AI की दुनिया में एक नया मोड़ सामने आया है, जहां इंसान नहीं बल्कि AI एजेंट्स काम कराने के लिए लोगों को हायर कर रहे हैं। RentAHuman नाम का प्लेटफॉर्म इसी कॉन्सेप्ट पर काम करता है, जो डिजिटल AI और फिजिकल दुनिया के बीच की दूरी को पाटने की कोशिश कर रहा है।
RentAHuman Platform And AI Agents: हाल के दिनों में तकनीक की दुनिया में एक अनोखा बदलाव देखने को मिला है, जहां AI एजेंट्स फिजिकल काम पूरे कराने के लिए इंसानों को हायर कर रहे हैं। यह प्रयोग RentAHuman नाम के एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हो रहा है, जिसे क्रिप्टो इंजीनियर अलेक्जेंडर लाइटेप्लो ने विकसित किया है। इस प्लेटफॉर्म पर इंसान खुद को रजिस्टर कर सकते हैं और AI द्वारा दिए गए टास्क चुन सकते हैं। इसका मकसद डिजिटल AI को रियल वर्ल्ड टास्क पूरे कराने में मदद देना है।
RentAHuman क्या है और कैसे करता है काम
RentAHuman एक मार्केटप्लेस की तरह काम करता है, जहां इंसान खुद को रजिस्टर कर सकते हैं और उपलब्ध टास्क देख सकते हैं। अगर किसी AI एजेंट को मीटिंग में शामिल होने, ग्रॉसरी लाने या किसी जगह फिजिकल मौजूदगी की जरूरत होती है, तो वह इस प्लेटफॉर्म के जरिए इंसान हायर कर सकता है।
यहां यूजर्स अपनी लोकेशन, उपलब्ध समय और तय रेंट के आधार पर काम चुन सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग टास्क के लिए भुगतान तय है और यह रकम 6,000 रुपये से ज्यादा तक जाती है, जो इसे फ्रीलांस काम का एक नया मॉडल बनाती है।

कितने लोग और AI एजेंट्स जुड़े
प्लेटफॉर्म के डेवलपर के अनुसार, फिलहाल 81 AI एजेंट्स RentAHuman का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, 80,000 से ज्यादा इंसान इस पर खुद को रजिस्टर कर चुके हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि लोग इस नए कॉन्सेप्ट को लेकर काफी उत्सुक हैं।
AI एजेंट्स अभी डिजिटल दुनिया तक सीमित हैं, लेकिन जैसे ही फिजिकल टास्क की बात आती है, उन्हें इंसानी मदद की जरूरत पड़ती है। RentAHuman इसी गैप को भरने की कोशिश कर रहा है।
बढ़ते AI-फर्स्ट एक्सपेरिमेंट
RentAHuman अकेला उदाहरण नहीं है। हाल के समय में इंटरनेट पर कई AI-फर्स्ट एक्सपेरिमेंट सामने आए हैं। Clawdbot नाम का एक पर्सनल AI असिस्टेंट भी चर्चा में रहा है, जो सर्वर की बजाय यूजर के अपने कंप्यूटर पर चलता है।
परमिशन मिलने पर यह ईमेल पढ़ सकता है, कैलेंडर चेक कर सकता है और डॉक्यूमेंट्स को समझ सकता है। लगातार इस्तेमाल के बाद यह एक साधारण चैटबॉट से ज्यादा पर्सनल असिस्टेंट जैसा व्यवहार करने लगता है, जो AI के बढ़ते रोल को दिखाता है।










