वाराणसी से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को गुरुवार सुबह सुरक्षा कारणों से लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान विमान के पिछले हिस्से के कार्गो कंपार्टमेंट में धुएं का संकेत मिलने के बाद पायलट ने एहतियाती कदम उठाते हुए विमान को लखनऊ की ओर मोड़ दिया। फ्लाइट IX 1253 ने सुबह करीब 8:52 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सुरक्षित बताए गए हैं।
घटना के बाद लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षा और आपातकालीन टीमों को सक्रिय कर दिया गया। विमान की लैंडिंग के बाद उसका विजुअल निरीक्षण किया गया। शुरुआती जांच में विमान के अंदर वास्तविक धुआं दिखाई नहीं दिया। इसके बावजूद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को अलग स्टैंड पर पार्क कराया गया और यात्रियों को विमान से उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई।
फ्लाइट वाराणसी से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। रास्ते में विमान के सिस्टम में कार्गो कंपार्टमेंट से संबंधित स्मोक इंडिकेशन मिला। विमान में धुएं का संकेत मिलना विमानन सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चेतावनी मानी जाती है, इसलिए चालक दल ने किसी भी जोखिम को लेने के बजाय लखनऊ एयरपोर्ट पर प्राथमिकता के आधार पर लैंडिंग का फैसला किया।
रिपोर्टों के अनुसार विमान में 155 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। लखनऊ में सुरक्षित उतरने के बाद सभी लोगों को विमान से बाहर निकाल लिया गया। किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है।
लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट की आपातकालीन टीम ने विमान की जांच की। विमान के कार्गो हिस्से में धुएं का अलर्ट किस वजह से आया, इसकी तकनीकी जांच की जा रही है। फिलहाल इसे वास्तविक आग की घटना के बजाय स्मोक इंडिकेशन के तौर पर देखा जा रहा है।
एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों को राहत मिली। उड़ान के बीच अचानक धुएं का अलर्ट मिलने से यात्रियों और चालक दल में स्वाभाविक रूप से चिंता की स्थिति पैदा हो सकती थी, लेकिन पायलट ने समय रहते विमान को लखनऊ डायवर्ट कर दिया। इससे किसी तरह की अप्रिय स्थिति बनने से पहले ही विमान को सुरक्षित जमीन पर उतार लिया गया।
विमान के लखनऊ पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई गई। आपातकालीन टीमों ने विमान के आसपास निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि किसी तरह का तत्काल खतरा मौजूद नहीं है। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद विमान की तकनीकी जांच शुरू की गई।
इस घटना के कारण विमान की आगे की उड़ान भी प्रभावित हुई है। तकनीकी जांच पूरी होने तक विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रखा जा सकता है। यात्रियों को दिल्ली पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की संभावना रहती है, जैसा कि ऐसे मामलों में एयरलाइन की सुरक्षा प्रक्रिया के तहत किया जाता है।
गौरतलब है कि विमान में धुएं का संकेत मिलने पर पायलटों के लिए निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय हो जाते हैं। चालक दल को स्थिति का आकलन करते हुए नजदीकी उपयुक्त एयरपोर्ट पर विमान उतारने का फैसला लेना होता है। इस मामले में भी लखनऊ एयरपोर्ट को सुरक्षित विकल्प के रूप में चुना गया और विमान ने प्राथमिकता के आधार पर लैंडिंग की।
यह पहली बार नहीं है जब किसी विमान को धुएं के संकेत के बाद लखनऊ में उतारा गया हो। इससे पहले मार्च 2026 में भी एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक दिल्ली जाने वाली फ्लाइट को उड़ान के दौरान धुएं के अलार्म के बाद लखनऊ डायवर्ट किया गया था। उस विमान में 148 लोग सवार थे और सभी सुरक्षित रहे थे।
हालांकि मौजूदा घटना उस मामले से अलग है। इस बार फ्लाइट वाराणसी से दिल्ली जा रही थी और धुएं का संकेत विमान के पिछले हिस्से के कार्गो कंपार्टमेंट से संबंधित बताया गया है। विमानन अधिकारियों की तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि स्मोक अलर्ट किस कारण से सक्रिय हुआ था।
कार्गो कंपार्टमेंट विमान का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। वहां सामान और अन्य अनुमत सामग्री रखी जाती है। इस हिस्से में धुएं का संकेत मिलने पर सुरक्षा के लिहाज से तत्काल कार्रवाई जरूरी होती है। किसी भी संभावित आग या ओवरहीटिंग की स्थिति को शुरुआती स्तर पर ही रोकना विमानन सुरक्षा का अहम हिस्सा है।
इस मामले में राहत की बात यह रही कि विमान समय रहते सुरक्षित एयरपोर्ट पर उतर गया और किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई। एयरपोर्ट पर आपातकालीन टीमों की मौजूदगी और चालक दल के त्वरित निर्णय के कारण स्थिति को नियंत्रित तरीके से संभाला गया।
लखनऊ एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल है और यहां नियमित रूप से बड़ी संख्या में घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है। ऐसे में किसी विमान की इमरजेंसी या प्राथमिकता लैंडिंग के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल और एयरपोर्ट इमरजेंसी टीमों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी होता है।
इस घटना के बाद यात्रियों के बीच विमान की तकनीकी स्थिति को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि अभी तक उपलब्ध जानकारी में विमान में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआती निरीक्षण में विमान के अंदर धुआं नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है। इसलिए तकनीकी जांच पूरी होने से पहले आग लगने या किसी बड़े तकनीकी दोष के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
एयरलाइन और संबंधित विमानन अधिकारियों की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि कार्गो कंपार्टमेंट का स्मोक अलर्ट किस कारण सक्रिय हुआ। इसके लिए विमान के सेंसर, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, कार्गो क्षेत्र और संबंधित तकनीकी रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।
यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि आपातकालीन स्थिति की आशंका के बावजूद विमान सुरक्षित रूप से लखनऊ में उतरा और सभी लोग सुरक्षित हैं। चालक दल ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समय पर फैसला लिया।
फिलहाल विमान को तकनीकी जांच के लिए लखनऊ एयरपोर्ट पर रखा गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धुएं के संकेत का वास्तविक कारण क्या था और विमान को दोबारा उड़ान के लिए कब तक फिट घोषित किया जाएगा।
कुल मिलाकर, वाराणसी से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 1253 की गुरुवार सुबह लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग हुई। विमान के पिछले कार्गो कंपार्टमेंट में धुएं का संकेत मिलने के बाद पायलट ने सुरक्षा के मद्देनजर विमान को लखनऊ डायवर्ट किया। सुबह 8:52 बजे विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की और उसमें सवार 155 यात्री व क्रू सुरक्षित रहे। शुरुआती निरीक्षण में विमान के अंदर धुआं नहीं मिला है और अब तकनीकी टीम अलर्ट के कारण की जांच कर रही है।









