Abhigyan App से Red Fort की सुरक्षा होगी मजबूत, सेकंडों में होगी संदिग्धों की बायोमेट्रिक जांच

15 अगस्त पर लाल किले की सुरक्षा में Abhigyan App, AI, FRS कैमरे और एंटी-ड्रोन सिस्टम का इस्तेमाल होगा। जानें संदिग्धों की बायोमेट्रिक जांच कैसे होगी।

15 अगस्त को Red Fort की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस Abhigyan App समेत AI तकनीक, FRS कैमरे और एंटी-ड्रोन सिस्टम का इस्तेमाल करेगी। ऐप बायोमेट्रिक जांच से संदिग्धों का आपराधिक रिकॉर्ड मौके पर ही जांचने में मदद करेगा।

Tech: स्वतंत्रता दिवस पर Red Fort की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से और मजबूत किया गया है। Abhigyan App से सुरक्षाकर्मी भीड़ में संदिग्ध लोगों की बायोमेट्रिक पहचान कर उनके रिकॉर्ड की जांच कर सकेंगे। हैंडहेल्ड डिवाइस के जरिए लिए गए फिंगरप्रिंट को बड़े अपराधी डेटाबेस से मिलाया जाएगा, जिससे सुरक्षा बलों को मौके पर तेजी से निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

Red Fort की सुरक्षा में Abhigyan App की तैनाती

15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस ने इस बार आधुनिक तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले पर वीआईपी, वीवीआईपी और हजारों आम दर्शकों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए Artificial Intelligence आधारित सिस्टम, Facial Recognition System यानी FRS कैमरों, Anti-Drone System और खास Abhigyan App को सुरक्षा इंतजामों में शामिल किया गया है।

Abhigyan App की मदद से सुरक्षाकर्मी भीड़ के बीच संदिग्ध नजर आने वाले व्यक्ति की मौके पर ही बायोमेट्रिक जांच कर सकेंगे। इसके लिए सुरक्षा कर्मियों को हैंडहेल्ड बायोमेट्रिक डिवाइस दिए गए हैं। किसी व्यक्ति पर संदेह होने की स्थिति में उसके फिंगरप्रिंट को स्कैन किया जा सकता है। इसके बाद सिस्टम उपलब्ध अपराधी रिकॉर्ड वाले डेटाबेस में संबंधित जानकारी का मिलान करता है।

फिंगरप्रिंट स्कैन से सेकंडों में मिलेगी जानकारी

Abhigyan App की खासियत इसकी तेज बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया है। फिंगरप्रिंट स्कैन करने के बाद सिस्टम बैकएंड में मौजूद बड़े अपराधी डेटाबेस में संबंधित रिकॉर्ड की तलाश करता है। जानकारी मैच होने पर सुरक्षाकर्मियों को व्यक्ति के आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी मिल सकती है।

इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऐप में कलर सिग्नल का इस्तेमाल किया जाता है। अगर स्कैन किए गए फिंगरप्रिंट का किसी आपराधिक रिकॉर्ड से मैच मिलता है तो स्क्रीन पर लाल संकेत दिखाई देता है। वहीं, अगर उपलब्ध रिकॉर्ड में संबंधित व्यक्ति का कोई मैच नहीं मिलता है तो हरा संकेत दिखाया जाता है।

इस तकनीक से सुरक्षाकर्मियों को संदिग्ध व्यक्ति की शुरुआती जांच के लिए हर बार उसे पुलिस स्टेशन ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खासतौर पर स्वतंत्रता दिवस जैसे हाई-सिक्योरिटी कार्यक्रम में यह सिस्टम मौके पर तेजी से जांच करने में मदद कर सकता है।

AI और Facial Recognition से भी होगी निगरानी

लाल किले की सुरक्षा में केवल बायोमेट्रिक सिस्टम पर निर्भरता नहीं रखी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत Facial Recognition System यानी FRS कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इन कैमरों की मदद से भीड़ वाले इलाकों में लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने और संदिग्ध चेहरों की पहचान में सहायता मिल सकती है।

इसके अलावा ड्रोन से जुड़े संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए Anti-Drone System भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है। इससे प्रतिबंधित क्षेत्र में आने वाले ड्रोन की निगरानी और उससे जुड़े खतरे से निपटने में सुरक्षा एजेंसियों को मदद मिल सकती है।

Independence Day पर हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था

लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण सुरक्षा एजेंसियों के सामने लगातार निगरानी बनाए रखने की चुनौती रहती है। Abhigyan App, FRS कैमरे और Anti-Drone System जैसी तकनीकों को तैनात करने का उद्देश्य इसी निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है।

बायोमेट्रिक जांच से किसी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी मौके पर उपलब्ध कराने की सुविधा सुरक्षा कर्मियों को तेजी से कार्रवाई करने में मदद कर सकती है। वहीं कैमरा और एंटी-ड्रोन सिस्टम अलग-अलग स्तर पर निगरानी को मजबूत करेंगे। इस तरह लाल किले की सुरक्षा में इस बार पारंपरिक सुरक्षा इंतजामों के साथ आधुनिक तकनीक का भी व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है।

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