चीन के शंघाई में Agibot ने छह ह्यूमनॉइड रोबोट्स से लगातार 24 घंटे एक स्टोर में काम करवाया। रोबोट्स ने कुल 1,730 काम पूरे किए, लेकिन दो मशीनें टेस्ट पास नहीं कर सकीं। एक रोबोट रास्ता भटककर दुकान के बाहर निकल गया।
शंघाई: इंसानों की जगह रोबोट्स के काम करने की चर्चा के बीच चीन में एक दिलचस्प प्रयोग हुआ है। रोबोट बनाने वाली कंपनी Agibot ने शंघाई के एक स्टोर में छह ह्यूमनॉइड रोबोट्स को 24 घंटे की ड्यूटी पर लगाया। इन्हें ग्राहकों का स्वागत करने, कॉफी बनाने, सामान पहुंचाने और सफाई की जिम्मेदारी दी गई थी। चार रोबोट अपना काम ठीक से कर पाए, लेकिन दो को टेस्ट में फेल घोषित कर दिया गया। एक रोबोट तो रास्ता बदलकर दुकान से बाहर ही निकल गया।
शंघाई की दुकान में रोबोट्स को दी गई 24 घंटे की ड्यूटी
चीन की रोबोटिक्स कंपनी Agibot ने 2 नवंबर को शंघाई के शुहुई जिले में एक अलग तरह का प्रयोग शुरू किया। कंपनी ने इसे 'Robots Never Clock Out' नाम दिया। इस चैलेंज में छह G2 ह्यूमनॉइड रोबोट्स को एक सामान्य रिटेल स्टोर में काम करने के लिए उतारा गया।
यह कोई खाली दुकान या बंद कमरे में किया गया टेस्ट नहीं था। स्टोर में ग्राहक आ रहे थे और सामान खरीद रहे थे। रोबोट्स को उन्हीं के बीच अपना काम करना था। पूरी गतिविधि लाइवस्ट्रीम की गई, ताकि लोग देख सकें कि मशीनें दुकान का काम किस तरह संभालती हैं।
![]()
कंपनी ने रोबोट्स की ड्यूटी को चार हिस्सों में बांटा था। पहले दोपहर की भीड़, फिर शाम के व्यस्त घंटे, उसके बाद रात की ड्यूटी और आखिर में सुबह नाश्ते के समय का काम।
इसका मकसद सिर्फ यह देखना नहीं था कि रोबोट लगातार कितनी देर चल सकते हैं। कंपनी यह भी जानना चाहती थी कि ग्राहक बढ़ने, अचानक कोई रुकावट आने या सामान खत्म होने पर मशीनें खुद कितना सही फैसला ले पाती हैं।
छह रोबोट्स ने मिलकर पूरे किए 1,730 काम
Agibot के मुताबिक, सभी छह रोबोट्स ने 24 घंटे में कुल 1,730 काम पूरे किए। इनमें सबसे ज्यादा 683 बार ग्राहकों का स्वागत किया गया। इसके अलावा 369 बार सामान उठाकर ग्राहकों तक पहुंचाया गया।
कॉफी बनाने वाले रोबोट ने 147 कप कॉफी तैयार की। गर्म खाने से जुड़े 126 ऑर्डर भी पूरे हुए। दुकान की शेल्फ चेक करने और सामान दोबारा रखने के 277 काम किए गए, जबकि टेबल साफ करने के 128 काम पूरे हुए।
इस दौरान रोबोट्स को कुछ मुश्किल परिस्थितियों में भी परखा गया। उनके रास्ते में सामान रखा गया और मिलते-जुलते पैकेट वाले प्रोडक्ट्स में फर्क पहचानने जैसे काम दिए गए।
इतने काम होने के बावजूद सभी रोबोट टेस्ट में सफल नहीं हुए। कंपनी के आकलन में चार मशीनों को पास किया गया, जबकि दो अपने काम में पीछे रह गईं।
कूड़ेदान के पास पहुंचकर रास्ता भटक गया रोबोट
इस चैलेंज की सबसे ज्यादा चर्चा सफाई करने वाले रोबोट को लेकर हुई। उसे दुकान की सफाई और कचरे से जुड़े काम सौंपे गए थे।
रात की ड्यूटी के दौरान रोबोट के सामने कचरे से भरा डिब्बा आ गया। इसके बाद वह अपना तय रास्ता छोड़कर दूसरी तरफ निकल गया। मामला यहीं नहीं रुका। रोबोट दुकान से बाहर चला गया और वापस अपनी निर्धारित जगह पर नहीं पहुंच सका।
चीनी टेक वेबसाइट ITHome की रिपोर्ट के अनुसार, इसी वजह से वह टेस्ट में फेल हो गया।
दूसरे रोबोट की जिम्मेदारी दुकान की शेल्फ पर नजर रखने और खत्म होने वाले सामान को दोबारा भरने की थी। लेकिन वह समय पर सामान की जांच और उसकी भरपाई नहीं कर सका। ग्राहकों की खरीदारी के साथ दुकान में जितनी तेजी से सामान बदल रहा था, रोबोट उस रफ्तार से काम नहीं कर पाया।
इंसानों की तरह काम करने में रोबोट अभी कितने सक्षम?
शंघाई में हुए इस टेस्ट से पता चला कि इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट अब दुकानों में भी काम कर सकते हैं। वे ग्राहकों का स्वागत करने, सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने और कॉफी तैयार करने जैसे काम करने लगे हैं। हालांकि, दुकान में काम करना जितना आसान दिखाई देता है, असल में उतना होता नहीं है।
किसी कर्मचारी को दिनभर में कई ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिनके बारे में पहले से कुछ तय नहीं होता। कभी ग्राहक अचानक अपना ऑर्डर बदल देता है, तो कभी रास्ते में कोई सामान आ जाता है। इंसान ऐसी स्थिति देखकर अपना काम बदल सकता है, लेकिन रोबोट के लिए हर बार ऐसा करना आसान नहीं होता।
शंघाई में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। छह में से चार रोबोट अपना काम करते रहे, जबकि दो को काम के दौरान परेशानी हुई। इससे साफ है कि मशीनें तय तरीके से काम करने में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन अचानक आने वाली दिक्कतों से निपटने में अभी उतनी भरोसेमंद नहीं हैं।
Agibot के मुताबिक, उसके रोबोट्स ने 24 घंटे में कुल 1,730 काम पूरे किए। हालांकि, कंपनी ने यह विस्तार से नहीं बताया कि इनमें कितने काम पहली कोशिश में पूरे हुए और किन कामों में इंसानों की मदद लेनी पड़ी। ऐसे में इस प्रयोग को देखकर यह मान लेना जल्दबाजी होगी कि रोबोट दुकानों में इंसानी कर्मचारियों की पूरी जगह ले सकते हैं।








