भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मौसम से जुड़ी मौजूदा परिस्थितियों को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से निगरानी की जा रही है।
Weather Alert: सितंबर के आखिरी दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तटीय आंध्र प्रदेश में 22 से 24 सितंबर के बीच भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ सकता है। IMD ने पहले ही इस सिस्टम के विकसित होने और आगे बढ़ने को लेकर निगरानी शुरू कर दी थी।
तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के ताजा उप-विभागीय चेतावनी बुलेटिन में तटीय आंध्र प्रदेश के लिए 20 से 24 सितंबर के बीच लगातार मौसम संबंधी चेतावनियां जारी की गई हैं। 22 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23-24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज सतही हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी गई है।
इस मौसम प्रणाली का असर केवल बारिश तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। समुद्र के आसपास तेज हवाएं चल सकती हैं, इसलिए मछुआरों और समुद्र से जुड़े अन्य लोगों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की आवश्यकता होगी।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बढ़ेगी मौसम की गतिविधि

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम के चलते दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौसम सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है। IMD के अनुसार, सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना के कारण इन क्षेत्रों में बारिश और हवाओं की गतिविधि बढ़ सकती है। ऐसे मौसम में निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने और बिजली गिरने जैसी मौसमी घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। लोगों को स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
छत्तीसगढ़, तेलंगाना और विदर्भ में भी असर
मौसम प्रणाली का प्रभाव आंतरिक इलाकों तक पहुंचने की संभावना है। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है, जबकि विदर्भ में भी कुछ इलाकों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। रेयालसीमा के लिए भी IMD ने 21 से 23 सितंबर के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। 20 सितंबर के बुलेटिन में यहां 20 सितंबर को भारी बारिश और 22-23 सितंबर को आंधी-तूफान तथा तेज हवाओं की संभावना दर्ज की गई है।
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और सिक्किम सहित पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण क्षेत्रीय स्तर पर बारिश की तीव्रता में उतार-चढ़ाव संभव है। बिहार और गंगीय पश्चिम बंगाल में भी इस अवधि के दौरान बारिश होने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
अल नीनो को लेकर क्या है स्थिति?
प्रशांत महासागर में El Niño की स्थिति भी वैश्विक मौसम व्यवस्था को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण जलवायु कारक है। हालांकि, किसी एक मौसम प्रणाली से भारत में सूखा या अकाल जैसी स्थिति बनने का सीधा निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। भारत में बारिश पर अल नीनो के साथ-साथ हिंद महासागर की परिस्थितियों, मानसूनी परिसंचरण और अन्य क्षेत्रीय मौसम प्रणालियों का भी प्रभाव पड़ता है। इसलिए वर्तमान स्थिति में भारत के लिए तत्काल चिंता का प्रमुख विषय सक्रिय निम्न दबाव प्रणाली और उससे जुड़े भारी बारिश तथा तेज हवाओं के अलर्ट हैं।











