आगरा के सदर थाना क्षेत्र की शहजादी मंडी में गणेश प्रतिमा के पंडाल के बाहर देर रात युवकों के दो गुटों के बीच विवाद के बाद पथराव की घटना सामने आई है। गणेश पंडाल के पास अचानक हुए हंगामे और ईंट-पत्थर चलने से वहां मौजूद श्रद्धालुओं में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मौके से दो युवकों को हिरासत में लिया है। मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि शहजादी मंडी इलाके में गणेश प्रतिमा का पंडाल लगाया गया है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। रविवार देर रात भी पंडाल में भजन-कीर्तन चल रहा था और श्रद्धालु मौजूद थे। इसी दौरान पंडाल के बाहर युवकों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया और इसके बाद दोनों तरफ से ईंट-पत्थर चलने लगे।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत एक युवक को एक लड़की के साथ देखने और इसके बाद उसे थप्पड़ मारने की बात से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि इसके बाद युवक ने अपने कई दोस्तों को मौके पर बुला लिया और दोनों पक्षों में टकराव बढ़ गया। करीब 25 युवकों के पहुंचने की बात भी बताई जा रही है, हालांकि इस संख्या और विवाद की पूरी पृष्ठभूमि की पुलिस स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए इस दावे को जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट माना जाएगा।
विवाद बढ़ने के बाद युवकों के बीच मारपीट शुरू हुई। कुछ ही देर में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पंडाल के आसपास पथराव होने लगा। अचानक ईंट-पत्थर चलने से वहां बैठे श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग खुद को सुरक्षित स्थान पर ले जाने लगे। पंडाल में मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
घटना के बाद यह सूचना भी फैल गई कि पथराव के दौरान गणेश प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया है। इससे इलाके में तनाव की आशंका बढ़ गई और पुलिस बल को तत्काल मौके पर भेजा गया। हालांकि आगरा के डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि गणेश प्रतिमा के खंडित होने की बात अफवाह निकली। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और पथराव करने वालों की पहचान के आधार पर कार्रवाई की बात कही गई है।
पुलिस के मौके पर पहुंचने से स्थिति को नियंत्रित किया गया। पथराव के बाद भागने की कोशिश कर रहे दो युवकों को लोगों ने पकड़ लिया, जिन्हें बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस बात से शुरू हुआ, मौके पर कितने युवक मौजूद थे और पथराव में किन लोगों की भूमिका रही।
घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सौदागर लाइन पुलिस चौकी पर भी पहुंचे। लोगों ने पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित होने की बात सामने आई है। पुलिस वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी के आधार पर घटना में शामिल अन्य युवकों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस जांच में यह भी देखा जा रहा है कि विवाद अचानक हुआ था या दोनों पक्षों के बीच पहले से किसी तरह का विवाद चल रहा था। यदि वीडियो फुटेज में पथराव या मारपीट करने वाले अन्य लोगों की पहचान होती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
गणेश पंडाल के आसपास हुई इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। पंडाल में उस समय धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। ऐसे में बाहर युवकों के बीच मारपीट और पथराव से श्रद्धालुओं में डर का माहौल बन गया। पुलिस की कोशिश है कि इलाके में दोबारा इस तरह की स्थिति पैदा न हो और पंडाल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
स्थानीय लोगों के अनुसार गणेशोत्सव के दौरान पंडाल में लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। देर रात तक भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम चलते हैं। ऐसे में पंडाल के बाहर किसी भी तरह का विवाद बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित कर सकता है। पुलिस ने घटना के बाद स्थिति पर नजर रखने और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने की बात कही है।
इस मामले में युवक-युवती से जुड़े विवाद और 25 दोस्तों को बुलाए जाने की बात को फिलहाल आरोप या स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के तौर पर ही देखा जा रहा है। उपलब्ध पुलिस रिपोर्ट में घटना को युवकों के दो गुटों के बीच विवाद और पथराव के रूप में दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह, शामिल लोगों की संख्या और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है और अन्य आरोपितों की पहचान का प्रयास जारी है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं गणेश प्रतिमा को नुकसान पहुंचने की सूचना को पुलिस ने अफवाह बताया है, जिससे फिलहाल मूर्ति के खंडित होने की पुष्टि नहीं होती।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि धार्मिक आयोजनों के आसपास मामूली विवाद भी तेजी से गंभीर रूप ले सकता है। पुलिस के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण चुनौती घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान करना और यह पता लगाना है कि पथराव किसने शुरू किया। वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद के पीछे वास्तविक कारण क्या था और कितने लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।












