उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रभावित परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। हादसे के बाद अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती नए सिरे से जीवन शुरू करने की है। कई परिवार अब भी सदमे में हैं और अपने उजड़े आशियाने को देखकर भावुक हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती सात लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। हालांकि शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के बावजूद मानसिक आघात अब भी उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा है।
घटना के बाद कई घरों पर ताले लगे हुए हैं। कुछ परिवार रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं, जबकि कुछ लोग अस्थायी जगहों पर रहने को मजबूर हैं। जले हुए मकानों और राख में बदले सामान को देखकर लोग टूट चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आग ने सिर्फ घर नहीं जलाए, बल्कि लोगों की वर्षों की मेहनत और यादों को भी राख कर दिया। कई परिवारों के जरूरी दस्तावेज, घरेलू सामान और बचत तक इस हादसे में खत्म हो गई।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि अब उन्हें जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ेगा। बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और रहने की व्यवस्था जैसे कई सवाल उनके सामने खड़े हैं।











