अलीगढ़ में मुख्यमंत्री ग्रिड (CM Grid) सड़क परियोजना से जुड़े कार्यों में कथित लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। करीब 72 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क परियोजना में सामने आई गड़बड़ियों के बाद नगर आयुक्त ने संबंधित निर्माण फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश जारी कर दिया।
जानकारी के अनुसार, परियोजना के कार्यों की समीक्षा और निरीक्षण के दौरान निर्माण गुणवत्ता तथा कार्य निष्पादन में कई खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने पाया कि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया गया था। इसके बाद मामले की जांच कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक धन से संचालित विकास परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से संबंधित फर्म के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है।
CM ग्रिड परियोजना का उद्देश्य शहर की प्रमुख सड़कों को बेहतर बनाना और यातायात व्यवस्था को सुगम करना है। इस परियोजना के तहत विभिन्न मार्गों के निर्माण और सुधार का कार्य किया जा रहा है। ऐसे में निर्माण गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों को गंभीरता से लिया गया।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद संबंधित फर्म भविष्य में निर्धारित अवधि तक सरकारी परियोजनाओं में भाग नहीं ले सकेगी। साथ ही परियोजना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है ताकि किसी प्रकार की वित्तीय या तकनीकी अनियमितता की जांच की जा सके।
स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और यदि किसी एजेंसी द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। लोगों का मानना है कि इससे अन्य निर्माण एजेंसियों को भी निर्धारित मानकों का पालन करने का संदेश मिलेगा।
शहरी विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी परियोजनाओं में नियमित निरीक्षण और जवाबदेही बेहद आवश्यक है। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और सार्वजनिक संसाधनों के सही उपयोग को सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
फिलहाल नगर निगम द्वारा मामले की आगे की जांच और परियोजना की प्रगति की निगरानी जारी है। प्रशासन का कहना है कि शहर में चल रहे विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा कराया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।











