भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए झटका, H1B Visa पर अमेरिका का सख्त रुख

अमेरिका में H1B वीजा को खत्म करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। रिपब्लिकन सांसद ग्रेग स्ट्यूबी के EXILE एक्ट से भारतीय प्रोफेशनल्स पर बड़ा असर पड़ सकता है।

अमेरिका में H1B वीजा को लेकर खतरा बढ़ गया है। रिपब्लिकन सांसद ग्रेग स्ट्यूबी ने EXILE एक्ट पेश कर इस प्रोग्राम को 2027 से पूरी तरह खत्म करने का प्रस्ताव दिया है। इससे भारतीय प्रोफेशनल्स पर सीधा असर पड़ सकता है।

H1B Visa: अमेरिका में नौकरी करने का सपना देख रहे लाखों विदेशी कामगारों के लिए एक चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। खासतौर पर भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए यह मामला बेहद अहम बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सांसद ग्रेग स्ट्यूबी ने H1B वीजा प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करने से जुड़ा एक नया विधेयक पेश किया है। इस प्रस्ताव का नाम एंडिंग एक्सप्लॉइटेटिव इम्पोर्टेड लेबर एग्जेम्प्शन यानी EXILE एक्ट रखा गया है।

क्या है EXILE Act

ग्रेग स्ट्यूबी द्वारा पेश किए गए EXILE एक्ट के तहत इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। इस संशोधन के जरिए सेक्शन 214(g)(1)(A) में बदलाव कर H1B वीजा प्रोग्राम को समाप्त करने की योजना है। विधेयक में साफ तौर पर कहा गया है कि वित्त वर्ष 2027 से हर साल जारी होने वाले H1B वीजा की संख्या शून्य कर दी जाएगी। इसका मतलब है कि अगर यह प्रस्ताव कानून बन जाता है, तो अमेरिका में H1B वीजा के तहत नई भर्तियां पूरी तरह बंद हो सकती हैं।

सांसद ग्रेग स्ट्यूबी का तर्क

ग्रेग स्ट्यूबी का कहना है कि H1B वीजा योजना अमेरिकी नागरिकों के हितों के खिलाफ काम कर रही है। उनके मुताबिक यह प्रोग्राम अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कामगारों को प्राथमिकता देने का मौका देता है, जिससे स्थानीय लोगों को नुकसान होता है। उन्होंने दावा किया कि इस सिस्टम के कारण अमेरिकी कर्मचारियों को अच्छी सैलरी वाली नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है और वेतन स्तर पर भी दबाव पड़ा है।

सोशल मीडिया पर खुला बयान

ग्रेग स्ट्यूबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए साफ कहा कि वह H1B वीजा प्रोग्राम को खत्म करने के लिए विधेयक पेश कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि लंबे समय से अमेरिकी कामगारों का शोषण किया जा रहा है। कंपनियां सस्ते विदेशी कामगारों को लाकर अपने मुनाफे के लिए सिस्टम का दुरुपयोग कर रही हैं। इसका सीधा असर अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों और वेतन पर पड़ा है।

प्रेस रिलीज में क्या कहा गया

भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए झटका, H1B Visa पर अमेरिका का सख्त रुख

ग्रेग स्ट्यूबी के कार्यालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि EXILE एक्ट का मकसद उन चिंताओं को दूर करना है, जिनमें यह माना जाता है कि H1B वीजा प्रोग्राम अमेरिकी नागरिकों की भलाई और समृद्धि के बजाय विदेशी कामगारों को प्राथमिकता देता है। प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह स्थिति अमेरिका के मूल्यों और राष्ट्रीय हितों को कमजोर करती है। इसमें यह भी दावा किया गया कि H1B वीजा की वजह से अमेरिकी कर्मचारी और युवा लगातार विस्थापित हो रहे हैं।

विधेयक में दिए गए आंकड़े

प्रेस रिलीज में कुछ उदाहरण भी दिए गए हैं। इसके अनुसार H1B वीजा प्रोग्राम के तहत 5000 विदेशी डॉक्टरों को अमेरिका में बुलाया गया, जबकि इसके चलते 10 हजार से ज्यादा अमेरिकी फिजिशियन रेजीडेंसी प्रोग्राम में प्रवेश से वंचित रह गए। इसी तरह यह भी कहा गया कि पिछले साल माइक्रोसॉफ्ट में 16 हजार से अधिक अमेरिकी कर्मचारियों को हटाया गया, जबकि 9 हजार विदेशी कामगारों को नौकरी दी गई। इसके अलावा डिजनी का भी उदाहरण दिया गया, जहां साल 2015 में 250 अमेरिकी कर्मचारियों को हटाकर विदेशी कामगारों को रखा गया।

भारतीयों के लिए क्यों बड़ा झटका

यह विधेयक भारतीय नागरिकों के लिए सबसे ज्यादा चिंता का विषय बन गया है। भारत से बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स H1B वीजा के जरिए अमेरिका में काम करते हैं। इंजीनियरिंग, मेडिकल, फाइनेंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारतीयों की मौजूदगी काफी मजबूत है। H1B वीजा अमेरिका का एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा है, जिसके तहत अमेरिकी कंपनियों को विशेष क्षेत्रों में विदेशी टैलेंट को हायर करने की अनुमति मिलती है।

H1B होल्डर्स में भारतीयों की हिस्सेदारी

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार H1B वीजा धारकों में करीब 70 प्रतिशत भारतीय हैं। इनमें बड़ी संख्या युवा प्रोफेशनल्स की है, जो बेहतर करियर और ग्लोबल एक्सपोजर के लिए अमेरिका जाते हैं। ऐसे में अगर H1B वीजा प्रोग्राम को खत्म करने का प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो इसका सीधा असर भारतीय युवाओं और आईटी सेक्टर पर पड़ेगा।

अभी कानून नहीं बना है प्रस्ताव

हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि EXILE एक्ट अभी केवल प्रस्तावित विधेयक है। इसे फिलहाल अमेरिकी संसद के लोअर हाउस यानी प्रतिनिधिसभा में पेश किया गया है। अभी इस पर न तो विस्तृत बहस हुई है और न ही मतदान। अगला कदम यह होगा कि विधेयक को H1B वीजा प्रोग्राम से जुड़ी हाउस कमेटी के पास भेजा जाएगा।

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