राजस्थान के अजमेर जिले में ई-रिक्शा में चार्जिंग के दौरान आग लग गई, जिससे वाहन पूरी तरह जल गया। ड्राइवर ने लोन पर रिक्शा खरीदा था, जो उसकी आय का मुख्य साधन था, हादसे के बाद परिवार पर संकट आ गया।
अजमेर: राजस्थान के अजमेर में रविवार सुबह एक चिंताजनक घटना सामने आई, जहां चार्जिंग के दौरान एक ई-रिक्शा में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा रिक्शा कुछ ही मिनटों में जलकर खाक हो गया। इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन चालक की आजीविका पूरी तरह खत्म हो गई।
घटना कहां और कैसे हुई?
यह घटना अजमेर की फरीदाबाद कॉलोनी में रविवार सुबह हुई। स्थानीय निवासी सोनू बिजावत ने रोज की तरह अपने ई-रिक्शा को घर के बाहर चार्जिंग पर लगाया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चार्जिंग के दौरान अचानक बैटरी से चिंगारी निकली, जिसने कुछ ही सेकंड में आग का रूप ले लिया।
आग इतनी तेजी से फैली कि चालक और आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही ई-रिक्शा पूरी तरह आग की लपटों में घिर गया।
आग बुझाने की कोशिश नाकाम
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की। पानी और स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन बैटरी में लगी आग इतनी तीव्र थी कि उसे काबू में नहीं किया जा सका।
कुछ ही मिनटों में ई-रिक्शा पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि किसी व्यक्ति को शारीरिक चोट नहीं आई।
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ड्राइवर की आपबीती: किस्तों पर खरीदा था रिक्शा
ई-रिक्शा चालक सोनू बिजावत ने बताया कि उन्होंने हाल ही में बैंक से लोन लेकर यह रिक्शा खरीदा था। वह इसे किस्तों पर चुका रहे थे और यही उनकी आय का मुख्य स्रोत था।
सोनू के अनुसार, “मैं रोज की तरह इसे चार्ज कर रहा था। अचानक चिंगारी निकली और देखते ही देखते सब कुछ खत्म हो गया। अब समझ नहीं आ रहा कि परिवार का खर्च कैसे चलेगा।”
परिवार पर आर्थिक संकट
इस हादसे ने सोनू के परिवार को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया है। ई-रिक्शा ही उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र साधन था। इसके जल जाने के बाद अब उनके सामने आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं बचा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत जैसे देशों में ई-रिक्शा चलाने वाले अधिकांश लोग मध्यम या निम्न आय वर्ग से आते हैं, और ऐसे हादसे उनके लिए गंभीर आर्थिक झटका साबित होते हैं।
बैटरी फायर: बढ़ती चिंता
ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी से आग लगने की घटनाएं हाल के वर्षों में बढ़ी हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। ऐसे मामलों में आग बहुत तेजी से फैलती है और उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।
हालाँकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को बैटरी सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाने की जरूरत है।










