राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत बीफ, कॉफी और उष्णकटिबंधीय फलों सहित कई वस्तुओं पर लगाए गए शुल्क समाप्त कर दिए जाएंगे।
वाशिंगटन: अमेरिका में लगातार बढ़ती महंगाई और उपभोक्ताओं की नाराज़गी के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कई खाद्य उत्पादों पर लगाए गए आयात शुल्क को हटा दिया है। शुक्रवार को जारी कार्यकारी आदेश के तहत बीफ़, कॉफी और कई उष्णकटिबंधीय फलों पर लागू टैरिफ समाप्त कर दिए गए। यह निर्णय उन उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों के बाद लिया गया है जो दैनिक उपयोग के खाद्य उत्पादों की आसमान छूती कीमतों से परेशान थे।
महंगाई ने तोड़ा आम अमेरिकी का बजट
पिछले कुछ महीनों में अमेरिका महंगाई के रिकॉर्ड स्तर से जूझ रहा है। खाद्य उत्पादों की कीमतों ने आम अमेरिकी परिवारों की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाला है। सुपरमार्केटों में कॉफी, बीफ़ और फल जैसी रोजमर्रा की चीजें महंगी होने से लोगों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। कई सर्वे बताते हैं कि महंगाई अमेरिकी परिवारों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गई है और उपभोक्ता खुले तौर पर कीमतों में बढ़ोतरी के लिए प्रशासन की आलोचना कर रहे हैं।
हाल ही में हुए मेयर चुनावों के नतीजों में भी महंगाई एक प्रमुख मुद्दा रही, जिसने ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया। इसी वजह से राष्ट्रपति ट्रंप ने शुल्क घटाने और आयात को बढ़ावा देने का फैसला किया, ताकि बाजार में आपूर्ति बढ़े और कीमतों पर नियंत्रण लाया जा सके।
टैरिफ हटाने पर ट्रंप ने किए हस्ताक्षर

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित नए कार्यकारी आदेश में उन उत्पादों को विशेष रूप से शामिल किया गया है जिनकी कीमतें अमेरिका में तेजी से बढ़ रही थीं। आदेश के मुताबिक, अमेरिका ने इक्वाडोर, ग्वाटेमाला, अल सल्वाडोर और अर्जेंटीना के साथ नए व्यापार समझौते किए हैं, जिनके तहत इन देशों से आने वाले कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम किया जाएगा।
कॉफी पर शुल्क हटाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका में कॉफी की मांग बहुत अधिक है और देश की बड़ी आबादी इसके आयात पर निर्भर है। ट्रंप ने कुछ ही दिन पहले संकेत दिया था कि वे कॉफी आयात बढ़ाने के लिए शुल्क में कमी कर सकते हैं।
ट्रंप प्रशासन का दावा और बदलता रुख
ट्रंप प्रशासन लंबे समय से यह दावा करता आया है कि टैरिफ से उपभोक्ता कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होती। उनकी दलील रही है कि आयात शुल्क का असर विदेशी कंपनियों पर पड़ता है, न कि अमेरिकी उपभोक्ताओं पर। लेकिन बढ़ती महंगाई के बीच इस दावे पर सवाल उठने लगे। नए आदेश में ऐसे कई उत्पाद शामिल हैं जो अमेरिका में बड़े पैमाने पर उत्पादित नहीं होते। ऐसे में टैरिफ हटाना कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है।
अमेरिका में बीफ़ की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी थीं। बीफ़ अमेरिकी भोजन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसकी बढ़ती कीमतें उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गई थीं। बीफ़ की महंगाई बढ़ने के पीछे प्रमुख कारणों में से एक ब्राजील से आयात पर लगाया गया अतिरिक्त शुल्क भी रहा है। ब्राजील दुनिया के सबसे बड़े बीफ़ निर्यातकों में से एक है, और टैरिफ बढ़ने के बाद बीफ़ की लागत सीधे बढ़ी।
ट्रंप प्रशासन इस मुद्दे को पहचानते हुए बीफ़ पर शुल्क हटाने को महंगाई नियंत्रित करने के लिए जरूरी मान रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि बीफ़ की कीमतें कम रखना उनकी प्राथमिकताओं में है, और प्रशासन उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए आगे भी कदम उठाने को तैयार है।











