65 प्रतिशत यूपी में होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में प्रदेश की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत और निर्यात 44,744 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
- स्टार्टअप और नवाचार: उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ, प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर श्रेणी’ मिली।
कृषि और किसानों के लिए पहल
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बजट में कृषि क्षेत्र को प्रमुखता दी गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाखों किसानों को लाभ मिला है। सरकार ने रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया है और एग्री-एक्सपोर्ट हब के माध्यम से कृषि निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना और निवेश:
- पार्वती, कालीसिंध, चंबल, केन-बेतवा और ताप्ती रिवर लिंक परियोजनाओं के माध्यम से 16 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त कृषि भूमि सिंचित होगी।
- प्रदेश में अन्न, सरसों और चना अनुसंधान केंद्रों की स्थापना।
- किसानों को सोलर पंप और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी।
युवाओं और कौशल विकास पर जोर
फाइनेंस मंत्री ने युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता बताया। इसके तहत:
- बड़े पैमाने पर कौशल प्रशिक्षण और जॉब प्लेसमेंट केंद्र खोले जाएंगे।
- निजी क्षेत्र की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए PPP मोड अपनाया जाएगा।
- महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने हेतु विशेष महिला केंद्र बनाए जाएंगे।
- पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य और अवस्थापना, महिला सशक्तिकरण और अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। SDG इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंक 29वें स्थान से 18वें स्थान तक सुधार हुई है।








