एक्ट्रेस और एंटरप्रेन्योर वाहबिज दोराबजी अपनी बात कहने में कभी हिचकिचाती नहीं हैं। चाहे वह प्यार, पैसे या दिल टूटने के बाद की जिंदगी हो, उन्होंने हर मुद्दे पर खुलकर अपनी राय दी है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: एक्ट्रेस और एंटरप्रेन्योर वाहबिज दोराबजी (Vahbiz Dorabjee) ने हाल ही में अपने निजी अनुभव साझा करते हुए महिलाओं और पुरुषों के बीच रिश्तों और आर्थिक असमानता पर खुलकर बात की। वाहबिज ने अपने इंटरव्यू में कहा कि अक्सर जब कोई रिश्ता टूटता है, तो महिलाओं को ‘गोल्ड डिगर’ कहकर आरोपित किया जाता है, जबकि असलियत इससे बिल्कुल अलग होती है।
वाहबिज की शादी विवियन डीसेना से साल 2013 में हुई थी, लेकिन साल 2021 में दोनों का तलाक हो गया। इस दौरान उन्होंने न केवल अपनी पर्सनल लाइफ की चुनौतियों पर बात की, बल्कि महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और स्थिरता के महत्व के बारे में भी संदेश दिया।
महिलाओं को 'गोल्ड डिगर' क्यों कहा जाता है?
इंटरव्यू के दौरान वाहबिज ने कहा कि जब महिलाएं शादी करती हैं, तो उनका सबसे बड़ा लक्ष्य स्थिरता और सुरक्षा होता है। वह सवाल उठाती हैं कि अगर किसी महिला को सुरक्षित और स्थिर पार्टनर चाहिए, तो उसे ‘गोल्ड डिगर’ कैसे कहा जा सकता है? वाहबिज का कहना है, आज की महिलाएं खुद कमाती हैं और बराबरी से योगदान देती हैं। इसमें कोई गलत नहीं है। अगर पुरुष सोचते हैं कि कोई महिला स्थिरता चाहती है तो वह केवल पैसे के लिए है, तो उन्हें वास्तव में इस शब्द का अर्थ समझने की जरूरत है।
उनकी राय में, महिलाओं की वित्तीय समझ और आत्मनिर्भरता को नकारा नहीं जा सकता। वह यह भी स्पष्ट करती हैं कि महिलाएं केवल अपने भविष्य और सुरक्षा के लिए निर्णय लेती हैं, न कि किसी को आर्थिक लाभ देने के लिए।
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पुरुषों की ट्रिक और चेतावनी
वाहबिज ने अपने अनुभवों से महिलाओं को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि कई पुरुष महिलाओं के पृष्ठभूमि और कमाई क्षमता को देखकर उन्हें इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं. उन्होंने बताया, कुछ पुरुष विक्टिम का रोल निभाते हैं और कहते हैं, ‘मेरे पास ये नहीं है, वो नहीं है, क्या तुम मुझे पैसे उधार दे सकती हो?’ यह बहुत खतरनाक हो सकता है। मुझे ऐसे पुरुषों का सामना करना पड़ा, जो इतने लालची थे कि मुझे सख्त कदम उठाने पड़े। मेरा इमोशनली फायदा उठाने की कोशिश की गई।
वाहबिज ने आगे कहा कि उन्होंने शुरुआती मदद दी, लेकिन जैसे ही उन्हें लगा कि उनका इमोशनल फायदा लिया जा रहा है, उन्होंने दूरी बनाना और सख्त रवैया अपनाना उचित समझा।
महिलाओं के लिए प्रेरक संदेश
वाहबिज ने यह भी साझा किया कि आर्थिक तंगी ने उन्हें जीवन और पैसों की वास्तविक कीमत सिखाई। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनना चाहिए, बल्कि अपने फैसलों में सशक्त भी रहना चाहिए। पैसे की कमी और रिश्तों में भरोसे का खेल आपको मजबूत बनाता है। महिलाओं को समझना होगा कि आर्थिक सुरक्षा केवल स्वाभाविक अधिकार है, इसे किसी 'गोल्ड डिगर' टैग से जोड़ना अनुचित है।
वाहबिज ने अंत में सभी महिलाओं को सलाह दी कि वे अपने वित्तीय और भावनात्मक निर्णयों में सशक्त और जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को किसी भी रिश्ते में केवल प्यार और भरोसे के आधार पर निर्णय लेने चाहिए, लेकिन साथ ही अपने आर्थिक हितों और सुरक्षा के लिए भी सतर्क रहना जरूरी है।








