नीरमल पुर्जा कौन हैं? ब्रॉड पीक हिमस्खलन में लापता विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही की प्रेरणादायक कहानी

ब्रिटिश-नेपाली पर्वतारोही नीरमल पुर्जा ब्रॉड पीक हिमस्खलन के बाद लापता हैं। जानिए उनके रिकॉर्ड, उपलब्धियां, पर्वतारोहण सफर और खोज अभियान की पूरी जानकारी।

ब्रिटिश-नेपाली पर्वतारोही नीरमल पुर्जा पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर आए हिमस्खलन के बाद लापता बताए गए हैं। 2019 में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियों को रिकॉर्ड समय में फतह करने वाले पुर्जा आधुनिक पर्वतारोहण के सबसे चर्चित नामों में गिने जाते हैं।

इस्लामाबाद: दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पर्वतारोहियों में शामिल ब्रिटिश-नेपाली क्लाइंबर नीरमल पुर्जा, जिन्हें 'निम्स दाई' के नाम से भी जाना जाता है, पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र स्थित ब्रॉड पीक पर आए हिमस्खलन के बाद लापता हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, हिमस्खलन के समय उनके साथ अन्य पर्वतारोही भी अभियान पर मौजूद थे। बचाव और खोज अभियान लगातार जारी है, जबकि अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहा है। नीरमल पुर्जा केवल एक पर्वतारोही ही नहीं, बल्कि साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और असंभव को संभव बनाने की मिसाल माने जाते हैं। उनके रिकॉर्ड और उपलब्धियों ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।

नेपाल के छोटे गांव से विश्व मंच तक का सफर

नीरमल पुर्जा का जन्म नेपाल के म्याग्दी जिले के एक छोटे से पहाड़ी गांव में हुआ था। उनका परिवार गोरखा परंपरा से जुड़ा रहा है। उनके पिता और बड़े भाई भी गोरखा सैनिक रहे, जिससे बचपन से ही अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में जीवन जीने की प्रेरणा मिली। साल 2003 में उन्होंने ब्रिटिश गोरखा रेजिमेंट जॉइन की और बाद में 2009 में ब्रिटेन की स्पेशल फोर्सेज का हिस्सा बने। लगभग 16 वर्षों तक सैन्य सेवा देने के दौरान उन्होंने कठिन परिस्थितियों में काम करने का व्यापक अनुभव हासिल किया। यही सैन्य प्रशिक्षण आगे चलकर उनके पर्वतारोहण करियर की सबसे बड़ी ताकत बना।

पर्वतारोहण की शुरुआत कैसे हुई

साल 2012 में नीरमल पुर्जा पहली बार एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचे। मूल योजना केवल वहां तक जाने की थी, लेकिन वहीं से उन्होंने गंभीर रूप से पर्वतारोहण सीखने का निर्णय लिया। उन्होंने सबसे पहले लोबुचे ईस्ट शिखर को फतह किया। इसके बाद उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ता गया और उन्होंने हिमालय तथा काराकोरम की कई कठिन चोटियों पर सफल अभियान पूरे किए। कम समय में कठिन पर्वतों पर सफलता ने उन्हें दुनिया के सबसे तेज और सक्षम पर्वतारोहियों की श्रेणी में ला खड़ा किया।

14 सबसे ऊंची चोटियों पर बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड

साल 2019 नीरमल पुर्जा के करियर का सबसे यादगार वर्ष साबित हुआ। उन्होंने दुनिया की सभी 14 आठ-हजार मीटर से ऊंची चोटियों को केवल 6 महीने और 6 दिनों में फतह कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड लगभग आठ वर्षों का था। उनकी इस उपलब्धि ने पूरी दुनिया को चौंका दिया और पर्वतारोहण के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। उनके इस अभियान को 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' नाम दिया गया था, जिसका उद्देश्य यह दिखाना था कि मजबूत इच्छाशक्ति के सामने असंभव भी संभव हो सकता है।

डॉक्यूमेंट्री से मिली वैश्विक पहचान

नीरमल पुर्जा के इस अभियान पर बनी डॉक्यूमेंट्री "14 Peaks: Nothing Is Impossible" दुनिया भर में लोकप्रिय हुई। इस फिल्म में दिखाया गया कि किस प्रकार उन्होंने सीमित संसाधनों, कठिन मौसम और लगातार जोखिमों के बीच इतिहास रचा। उन्होंने कई अवसरों पर कहा कि उनका उद्देश्य केवल पर्वत चढ़ना नहीं था, बल्कि लोगों को अपने सपनों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देना था।

पर्वतारोहण के दौरान बचाई कई जानें

नीरमल पुर्जा केवल रिकॉर्ड बनाने के लिए ही नहीं जाने जाते, बल्कि कई पर्वतारोहियों की जान बचाने के लिए भी उनकी सराहना की जाती है। उन्होंने विभिन्न अभियानों के दौरान संकट में फंसे कई पर्वतारोहियों की सहायता की और सुरक्षित नीचे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी यही मानवीय सोच उन्हें अन्य पर्वतारोहियों से अलग पहचान दिलाती है।

बिना ऑक्सीजन नया इतिहास रचने की तैयारी

ब्रॉड पीक अभियान पर जाने से पहले नीरमल पुर्जा ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि उनकी मूल योजना केवल गैशरब्रुम-II पर चढ़ने की थी। बाद में उन्होंने निर्णय लिया कि यदि ब्रॉड पीक भी सफलतापूर्वक फतह कर लेते हैं तो वे बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन के दुनिया की सभी 14 आठ-हजार मीटर चोटियों पर दो बार चढ़ने वाले पहले व्यक्ति बन सकते हैं। उन्होंने अपने संदेश में लिखा था कि वे किसी भी पर्वत को हल्के में नहीं लेते और सुरक्षित वापसी ही उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

एवरेस्ट की प्रसिद्ध तस्वीर ने दुनिया का ध्यान खींचा

साल 2019 में एवरेस्ट शिखर के पास नीरमल पुर्जा द्वारा ली गई पर्वतारोहियों की लंबी कतार वाली तस्वीर पूरी दुनिया में वायरल हुई थी। उस तस्वीर ने एवरेस्ट पर बढ़ती भीड़, सुरक्षा और पर्यावरणीय चुनौतियों पर वैश्विक बहस छेड़ दी थी। आज भी वह तस्वीर पर्वतारोहण इतिहास की सबसे चर्चित तस्वीरों में गिनी जाती है।

विवाद भी रहे चर्चा में

नीरमल पुर्जा की लोकप्रियता के साथ कुछ विवाद भी सामने आए। वर्ष 2024 में दो महिलाओं ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोप लगाए थे। हालांकि उन्होंने अपने वकील के माध्यम से इन आरोपों से स्पष्ट रूप से इनकार किया था। इन मामलों पर कानूनी प्रक्रिया अलग से चलती रही और उन्होंने खुद को निर्दोष बताया।

ब्रॉड पीक पर लापता होने से दुनिया चिंतित

ब्रॉड पीक दुनिया की सबसे कठिन पर्वत चोटियों में शामिल है। यहां मौसम बेहद तेजी से बदलता है और हिमस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। नीरमल पुर्जा के लापता होने की खबर के बाद नेपाल, ब्रिटेन और दुनिया भर के पर्वतारोहण समुदाय में चिंता का माहौल है। बचाव दल लगातार खोज अभियान चला रहे हैं और मौसम अनुकूल होने पर तलाश तेज की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खोज अभियान अत्यंत चुनौतीपूर्ण होते हैं, लेकिन बचाव दल हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

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