वार्ड-54 बाहर से पॉश, अंदर देखिए कैसे जी रहे लोग: आवास विकास विनायकपुर में करंट के खतरे से जूझ रहे बाशिंदे

आवास विकास विनायकपुर के वार्ड-54 में लोग बिजली के पोल और तारों से करंट के खतरे के बीच रह रहे हैं। निवासियों ने पोल हटाने की मांग की है।
वार्ड-54 बाहर से पॉश, अंदर देखिए कैसे जी रहे लोग: आवास विकास विनायकपुर में करंट के खतरे से जूझ रहे बाशिंदे
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कानपुर। शहर के वार्ड-54 स्थित आवास विकास विनायकपुर को बाहर से देखने पर यह एक व्यवस्थित और पॉश इलाका नजर आता है, लेकिन अंदर की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां करती है। यहां रहने वाले लोग लंबे समय से बिजली के पोल और लटकते तारों से करंट लगने के खतरे के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और बिजली विभाग से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

इलाके के लोगों का कहना है कि कई बिजली के पोल घरों के बेहद करीब हैं, जबकि कुछ स्थानों पर बिजली के तार नीचे झूल रहे हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों को डर रहता है कि कहीं किसी हादसे में जान-माल का नुकसान न हो जाए।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह समस्या सबसे ज्यादा खतरनाक है। कई बार बारिश के दौरान बिजली के पोलों में करंट उतरने की आशंका बनी रहती है। लोगों का कहना है कि वे हमेशा भय के माहौल में रहते हैं और बच्चों को घर से बाहर खेलने भेजने में भी डर लगता है।

एक निवासी ने कहा, "बाहर से कॉलोनी काफी अच्छी दिखती है, लेकिन अंदर रहने वाले लोग रोज डर के साये में जी रहे हैं। बिजली के पोल हटाए जाने चाहिए और तारों को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित किया जाना चाहिए।"

लोगों का आरोप है कि उन्होंने बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी हैं, लेकिन कार्रवाई केवल आश्वासन तक सीमित रही। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को पहले ही जरूरी कदम उठाने चाहिए।

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि कॉलोनी में लगे पुराने और खतरनाक पोलों को हटाया जाए, बिजली के तारों को भूमिगत किया जाए या उन्हें सुरक्षित ऊंचाई पर व्यवस्थित किया जाए। साथ ही, नियमित निरीक्षण कर बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने की भी मांग की गई है।

बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी स्थान पर सुरक्षा संबंधी खतरा है, तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग को मिली शिकायतों की समीक्षा की जा रही है और तकनीकी टीम को मौके पर भेजा जा सकता है।

फिलहाल वार्ड-54 के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी समस्या का जल्द समाधान होगा। उनका कहना है कि एक पॉश कॉलोनी की पहचान सिर्फ चौड़ी सड़कों और बड़े मकानों से नहीं होती, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से होती है। अब देखना होगा कि प्रशासन और बिजली विभाग इस मुद्दे पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।

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