अमेरिकी सांसद जेमी रस्किन ने बताया कि एपस्टीन फाइल्स में ट्रंप का नाम दस लाख से अधिक बार आया। दस्तावेजों की समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि उनका नाम बार-बार दिखाई दिया, हालांकि हर 'डोनल्ड' ट्रंप नहीं है।
America: अमेरिकी सांसद जेमी रस्किन ने हाल ही में दावा किया है कि जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम दस लाख से अधिक बार आया है। रस्किन ने यह जानकारी एक्सियोस को दी और बताया कि उन्होंने दस्तावेजों में 'ट्रंप', 'डोनल्ड' या 'डॉन' शब्दों को खोजा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर 'डोनल्ड' का मतलब ट्रंप ही नहीं हो सकता।
रस्किन हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के एक वरिष्ठ सदस्य और शीर्ष डेमोक्रेट सांसद हैं। उन्हें एपस्टीन फाइलों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने बताया कि फाइलों की समीक्षा करते समय ट्रंप का नाम बार-बार दिखाई दिया, जिससे यह दावा किया जा सकता है कि उनका नाम इन दस्तावेजों में व्यापक रूप से मौजूद है।
दस्तावेजों में ट्रंप का बार-बार जिक्र
रस्किन ने कहा कि उन्होंने बिना एडिट की गई फाइलों में ट्रंप का नाम खोजा और दस लाख से अधिक परिणाम मिले। उन्होंने कहा, “ट्रंप का नाम हर जगह है।” हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हर बार 'डोनल्ड' शब्द का मतलब ट्रंप ही नहीं हो सकता, कभी-कभी यह किसी अन्य व्यक्ति के लिए भी इस्तेमाल हुआ हो।
सांसद ने आगे बताया कि उन्होंने सभी तीन मिलियन से अधिक दस्तावेजों की समीक्षा नहीं की। उन्होंने केवल ट्रंप, डोनल्ड और डॉन शब्दों को सर्च किया और इन शब्दों से जुड़े परिणामों की गिनती दस लाख से अधिक आई। रस्किन ने यह भी कहा कि उनके पास इतने विशाल दस्तावेजों को पूरी तरह जांचने का समय नहीं था।

एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट
अमेरिकी न्याय विभाग ने पिछले महीने एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत दस्तावेजों का एक बड़ा बैच जारी किया। डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने बताया कि विभाग ने तीन मिलियन से अधिक पेज, 2,000 से अधिक वीडियो और 180,000 फोटोज जारी किए। इस बैच में वे रिकॉर्ड्स शामिल थे जिन्हें पिछले साल दिसंबर में रोक दिया गया था।
विभाग ने यह कदम राजनीतिक और सार्वजनिक दबाव के चलते उठाया। न्याय विभाग ने कहा कि ये दस्तावेज पारदर्शिता बढ़ाने और जनता को पूरी जानकारी देने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।
जेमी रस्किन की समीक्षा प्रक्रिया
रस्किन ने बताया कि दस्तावेजों की समीक्षा करते समय उन्होंने केवल खोज शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं था, बल्कि फाइलों में ट्रंप के नाम की बार-बार उपस्थिति का आंकलन करना था।
उन्होंने कहा कि दस्तावेजों में पाए गए परिणामों की व्याख्या करना जटिल है। क्योंकि सभी 'डोनल्ड' या 'डॉन' नाम का मतलब ट्रंप ही नहीं हो सकता। फिर भी यह तथ्य सामने आता है कि ट्रंप का नाम इन फाइलों में व्यापक रूप से आया है।
जेमी रस्किन के इस दावे के बाद अमेरिकी संसद और जनता में चर्चा तेज हो गई है। कई सांसदों ने इस पर टिप्पणी की है कि यह जानकारी जांच का विषय बन सकती है और न्याय विभाग को पारदर्शी तरीके से सभी दस्तावेजों की समीक्षा करने की जरूरत है।











