सुल्तानपुर में बैनामा लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं ने सौंपा ज्ञापन: लंभुआ रजिस्ट्री कार्यालय शिफ्टिंग से आजीविका पर संकट, डीएम से लगाई गुहार

सुल्तानपुर के लंभुआ रजिस्ट्री कार्यालय की शिफ्टिंग के विरोध में बैनामा लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं ने डीएम को ज्ञापन दिया। आजीविका पर संकट का हवाला दिया।
सुल्तानपुर में बैनामा लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं ने सौंपा ज्ञापन: लंभुआ रजिस्ट्री कार्यालय शिफ्टिंग से आजीविका पर संकट, डीएम से लगाई गुहार
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सुल्तानपुर: लंभुआ तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने की कवायद के विरोध में बैनामा लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या बताई। उनका कहना है कि रजिस्ट्री कार्यालय की शिफ्टिंग होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा। लंबे समय से इसी कार्यालय के आसपास काम कर रहे बैनामा लेखक और स्टाम्प विक्रेता अब प्रशासन से पुरानी व्यवस्था बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।

बैनामा लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं का कहना है कि रजिस्ट्री कार्यालय सिर्फ जमीन और संपत्ति की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसके आसपास बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी भी निर्भर है। कार्यालय के स्थान परिवर्तन से उनके काम पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।

प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि लंभुआ रजिस्ट्री कार्यालय के आसपास लंबे समय से बैनामा लेखक, स्टाम्प विक्रेता और दस्तावेज तैयार करने से जुड़े अन्य लोग काम कर रहे हैं। यहां आने वाले लोगों को दस्तावेज तैयार कराने, स्टाम्प खरीदने और रजिस्ट्री की प्रक्रिया में सहायता देने का काम इन्हीं लोगों के माध्यम से होता है।

उनका कहना है कि यदि कार्यालय को वर्तमान स्थान से दूर स्थानांतरित कर दिया जाता है तो पुराने स्थान पर काम करने वाले लोगों के लिए नई जगह पर अपना काम शुरू करना आसान नहीं होगा। कई लोगों ने दुकान, फर्नीचर और अन्य जरूरी संसाधनों में निवेश कर रखा है। शिफ्टिंग के बाद उन्हें दोबारा व्यवस्था खड़ी करनी पड़ेगी।

ज्ञापन देने पहुंचे प्रतिनिधियों ने प्रशासन से कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय की शिफ्टिंग से पहले बैनामा लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव का भी आकलन किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि प्रशासनिक सुविधा के साथ-साथ उन लोगों के हितों को भी ध्यान में रखना जरूरी है जो वर्षों से इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मांग की कि जब तक सभी पक्षों की समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक कार्यालय को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए। उनका कहना है कि अचानक कार्यालय दूसरी जगह जाने से उनके नियमित ग्राहक और कामकाज प्रभावित होंगे।

बैनामा लेखक और स्टाम्प विक्रेता संपत्ति की रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों के लिए दस्तावेज तैयार करने और स्टाम्प संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने का काम करते हैं। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग जमीन या मकान की खरीद-बिक्री के दौरान इन्हीं लोगों की सहायता लेते हैं।

प्रतिनिधियों का कहना है कि कार्यालय की मौजूदा लोकेशन के आसपास उनका काम वर्षों से स्थापित है। यहां लोगों को रजिस्ट्री से जुड़े काम के लिए पहुंचने में सुविधा होती है। यदि कार्यालय को किसी दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है तो न सिर्फ उनके कारोबार पर असर पड़ेगा, बल्कि आम लोगों को भी नई जगह तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कार्यालय की शिफ्टिंग से पहले संबंधित लोगों से बातचीत की जानी चाहिए। यदि प्रशासन के पास कार्यालय स्थानांतरित करने का कोई ठोस कारण है तो उसके बारे में भी बैनामा लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं को जानकारी दी जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताई। उनका कहना है कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन उनकी आजीविका प्रभावित न हो, इसके लिए उचित समाधान जरूरी है।

इस पूरे मामले में अब जिला प्रशासन के अगले कदम पर सबकी नजर है। यदि प्रशासन शिफ्टिंग के निर्णय पर पुनर्विचार करता है तो बैनामा लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं को राहत मिल सकती है। वहीं यदि कार्यालय स्थानांतरित किया जाता है तो प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की मांग उठ सकती है।

स्थानीय स्तर पर रजिस्ट्री कार्यालय संपत्ति से जुड़े कामों का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। ऐसे में कार्यालय के स्थान परिवर्तन का असर उससे जुड़े कई छोटे कारोबारों पर पड़ता है। यही वजह है कि बैनामा लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं ने अपनी समस्या को प्रशासन के सामने रखा है।

प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में बाधा डालना नहीं है। वे चाहते हैं कि कार्यालय की शिफ्टिंग से पहले उनके हितों और आजीविका को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाए। उनका कहना है कि वर्षों से इसी स्थान पर काम करने वाले लोगों के लिए अचानक जगह बदलना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा।

अब जिलाधिकारी स्तर से मामले में क्या निर्णय लिया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल ज्ञापन सौंपकर बैनामा लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं ने लंभुआ रजिस्ट्री कार्यालय की शिफ्टिंग रोकने या इस पर पुनर्विचार करने की मांग रखी है।

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