श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने सुरक्षा कारणों से अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान पूरे यात्रा मार्ग को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया है। यात्रा अवधि में हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं होगी और श्रद्धालुओं को पैदल, पालकी या घोड़े के माध्यम से यात्रा करनी होगी।
Srinagar: अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से यात्रा मार्ग को पूरी अवधि के लिए नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इसके चलते इस वर्ष भी श्रद्धालुओं को हेलिकॉप्टर सेवा का लाभ नहीं मिलेगा और यात्रा पारंपरिक माध्यमों से पूरी करनी होगी।
सुरक्षा कारणों से हेलिकॉप्टर सेवा पर रोक
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने आगामी अमरनाथ यात्रा के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यात्रा अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की हेलिकॉप्टर सेवा संचालित नहीं की जाएगी। बोर्ड के अनुसार यह निर्णय सुरक्षा एजेंसियों की सलाह और यात्रा मार्ग की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

पहलगाम और बालटाल दोनों प्रमुख मार्गों सहित पूरे यात्रा क्षेत्र को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। यह व्यवस्था यात्रा शुरू होने से लेकर उसके समापन तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे सुरक्षा प्रबंधन को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
श्रद्धालुओं को पैदल या पारंपरिक साधनों से करनी होगी यात्रा
हेलिकॉप्टर सेवा बंद होने के बाद श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए अन्य विकल्पों का उपयोग करना होगा। यात्रा मार्ग पर पैदल चलने के अलावा पालकी, पिट्ठू और घोड़े जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलिकॉप्टर सेवा का उपयोग करते थे, विशेषकर बुजुर्ग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले यात्री।
हालांकि इस बार सभी श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्गों से ही यात्रा पूरी करनी होगी। प्रशासन यात्रा मार्गों पर आवश्यक सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की तैयारी में जुटा हुआ है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा प्रबंधन को मिलेगा बल
अमरनाथ यात्रा देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था हमेशा प्रशासन की प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पूरे यात्रा क्षेत्र को नो-फ्लाइंग जोन घोषित करने से सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी और प्रबंधन में मदद मिलेगी। इसके साथ ही संभावित सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भी सुविधा होगी।
तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं को एडवाइजरी का पालन करने की अपील
श्राइन बोर्ड और प्रशासन यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियों में जुटे हैं। यात्रा मार्गों की मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाओं, आवास व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया जा रहा है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और यात्रा के दौरान सभी नियमों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और सुविधा दोनों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी यात्रा को सफलतापूर्वक संचालित करने का प्रयास किया जाएगा।










