भारतीय बैंकों और फिनटेक कंपनियों पर हैकर्स का हमला, CERT-In ने चीनी टूल्स को लेकर दी चेतावनी

CERT-In ने भारतीय बैंकों और फिनटेक कंपनियों को AI साइबर हमलों से सावधान किया है। Crafty Falcon ग्रुप पेमेंट सिस्टम को निशाना बना रहा है। जानें पूरा मामला।

भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने बैंकों, फिनटेक कंपनियों और क्रिप्टो एक्सचेंजों पर AI आधारित साइबर हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। Crafty Falcon नाम का हैकिंग ग्रुप वित्तीय सिस्टम को निशाना बना रहा है। हमलों में इस्तेमाल कुछ टूल्स के चीन से संबंध सामने आए हैं।

Tech: भारत के बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट सेक्टर पर साइबर हमलों का खतरा बढ़ गया है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने 4 नवंबर को जारी अपनी एडवाइजरी में Crafty Falcon नाम के हैकिंग ग्रुप को लेकर चेतावनी दी है। यह ग्रुप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से वित्तीय कंपनियों के सिस्टम में घुसने और बिना अनुमति पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश कर रहा है। हमलावर खासतौर पर छुट्टियों और वीकेंड का समय चुन रहे हैं।

भारतीय बैंकों और फिनटेक कंपनियों पर कैसे हो रहे हैं हमले?

आजकल पैसे भेजने से लेकर लोन लेने तक के कई काम फोन से ही हो जाते हैं। लोग UPI और बैंकिंग ऐप के जरिए घर बैठे लेनदेन कर रहे हैं। इसी ऑनलाइन सिस्टम में सेंध लगाने के लिए हैकर्स भी नए तरीके खोज रहे हैं। अब वे AI टूल्स का इस्तेमाल करके बैंकों और वित्तीय कंपनियों के सॉफ्टवेयर में ऐसी खामियां तलाश रहे हैं, जिनके जरिए ग्राहकों की जानकारी या पैसों तक पहुंच बनाई जा सके।

भारतीय बैंकों और फिनटेक कंपनियों पर हैकर्स का हमला, CERT-In ने चीनी टूल्स को लेकर दी चेतावनी

इसी खतरे को लेकर देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने अलर्ट जारी किया है। एजेंसी ने Crafty Falcon नाम के एक हैकिंग ग्रुप की पहचान की है। इसके निशाने पर बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के अलावा NBFC, ऑनलाइन लोन देने वाले प्लेटफॉर्म, डिजिटल पेमेंट कंपनियां और क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज भी हैं।

CERT-In के मुताबिक, इस ग्रुप की गतिविधियां अभी जारी हैं। कुछ कंपनियों पर दोबारा हमला होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में एजेंसी ने वित्तीय संस्थानों को अपने ऑनलाइन सिस्टम की निगरानी और सुरक्षा जांच बढ़ाने के लिए कहा है।

साइबर हमलों में किन चीनी AI टूल्स के नाम सामने आए?

CERT-In की चेतावनी में चार टूल्स का जिक्र किया गया है। इनके नाम ARTEX, PentAGI, Cairn और CyberStrikeAI हैं। आमतौर पर ऐसे टूल्स का इस्तेमाल नेटवर्क की सुरक्षा जांचने और तकनीकी खामियां पकड़ने के लिए भी किया जाता है। लेकिन गलत हाथों में पड़ने पर ये साइबर हमले करने का जरिया बन सकते हैं।

इन चार टूल्स में कम से कम दो के चीन से संबंध होने की जानकारी सामने आई है। साइबर सुरक्षा कंपनी CrowdStrike के मुताबिक, चीन में विकसित ARTEX का नाम दक्षिण कोरिया के बैंकों पर हुए हमलों में भी सामने आ चुका है।

CrowdStrike ने अपनी जांच में चीन से जुड़े एक हैकिंग ग्रुप की गतिविधियों का भी जिक्र किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस ग्रुप ने जासूसी के मकसद से 14 देशों के 200 से ज्यादा संगठनों को निशाना बनाया था।

हालांकि, टूल का चीन से संबंध होने का यह मतलब नहीं है कि भारत में हुए हमले चीन की सरकार ने करवाए हैं। CERT-In ने Crafty Falcon को किसी देश या सरकारी एजेंसी से नहीं जोड़ा है। हमलावर कहां बैठकर काम कर रहे हैं, इस बारे में भी कोई पक्की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

हैकर्स को वीकेंड और छुट्टियों का इंतजार क्यों रहता है?

CERT-In की रिपोर्ट में हमलों के समय को लेकर भी जानकारी दी गई है। जांच में सामने आया कि हैकर्स ने कई बार छुट्टियों और वीकेंड के दौरान वित्तीय कंपनियों के सिस्टम में घुसने की कोशिश की।

दरअसल, सामान्य कामकाजी दिनों के मुकाबले छुट्टियों में कुछ कंपनियों की निगरानी करने वाली टीम छोटी हो सकती है। ऐसे में संदिग्ध गतिविधि पकड़ने या उस पर कार्रवाई करने में देरी होने का खतरा रहता है।

हैकर्स इसी समय का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। AI और मशीन लर्निंग टूल्स की मदद से वे कम समय में कई तकनीकी खामियां खोज सकते हैं। इससे उनके लिए कमजोर सिस्टम की पहचान करना आसान हो जाता है।

CERT-In ने यह भी बताया कि कुछ संस्थानों पर दोबारा हमले हुए। इन कंपनियों को पहले भी सुरक्षा से जुड़ी चेतावनी मिली थी। उन्होंने सुधार तो किए, लेकिन सिस्टम में मौजूद सभी कमजोरियां दूर नहीं हो पाई थीं। हमलावरों ने दोबारा उन्हीं बची हुई कमियों का फायदा उठाने की कोशिश की।

SBI, स्पंदना स्फूर्ति और AU बैंक से जुड़े मामले

भारतीय वित्तीय संस्थानों से जुड़ी कुछ हालिया घटनाओं ने साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। अक्टूबर में देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के 3,897 ग्राहकों से संबंधित डेटा डार्क वेब पर लीक होने की जानकारी सामने आई थी।

इसके बाद 1 नवंबर को नॉन-बैंकिंग वित्तीय कंपनी स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल ने अपने बैंक अकाउंट से बिना अनुमति रकम निकाले जाने की सूचना दी।

वहीं, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भी ग्राहकों से जुड़ी जानकारी लीक होने की आशंका की जांच करने की बात कही थी।

इन घटनाओं के बाद बैंकिंग सेक्टर में डेटा और पैसों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, CERT-In ने यह नहीं बताया है कि SBI, स्पंदना स्फूर्ति या AU बैंक से जुड़ी घटनाओं में Crafty Falcon की भूमिका थी। ऐसे में इन मामलों को सीधे इस हैकिंग ग्रुप से जोड़ना सही नहीं होगा।

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