वामिका ने इस फिल्म को लेकर अपनी खुशी जाहिर की और ‘भूल भुलैया 2’ से जुड़ा एक पुराना किस्सा साझा किया। उन्होंने अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की आपसी समझ, सेट पर अनुशासन और अपनी भविष्य की योजनाओं पर भी खुलकर बात की।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेत्री वामिका गब्बी के लिए फिल्म ‘भूत बंगला’ सिर्फ एक नई फिल्म नहीं बल्कि उनके करियर का खास मौका साबित हुई है। लंबे समय से कॉमेडी फिल्म करने का सपना देख रही वामिका ने इस फिल्म को लेकर अपने अनुभव, सेट पर हुई घटनाओं और अक्षय कुमार एवं प्रियदर्शन के साथ काम करने के अनुभव साझा किए।
कॉमेडी फिल्मों का सपना और ‘भूत बंगला’
वामिका ने कहा,
'मैं काफी समय से कॉमेडी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहती थी। मैं ‘गरम मसाला’, ‘भूल भुलैया’, ‘हलचल’ और ‘भागम भाग’ जैसी फिल्मों को देखकर बड़ी हुई हूं। हमेशा यही सोचती थी कि काश मैं भी ऐसी फिल्मों में काम करूं। जब पता चला कि प्रियदर्शन सर और अक्षय सर साथ में फिल्म कर रहे हैं, तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी खुशी की बात थी।'
उन्होंने यह भी बताया कि पहले वह ‘भूल भुलैया 2’ के लिए ऑडिशन दे चुकी थीं, लेकिन किसी कारणवश वह फिल्म करते-करते रह गई। उन्होंने कहा, "अब देखो, मैं ‘भूत बंगला’ कर रही हूं। जो सपना इतने सालों का था, वह आखिरकार पूरा हो गया।

अक्षय कुमार और प्रियदर्शन का सेट पर रिश्ता
सेट पर अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की आपसी समझ को लेकर वामिका ने कहा, "कभी-कभी लगता था कि दो पुराने दोस्त साथ खड़े हैं और मजाक कर रहे हैं। वहीं कभी-कभी ऐसा लगता था कि गुरु और शिष्य के बीच कोई अनकही समझ चल रही है। प्रियदर्शन सर कुछ कहते थे और अक्षय सर तुरंत समझ जाते थे। इसे देखना बेहद दिलचस्प था।
वामिका ने बताया कि यह तालमेल सेट पर काम करने का माहौल और भी रोमांचक बनाता था। वामिका ने अक्षय कुमार के अनुशासन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, "सेट पर समय पर पहुंचना बेहद जरूरी था। जब पता था कि अक्षय सर हमेशा समय पर आते हैं और अनुशासित हैं, तो आप आराम से या देर से नहीं आ सकते। यह दबाव नकारात्मक नहीं बल्कि आपको और प्रोफेशनल बनाता है। यह अनुभव वामिका के लिए सीखने और आगे बढ़ने का एक नया मौका रहा।
‘भूत बंगला’ के बाद वामिका का लक्ष्य अब अक्षय कुमार के साथ एक्शन फिल्म करने का भी है। उन्होंने कहा, "अक्षय सर के साथ एक्शन फिल्म करना मेरा सपना है। मैं चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने के लिए तैयार हूं और इसे अगले कदम के रूप में देखती हूं।









