शास्त्रीपुरम में ऑयल मिल कारोबारी विश्वजीत ने कार में पिस्टल से खुद को गोली मार दी। मानसिक तनाव और पहले हुए एक्सीडेंट के बाद की परेशानी के चलते यह कदम उठाया। पुलिस ने कार और हथियार बरामद कर जांच शुरू की।
Uttar pradesh: शास्त्रीपुरम डीपीएस के पास शनिवार रात 10 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। 30 वर्षीय ऑयल मिल कारोबारी विश्वजीत रजावत ने अपनी रिट्स कार में बैठकर खुद को गोली मार दी। परिवार ने बताया कि आत्महत्या से पहले उन्होंने फोन पर कहा, 'अब मैं जीना नहीं चाहता, मन भर गया है।'
पड़ोसी और स्कूल गार्डों ने गोली की आवाज सुनी और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर विश्वजीत को बाहर निकाला। अस्पताल पहुंचाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कार के अंदर पुलिस को पिस्टल और तमंचा मिले। जांच में पता चला कि यह अवैध हथियार था और घर में कोई लाइसेंसी हथियार नहीं था।
पहले हुए हादसे
विश्वजीत शास्त्रीपुरम के रहने वाले थे और ऑयल मिल के व्यवसाय से जुड़े थे। परिवार ने बताया कि कुछ समय पहले उनका गंभीर एक्सीडेंट हुआ था, जिसके इलाज के दौरान वह मानसिक रूप से परेशान थे।

पड़ोसी और परिवार ने कहा कि विश्वजीत पहले भी दो बार आत्महत्या की कोशिश कर चुके थे। एक बार वह दो मंजिला छत से कूद गए, और दूसरी बार रेलवे ट्रैक पर खुद को खत्म करने की कोशिश की थी।
घटना के समय हालात
पड़ोसी हरिओम सिकरवार ने बताया कि घटना वाले दिन विश्वजीत ने घर से तेल मिल जाने की बात कहकर निकले थे। घर से लगभग 300 मीटर दूर डीपीएस स्कूल के पास उन्होंने कार में खुद को गोली मारी।
कार के डैशबोर्ड में लगभग 9 हजार रुपए, शराब की बोतल और ब्लड जांच रिपोर्ट भी मिली। परिजनों के अनुसार घटना स्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं था।
आगे की कार्रवाई
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और कार से शव और हथियार बरामद किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
पुलिस ने बताया कि आत्महत्या में इस्तेमाल तमंचा अवैध था। परिवार ने कहा कि विश्वजीत के मानसिक तनाव और पहले हुए एक्सीडेंट के कारण यह कदम उठाया गया। परिवार की मांग है कि मामले की पूरी जांच की जाए और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।











