NASA के Artemis-2 मिशन से जुड़े अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष से धरती की बेहद खूबसूरत तस्वीरें भेजी हैं, जिन्हें नासा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया है।
NASA: अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक और भावुक और ऐतिहासिक क्षण जुड़ गया है। NASA के Artemis II मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष से पृथ्वी की शानदार तस्वीरें साझा की हैं, जो दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गई हैं। इन तस्वीरों में हमारी पृथ्वी एक चमकते हुए नीले गोले के रूप में दिखाई दे रही है, जिसने न सिर्फ वैज्ञानिकों बल्कि आम लोगों को भी भावुक कर दिया है।
50 साल बाद दोहराया गया ऐतिहासिक दृश्य
नासा ने हाल ही में दो तस्वीरें साझा कीं—एक 1970 के दशक की और दूसरी वर्तमान मिशन के दौरान ली गई। इन दोनों तस्वीरों में एक समानता साफ नजर आती है: अंतरिक्ष से पृथ्वी की चमक और सुंदरता आज भी वैसी ही है जैसी दशकों पहले थी। करीब आधी सदी बाद इंसानों को फिर से चंद्रमा की ओर ले जा रहे इस मिशन ने अंतरिक्ष अन्वेषण के नए अध्याय की शुरुआत की है। इस दौरान जब अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने कैप्सूल से पीछे मुड़कर पृथ्वी को देखा, तो वह दृश्य उनके लिए बेहद भावुक कर देने वाला था।
कमांडर रीड वाइजमैन ने कैद किया दृश्य

इस मिशन के कमांडर Reid Wiseman ने सबसे पहले पृथ्वी की तस्वीर खींची। पहली तस्वीर में कैप्सूल की खिड़की से पृथ्वी का घुमावदार हिस्सा दिखाई देता है, जबकि दूसरी तस्वीर में पूरी पृथ्वी साफ नजर आती है। इन तस्वीरों में नीले महासागर, सफेद बादलों की परतें और यहां तक कि हरे रंग की ऑरोरा (उत्तरी रोशनी) भी दिखाई दे रही है। यह दृश्य अंतरिक्ष से पृथ्वी की जीवंतता और सुंदरता को दर्शाता है।
नासा के अधिकारियों के अनुसार, आर्टेमिस-2 मिशन फिलहाल पृथ्वी से लगभग 1.8 लाख किलोमीटर की दूरी तय कर चुका है और लगातार चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है। अंतरिक्ष यात्रियों को अभी लगभग 2.4 लाख किलोमीटर और यात्रा करनी है। नासा की अधिकारी Lakiesha Hawkins ने कहा कि यह सोचकर ही रोमांच होता है कि इस तस्वीर में पूरे मानव समाज का प्रतिनिधित्व केवल पृथ्वी के रूप में दिखाई देता है, जबकि चार अंतरिक्ष यात्री उससे दूर अंतरिक्ष में मौजूद हैं।
चंद्रमा की परिक्रमा कर लौटेंगे अंतरिक्ष यात्री
इस मिशन में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जो Orion spacecraft में सवार होकर चंद्रमा की यात्रा कर रहे हैं। हालांकि, यह मिशन चंद्रमा पर उतरने का नहीं है। अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगे और फिर पृथ्वी की ओर लौट आएंगे। इस प्रक्रिया को एक “यू-टर्न” मिशन के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य के चंद्र अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
कमांडर वाइजमैन ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने पहली बार अंतरिक्ष से पूरी पृथ्वी को देखा, तो वह क्षण इतना अद्भुत था कि सभी अंतरिक्ष यात्री कुछ समय के लिए शांत हो गए। उनके अनुसार, यह उनकी जिंदगी के सबसे यादगार और भावनात्मक पलों में से एक था।








