वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम का भारत में भव्य स्वागत, भारत-वियतनाम रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत दिया गया। भारत-वियतनाम रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर दोनों देशों के बीच अहम चर्चा होगी।

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका अभिनंदन किया। यह दौरा भारत-वियतनाम रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने और सहयोग बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

नई दिल्ली: वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम (To Lam) का बुधवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक और भव्य स्वागत किया गया। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों की झलक भी देखने को मिली।

राष्ट्रपति तो लाम के स्वागत के लिए पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने भारतीय तिरंगा और वियतनाम का राष्ट्रीय ध्वज लहराकर उनका अभिनंदन किया। यह यात्रा भारत और वियतनाम के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राष्ट्रपति बनने के बाद तो लाम की पहली भारत यात्रा

तो लाम हाल ही में वियतनाम के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं और यह उनकी पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। वह वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव भी हैं।

उनकी यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और वियतनाम अपनी “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” (Comprehensive Strategic Partnership) के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। दोनों देशों ने 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान इस साझेदारी को नए स्तर पर पहुंचाया था।

बोधगया से शुरू हुई भारत यात्रा

भारत पहुंचने के बाद राष्ट्रपति तो लाम सबसे पहले बिहार के गया पहुंचे, जहां बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की।

महाबोधि मंदिर बौद्ध धर्म का एक महत्वपूर्ण वैश्विक केंद्र है और वियतनाम सहित दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस धार्मिक यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत करना भी है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात

दिल्ली पहुंचने के बाद राष्ट्रपति तो लाम ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक, सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को लेकर चर्चा हुई।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने:

  • व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने
  • रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने
  • क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर समन्वय
  • आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग
  • जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू से अहम बैठक

राष्ट्रपति तो लाम अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, निवेश और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

इसके अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी वियतनामी राष्ट्रपति से अलग से मुलाकात करेंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत-वियतनाम संबंधों को नई दिशा दे सकती है, खासकर ऐसे समय में जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र वैश्विक राजनीति और व्यापार का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

भारत-वियतनाम संबंध क्यों हैं महत्वपूर्ण?

भारत और वियतनाम के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। पिछले एक दशक में दोनों देशों ने:

  • रक्षा सहयोग बढ़ाया
  • समुद्री सुरक्षा पर साझेदारी मजबूत की
  • व्यापार और निवेश में विस्तार किया
  • और क्षेत्रीय स्थिरता पर साझा रणनीति विकसित की

भारत वियतनाम को दक्षिण-पूर्व एशिया में अपना महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार मानता है।

इंडो-पैसिफिक रणनीति में बढ़ता सहयोग

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत और वियतनाम का सहयोग और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, मुक्त व्यापार मार्गों और क्षेत्रीय स्थिरता के पक्षधर हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार:

भारत और वियतनाम दक्षिण चीन सागर में नियम-आधारित व्यवस्था का समर्थन करते हैं

  • दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ा है
  • रक्षा तकनीक और प्रशिक्षण में भी साझेदारी मजबूत हो रही है
  • मुंबई दौरे पर भी रहेंगे राष्ट्रपति तो लाम
  • नई दिल्ली के अलावा राष्ट्रपति तो लाम मुंबई का भी दौरा करेंगे। वहां वे:
  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का दौरा करेंगे
  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात करेंगे

बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे

यह कार्यक्रम भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक सहयोग और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

व्यापार और निवेश पर फोकस

भारत और वियतनाम के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों ने आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को और विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है।
वर्तमान में दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हैं:

  • फार्मास्युटिकल्स
  • आईटी और डिजिटल टेक्नोलॉजी
  • कृषि
  • ऊर्जा
  • रक्षा उत्पादन
  • समुद्री व्यापार

व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति तो लाम की यात्रा नए निवेश समझौतों और कारोबारी सहयोग को गति दे सकती है।

सांस्कृतिक और सभ्यतागत जुड़ाव

भारत और वियतनाम के रिश्ते केवल राजनीति और व्यापार तक सीमित नहीं हैं। बौद्ध धर्म और प्राचीन सांस्कृतिक संबंध दोनों देशों को ऐतिहासिक रूप से जोड़ते हैं।
बोधगया की यात्रा इसी सांस्कृतिक संबंध का प्रतीक मानी जा रही है।

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