अभिनेता अभिलाष थपलियाल कई फिल्मों में अपने अलग-अलग किरदारों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 'दिल जंगली', 'केनेडी', 'मैदान' और अन्य फिल्मों में अपनी अदाकारी दिखाई है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: अभिनेता अभिलाष थपलियाल ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री में बिना फिल्मी बैकग्राउंड वाले कलाकारों की चुनौतियों और फिल्मी परिवार से जुड़ी विशेष सुविधाओं पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि फिल्मी परिवार से होने वाले फायदे और गैर-फिल्मी परिवार से आने वाले नुकसान दोनों ही इस उद्योग में करियर बनाने की दिशा को प्रभावित करते हैं।
फिल्मी परिवार से होने वाले फायदे
अभिलाष थपलियाल ने एचटी से बातचीत में कहा, “अगर मेरा सरनेम भी कपूर या खान होता, तो मेरा अनुभव कुछ और ही होता। यह एक बड़ा सौभाग्य होता, जिससे इंडस्ट्री में दरवाजे आसानी से खुल जाते हैं।” उन्होंने स्टारकिड्स के बारे में उदाहरण देते हुए कहा कि चाहे वह विलेन का रोल करें, शराबी का किरदार निभाएं या कोई फोटोग्राफर का रोल, उनकी हर एक्टिंग चर्चा का विषय बन जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि फिल्मी परिवार से आने वाले कलाकारों को पब्लिसिटी, नेटवर्क और शुरुआती अवसर आसानी से मिल जाते हैं, जो नए या गैर-फिल्मी परिवार के कलाकारों के लिए अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है।

गैर-फिल्मी परिवार से आने वाले नुकसान
अभिलाष ने कहा कि बाहरी कलाकारों के पास विकल्प सीमित होते हैं। “एक बाहरी कलाकार के तौर पर, हम सिर्फ उन्हीं प्रोजेक्ट्स में काम कर सकते हैं जो हमें ऑफर किए जाते हैं। कई बार प्रतिभा होने के बावजूद सही अवसर नहीं मिल पाते,” उन्होंने साझा किया। गैर-फिल्मी परिवार से आने वाले कलाकारों को इंडस्ट्री में पहचान बनाने में ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है। उन्हें अपने नेटवर्क को खुद बनाना पड़ता है और कई बार टैलेंट के बावजूद उन्हें शुरुआती रोल्स में सीमित अवसर ही मिलते हैं।
भाई-भतीजावाद और स्टारकिड्स की मदद को मान्यता देते हुए भी अभिलाष ने इस बात पर जोर दिया कि टैलेंट अब भी सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा, “अगर टैलेंट के साथ इंडस्ट्री का साथ मिल जाए, तो करियर को बहुत बड़ा बढ़ावा मिलता है। लेकिन केवल सरनेम से ही सफलता नहीं मिलती।” अभिलाष थपलियाल खुद इसका उदाहरण हैं। उन्होंने बिना फिल्मी बैकग्राउंड के ही बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई है और अब कई महत्वपूर्ण फिल्मों में अलग तरह के किरदार निभा रहे हैं।
अभिलाष का वर्कफ्रंट
अभिलाष हाल ही में अनुराग कश्यप की फिल्म ‘केनेडी’ में नजर आए हैं। इस फिल्म में राहुल भट्ट और सनी लियोनी भी अहम किरदारों में हैं। इससे पहले उन्होंने ‘दिल जंगली’, ‘मैदान’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता है। उन्होंने कहा कि हर रोल में 100 प्रतिशत मेहनत और समर्पण देना जरूरी है। चाहे वह मुख्य भूमिका हो या सपोर्टिंग रोल, मेहनत और टैलेंट ही किसी भी कलाकार की पहचान तय करता है।









