वेल्सपन कॉर्प के शेयरों में शुक्रवार को 13% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। कंपनी को अपनी अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से पाइप सप्लाई करने के लिए 1.8 अरब डॉलर यानी करीब 17,231 करोड़ रुपये का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
बिजनेस न्यूज़: वेल्सपन कॉर्प के शेयरों में शुक्रवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी को उसकी अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के जरिए 1.8 अरब डॉलर यानी करीब 17,231 करोड़ रुपये का पाइप सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर बताया जा रहा है। बड़े ऑर्डर की खबर सामने आते ही निवेशकों ने वेल्सपन कॉर्प के शेयरों में जमकर खरीदारी की और स्टॉक शुरुआती कारोबार में 13 फीसदी से अधिक चढ़ गया।
कंपनी के चेयरमैन बालकृष्ण गोयनका हैं। नए कॉन्ट्रैक्ट से न सिर्फ वेल्सपन कॉर्प की ऑर्डर बुक मजबूत हुई है, बल्कि आने वाले वर्षों में कंपनी के रेवेन्यू विजिबिलिटी को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
1.8 अरब डॉलर का मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट
वेल्सपन कॉर्प ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसकी अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को पाइप सप्लाई से जुड़ा 1.8 अरब डॉलर का ऑर्डर मिला है। कंपनी के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर है। शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में NSE पर Welspun Corp Share Price 13.45 फीसदी की तेजी के साथ 2,286.40 रुपये पर कारोबार करता नजर आया।
हालांकि, शेयर बाजार में कीमतें लगातार बदलती रहती हैं और शुरुआती तेजी पूरे कारोबारी सत्र में बनी रहे, यह जरूरी नहीं है। कंपनी ने ऑर्डर देने वाले ग्राहक का नाम, पाइप की मात्रा और उनके प्रकार से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
2028 और 2029 तक पूरा होगा ऑर्डर

वेल्सपन कॉर्प के मुताबिक, इस कॉन्ट्रैक्ट को मार्च 2028 और मार्च 2029 में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्षों के दौरान पूरा किया जाना है। यानी कंपनी के पास अगले कई वर्षों तक इस ऑर्डर से जुड़े काम और संभावित आय का मजबूत आधार रहेगा। कंपनी ने कहा कि इस बड़े कॉन्ट्रैक्ट से उसकी ऑर्डर बुक को मजबूती मिलेगी और कई वर्षों तक कारोबार की विजिबिलिटी बेहतर होगी। साथ ही, यह ऑर्डर कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, उत्पाद गुणवत्ता और बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की क्षमता को भी दर्शाता है।
रिकॉर्ड 4.4 अरब डॉलर पहुंची ऑर्डर बुक
नए 1.8 अरब डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट के बाद वेल्सपन कॉर्प की ग्लोबल ऑर्डर बुक बढ़कर करीब 4.4 अरब डॉलर हो गई है। किसी कंपनी के लिए बड़ी ऑर्डर बुक भविष्य के कारोबार की संभावनाओं को समझने में एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है। हालांकि, ऑर्डर बुक का बड़ा होना भविष्य में निश्चित मुनाफे की गारंटी नहीं देता। इसके बावजूद यह कंपनी के कारोबार और रेवेन्यू विजिबिलिटी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
अमेरिका कंपनी के लिए अहम बाजार
वेल्सपन कॉर्प के कारोबार में अमेरिका की महत्वपूर्ण भूमिका है। मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान अमेरिका से कंपनी को कुल राजस्व का करीब 27.2 फीसदी हिस्सा मिला था। भारत की हिस्सेदारी 71.7 फीसदी रही, जबकि अन्य विदेशी बाजारों का योगदान करीब 1.1 फीसदी था। नए बड़े अमेरिकी ऑर्डर से कंपनी की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी और खासतौर पर अमेरिकी बाजार में उसकी स्थिति को और मजबूती मिलने की संभावना है।
वेल्सपन समूह की कंपनियों के शेयरों में हालिया दिनों में भी मजबूती देखी गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, संबंधित स्टॉक में लगातार पांच ट्रेडिंग सेशन के दौरान करीब 19 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। 30 मार्च 2026 को दर्ज 107.40 रुपये के 52-सप्ताह के निचले स्तर से वेल्सपन लिविंग के शेयर में करीब 78 फीसदी की रिकवरी भी देखने को मिली। हालांकि, इसका पिछला रिकॉर्ड हाई 213.10 रुपये रहा है, जो 29 अगस्त 2024 को दर्ज किया गया था।












