1 अप्रैल से NHAI टोल प्लाजा पर नकद भुगतान होगा बंद! FASTag से होगा पूरा पेमेंट

1 अप्रैल से NHAI के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद किया जाएगा और अब सभी वाहनों को FASTag के जरिए ही टोल टैक्स देना होगा। जानें नए नियम, डबल चार्ज पेनल्टी

देशभर में स्थित National Highways Authority of India (एनएचएआई) के 1150 से अधिक टोल प्लाजाओं पर आगामी एक अप्रैल से टोल वसूली को पूरी तरह डिजिटल करने की तैयारी है। इस व्यवस्था के तहत नकद लेन-देन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

नई दिल्ली: भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) देशभर के टोल प्लाजाओं पर नकद भुगतान को पूरी तरह समाप्त करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित योजना के तहत 1 अप्रैल से 1150 से अधिक टोल प्लाजाओं पर टोल लेनदेन पूरी तरह डिजिटल मोड में किया जा सकता है।

यह कदम टोल कलेक्शन सिस्टम को अधिक पारदर्शी, तेज और विवाद-मुक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता देने से लंबी कतारों, नकद लेनदेन से जुड़ी परेशानियों और ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।

FASTag ने बदला टोल भुगतान का तरीका

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने टोल भुगतान प्रणाली में बड़ा बदलाव देखा है। आरएफआईडी आधारित FASTag के माध्यम से टोल भुगतान अब अधिकांश वाहनों में अनिवार्य हो चुका है। एनएचएआई के अनुसार, वर्तमान में 98 प्रतिशत से अधिक टोल भुगतान FASTag के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया जा रहा है।

FASTag एक रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) सक्षम टैग है, जो वाहन की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। यह सीधे बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट से जुड़ा होता है और टोल प्लाजा पर बिना रुके भुगतान की सुविधा देता है। इससे समय की बचत होती है और ईंधन की खपत भी कम होती है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय राजमार्गों पर कई टोल प्लाजाओं पर UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) आधारित भुगतान सुविधा भी शुरू की जा चुकी है। इससे डिजिटल भुगतान के विकल्प और अधिक आसान हो गए हैं।

1 अप्रैल से NHAI टोल प्लाजा पर नकद भुगतान होगा बंद! FASTag से होगा पूरा पेमेंट

नकद लेनदेन समाप्त करने की तैयारी

सरकार और एनएचएआई अब नकद भुगतान को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अभी तक जिन वाहनों में FASTag सक्रिय नहीं होता, उनसे दोगुना टोल वसूला जाता है। लेकिन प्रस्तावित बदलाव के तहत केवल डिजिटल भुगतान को ही स्वीकार करने की नीति लागू की जा सकती है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर पारदर्शिता बढ़ाना, नकदी प्रबंधन से जुड़े जोखिमों को कम करना और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को घटाना है। साथ ही, डिजिटल ट्रांजैक्शन से डेटा ट्रैकिंग और राजस्व मॉनिटरिंग भी आसान हो जाती है।

डिजिटल टोल प्रणाली का एक बड़ा लाभ यह है कि वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होती। इससे यातायात सुचारू रहता है और जाम की समस्या कम होती है। लंबे समय तक इंजन चालू रहने से होने वाला प्रदूषण भी घटता है। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, FASTag जैसी प्रणालियों से कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आती है। भारत जैसे विशाल देश में, जहां प्रतिदिन लाखों वाहन राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरते हैं, डिजिटल टोल प्रणाली का पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

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