बिना टैंक वाला गीजर कैसे करता है पानी गर्म? खरीदने से पहले जान लें कीमत और बिजली का खर्च

Tankless Geyser कैसे काम करता है और इसकी कीमत कितनी है? जानें बिना टैंक वाले गीजर के फायदे, बिजली का खर्च, सेफ्टी फीचर्स और खरीदने से पहले जरूरी बातें।

सर्दियों में गर्म पानी के लिए बार-बार गीजर चालू करना पड़ता है। टैंकलेस गीजर में पानी जमा नहीं होता, बल्कि नल खोलने पर ही गर्म होता है। जानिए यह गीजर कितने में मिलता है, कितनी बिजली लेता है और किस घर के लिए सही रहेगा।

Tankless Geyser: ठंड के दिनों में सुबह नहाने के लिए गर्म पानी मिल जाए तो बड़ी राहत रहती है। लेकिन कई घरों में गीजर चालू करने के बाद पानी गर्म होने का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में बिना टैंक वाले गीजर का विकल्प भी मौजूद है। इसे टैंकलेस गीजर कहते हैं। इसमें पानी भरकर नहीं रखा जाता। जैसे ही गर्म पानी का नल खोला जाता है, मशीन पानी गर्म करना शुरू कर देती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि नल खोलते ही उसी पल गर्म पानी मिलने लगेगा।

बिना टैंक वाला गीजर आखिर काम कैसे करता है?

ज्यादातर घरों में 10 या 15 लीटर वाला स्टोरेज गीजर लगा होता है। उसके अंदर एक टैंक रहता है, जिसमें पानी भरता है और फिर गर्म होता है। पानी गर्म होने के बाद उसे इस्तेमाल किया जाता है। टैंकलेस गीजर में ऐसा बड़ा टैंक नहीं होता।

 बिना टैंक वाला गीजर कैसे करता है पानी गर्म? खरीदने से पहले जान लें कीमत और बिजली का खर्च

इसमें पानी सीधे पाइप से होकर गुजरता है। जैसे ही गर्म पानी का नल खोलते हैं, गीजर का सेंसर पानी के बहाव को पहचान लेता है। इसके बाद अंदर लगा हीटिंग एलिमेंट चालू होता है और बहते हुए पानी को गर्म करता है। नल बंद करने पर हीटिंग भी रुक जाती है।

इसका फायदा यह है कि जितने समय गर्म पानी चाहिए, उतने समय ही गीजर काम करता है। हालांकि, नल तक पानी पहुंचने में थोड़ा वक्त लग सकता है। अगर गीजर बाथरूम से दूर लगा है या पाइप लंबा है, तो शुरुआत में कुछ ठंडा पानी भी निकल सकता है।

टैंकलेस गीजर खरीदने पर कितने पैसे खर्च होंगे?

भारत में छोटे इलेक्ट्रिक टैंकलेस वॉटर हीटर करीब 2,500 से 5,000 रुपये की कीमत में मिल सकते हैं। इस बजट में आमतौर पर 3kW से 4.5kW तक की क्षमता वाले मॉडल देखने को मिलते हैं। ब्रांड और फीचर्स के हिसाब से इनके दाम अलग हो सकते हैं।

अगर ज्यादा पावर वाला गीजर लेना है तो कीमत 6,000 से 12,000 रुपये या उससे ऊपर भी जा सकती है। बाजार में कई ऐसे इंस्टेंट गीजर भी मिलते हैं, जिनमें एक से तीन लीटर का छोटा टैंक लगा होता है। दुकानों पर इन्हें भी कई बार बिना टैंक वाले गीजर जैसा बताकर बेचा जाता है। इसलिए खरीदने से पहले मॉडल की जानकारी पढ़ लें।

गीजर घर में लगाने का खर्च अलग हो सकता है। अगर पुरानी वायरिंग ज्यादा पावर नहीं संभाल सकती तो उसे बदलवाना पड़ सकता है। इससे कुल खर्च बढ़ जाएगा।

छोटे बाथरूम में लगाना आसान, लेकिन एक परेशानी भी है

जिन घरों में बाथरूम छोटा है, वहां बड़े गीजर के लिए जगह निकालना मुश्किल होता है। टैंकलेस गीजर आकार में छोटा होने के कारण दीवार पर कम जगह लेता है। किचन में बर्तन धोने या हाथ-मुंह साफ करने के लिए गर्म पानी चाहिए तो भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

लेकिन खरीदते समय एक बात समझना जरूरी है। हर छोटा टैंकलेस गीजर शॉवर के लिए सही नहीं होता। शॉवर में एक मिनट के भीतर काफी पानी निकलता है। अगर गीजर की पावर कम हुई तो पानी हल्का गर्म ही मिलेगा।

मसलन, सर्दियों में पानी बहुत ठंडा आ रहा है तो उसे नहाने लायक गर्म करने में ज्यादा बिजली और हीटिंग क्षमता लगेगी। इसलिए केवल गीजर का आकार देखकर उसे खरीदना सही नहीं होगा। यह भी देखना पड़ेगा कि मशीन एक मिनट में कितना पानी गर्म कर सकती है।

बिजली का बिल कितना बढ़ेगा?

टैंकलेस गीजर में पानी को लंबे समय तक गर्म रखकर स्टोर नहीं करना पड़ता। इस वजह से स्टोरेज टैंक से होने वाली गर्मी की कुछ बर्बादी बच सकती है। लेकिन बिजली का बिल कितना आएगा, इसका सीधा जवाब केवल गीजर के टाइप से नहीं मिल सकता।

मान लीजिए आपके घर में 3kW का गीजर लगा है और वह रोज 20 मिनट पूरी पावर पर चलता है। ऐसे में एक दिन में करीब एक यूनिट बिजली खर्च होगी। महीनेभर यही इस्तेमाल रहा तो लगभग 30 यूनिट बिजली लग सकती है। बिजली का रेट 8 रुपये प्रति यूनिट मानें तो खर्च करीब 240 रुपये बैठेगा।

यह सिर्फ समझाने के लिए किया गया हिसाब है। असल खर्च पानी के इस्तेमाल, गीजर की क्षमता और बिजली की दर पर निर्भर करेगा। ज्यादा पावर वाला गीजर एक समय में अधिक बिजली ले सकता है, लेकिन पानी गर्म करने में कितना समय लगेगा, यह भी मायने रखता है।

टैंकलेस गीजर लगवाने से पहले क्या जांचें?

कई लोग गीजर खरीदते समय केवल कीमत देखते हैं, जबकि बिजली की फिटिंग भी उतनी ही जरूरी है। उदाहरण के लिए, 3kW का गीजर 230 वोल्ट सप्लाई पर करीब 13 एम्पियर करंट लेता है। वहीं 4.5kW मॉडल लगभग 20 एम्पियर तक करंट खींच सकता है।

ऐसे में सामान्य प्लग या पुरानी वायरिंग पर ज्यादा पावर वाला गीजर लगाना खतरनाक हो सकता है। गीजर की कंपनी ने जिस क्षमता की वायरिंग, MCB और दूसरे सुरक्षा उपकरण बताए हैं, उसी के अनुसार इंस्टॉलेशन होना चाहिए। सही अर्थिंग और लीकेज से बचाव की व्यवस्था भी जरूरी है।

पानी का प्रेशर भी चेक करना होगा। कई मॉडल पानी के एक निश्चित बहाव पर ही चालू होते हैं। अगर घर में पानी बहुत कम प्रेशर से आता है तो गीजर ठीक से काम नहीं कर पाएगा।

छोटे किचन या सीमित गर्म पानी की जरूरत वाले घरों में टैंकलेस गीजर काम आ सकता है। वहीं एक साथ कई नलों या तेज शॉवर के लिए गर्म पानी चाहिए तो ज्यादा क्षमता वाले मॉडल की जरूरत पड़ सकती है।

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