जाम्बिया के राष्ट्रपति हाकाइंडे हिचिलेमा ने 60% वोट के साथ दूसरा कार्यकाल हासिल किया है। उनके प्रतिद्वंद्वी ब्रायन मुंडुबिले को 38% मत मिले। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि पर्यवेक्षकों ने शांति बनाए रखने और आधिकारिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की।
लुसाका: जाम्बिया में राष्ट्रपति हाकाइंडे हिचिलेमा ने लगातार दूसरी बार राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। चुनाव आयोग के अनुसार, हिचिलेमा को करीब 60% वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी ब्रायन मुंडुबिले को 38% मत हासिल हुए। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं।
हाकाइंडे हिचिलेमा को मिला स्पष्ट जनादेश
जाम्बिया के चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम घोषित करते हुए हाकाइंडे हिचिलेमा को विजेता घोषित किया। 64 वर्षीय हिचिलेमा ने पांच साल के दूसरे कार्यकाल के लिए करीब 60% मत हासिल किए। उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी ब्रायन मुंडुबिले को 38% वोट मिले, जबकि चुनाव मैदान में मौजूद अन्य 12 उम्मीदवार काफी पीछे रहे।
हिचिलेमा की जीत को बड़े पैमाने पर अपेक्षित माना जा रहा था। हालांकि, चुनाव के अंतिम चरण में विपक्ष की ओर से मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए और कुछ इलाकों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए।
जीत के बाद हिचिलेमा ने जनता का जताया आभार
परिणाम घोषित होने के बाद राष्ट्रपति हिचिलेमा ने मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस भरोसे के साथ उन्हें दोबारा जिम्मेदारी सौंपी है, उससे वह बेहद विनम्र महसूस कर रहे हैं। हिचिलेमा ने चुनाव को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का उदाहरण बताया। उनके अनुसार, जाम्बिया एक ऐसा देश है जहां राजनीतिक मतभेदों का समाधान मतदान के जरिए किया जाता है, न कि किसी अन्य माध्यम से।
उन्होंने उन मतदाताओं को भी संदेश दिया जिन्होंने विपक्षी उम्मीदवारों का समर्थन किया। हिचिलेमा ने कहा कि उनकी सरकार विपक्ष के विचारों का समर्थन करने वाले नागरिकों की बात भी सुनेगी और उनके लिए काम जारी रखेगी।
राजधानी लुसाका में समर्थकों ने मनाया जश्न
परिणाम सामने आने के बाद राजधानी लुसाका सहित कई स्थानों पर हिचिलेमा के समर्थक सड़कों पर उतर आए। उनकी पार्टी यूनाइटेड पार्टी फॉर नेशनल डेवलपमेंट यानी UPND के लाल रंग के कपड़े पहने समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया।
सड़कों पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने चुनाव परिणाम के बाद हिचिलेमा के समर्थकों के उत्साह को दिखाया। जाम्बिया में सत्ता परिवर्तन का इतिहास सामान्य तौर पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहा है। वर्ष 1991 में बहुदलीय लोकतंत्र की वापसी के बाद देश में राष्ट्रपति पद के सत्ता हस्तांतरण चुनाव के माध्यम से होते रहे हैं।
विपक्ष ने उठाए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
हिचिलेमा की जीत के बावजूद चुनाव परिणाम विवादों से पूरी तरह मुक्त नहीं रहा। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी ब्रायन मुंडुबिले ने पहले ही चुनाव में जीत का दावा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान केंद्रों पर दर्ज परिणाम और आधिकारिक तौर पर घोषित आंकड़ों में अंतर था।
मुंडुबिले ने मतदान केंद्रों पर कथित गड़बड़ियों के अलावा मतगणना केंद्रों पर सैन्य हस्तक्षेप का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से ठोस सबूत सामने नहीं रखे गए हैं।
यह भी अभी स्पष्ट नहीं है कि विपक्ष चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती देगा या नहीं। सत्तारूढ़ दल की ओर से कहा गया है कि यदि विपक्ष कानूनी रास्ता अपनाता है तो संबंधित मामलों का फैसला अदालतों के माध्यम से किया जाएगा।
विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी ने बढ़ाई चिंता
चुनाव परिणामों से पहले जाम्बिया में राजनीतिक तनाव का एक और मामला सामने आया था। शुक्रवार को कुछ प्रमुख विपक्षी नेताओं के ठिकानों पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की और उन्हें गिरफ्तार किया गया।
सरकारी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर विद्रोह की साजिश से जुड़े मामले थे। हालांकि, मुंडुबिले ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें मनगढ़ंत बताया।
मुंडुबिले ने सोमवार को अपने लुसाका स्थित घर पर हुई कार्रवाई का भी विवरण दिया। उनके अनुसार, हथियारबंद लोग बख्तरबंद वाहन के साथ पहुंचे और कथित तौर पर गेट, दरवाजे तथा खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की।

मुंडुबिले ने उन आरोपों से इनकार किया कि उनके घर में अत्याधुनिक सैन्य हथियार या कोई मिलिशिया मौजूद थी। उन्होंने कार्रवाई को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि उन्हें लगा कि सुरक्षाकर्मी उन्हें मारने के इरादे से आए थे।
हालांकि, हिचिलेमा की पार्टी के वरिष्ठ नेता मुलाम्बो हाइमबे ने इन दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ आपराधिक आरोप लगाए जा रहे हैं और संबंधित मामलों को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
मतगणना भी कुछ समय के लिए रोकी गई थी
चुनाव के एक दिन बाद जाम्बिया के चुनाव आयोग ने कुछ समय के लिए मतगणना और परिणामों की घोषणा रोक दी थी। आयोग ने इसके पीछे मतदान कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा और कुछ इलाकों में चिह्नित मतपत्रों की चोरी की रिपोर्ट का हवाला दिया।
हालांकि, उसी दिन मतगणना फिर से शुरू कर दी गई। इस घटनाक्रम ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़े किए।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने चुनाव के दिन की स्थिति को व्यापक रूप से शांतिपूर्ण बताया। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से संयम बरतने तथा चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की।
पर्यवेक्षकों ने चुनाव से पहले भी जताई चिंता
चुनाव पर्यवेक्षकों ने हालांकि कुछ अन्य मुद्दों पर चिंता जाहिर की। इनमें चुनाव सुधारों में देरी, मीडिया की स्वतंत्रता और चुनाव प्रचार के दौरान सभी पक्षों को मीडिया तक समान पहुंच मिलने से जुड़े सवाल शामिल थे।
दक्षिणी अफ्रीकी क्षेत्रीय संगठन SADC के पर्यवेक्षक मिशन का नेतृत्व करने वाले मलावी के पूर्व मंत्री सैमुअल तेम्बेनु के अनुसार, उनकी टीम को पांच प्रांतों में डराने-धमकाने, हमले, अपहरण और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की रिपोर्ट मिली थी। हालांकि, पर्यवेक्षकों ने स्पष्ट किया कि वे इन सभी रिपोर्टों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सके।
मतगणना रोकने के फैसले को लेकर भी पर्यवेक्षकों ने चिंता जताई। उनका मानना था कि इस तरह का कदम चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मतदाताओं के भरोसे को प्रभावित कर सकता है।
अब हिचिलेमा के सामने बड़ी जिम्मेदारी
दूसरी बार राष्ट्रपति चुने जाने के बाद हिचिलेमा के सामने अब देश की राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने की चुनौती होगी। चुनाव के दौरान सामने आए आरोपों और विपक्ष की नाराजगी के बीच नई सरकार को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा मजबूत करना होगा।
हिचिलेमा ने अपने विजय भाषण में विपक्षी मतदाताओं को साथ लेकर चलने का संकेत दिया है। ऐसे में उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत इस बात से तय होगी कि सरकार चुनाव के बाद उठे सवालों का किस तरह समाधान करती है और राजनीतिक मतभेदों को किस हद तक संवाद के जरिए संभालती है।
जाम्बिया की लोकतांत्रिक परंपरा को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर भी रहेगी कि चुनाव परिणाम को लेकर उठे विवादों का निपटारा संवैधानिक और कानूनी संस्थाओं के माध्यम से किस तरह होता है।










