आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी में जुटी YSRCP, उम्मीदवार चयन और नामांकन पर बनाई रणनीति

YSRCP ने तिरुपति में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की रणनीति पर बैठक की। पेड्डिरेड्डी ने उम्मीदवार चयन, नामांकन और गठबंधन सरकार पर कई आरोपों पर चर्चा की।

YSRCP ने तिरुपति में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी को लेकर बैठक की। पेड्डिरेड्डी रामचंद्र रेड्डी ने उम्मीदवार चयन और नामांकन पर चर्चा की। उन्होंने गठबंधन सरकार पर पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले, भर्ती में अनियमितताओं और अन्य मुद्दों को लेकर आरोप लगाए।

तिरुपति: आंध्र प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। तिरुपति में रविवार को हुई पार्टी की बैठक में चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों के चयन और नामांकन प्रक्रिया की तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक में नेताओं से उपयुक्त उम्मीदवारों की पहचान कर पार्टी के अधिक से अधिक प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारने को कहा गया।

तिरुपति में YSRCP नेताओं की बैठक

पूर्ववर्ती चित्तूर जिले से जुड़े YSRCP नेताओं की बैठक तिरुपति में आयोजित की गई। इसमें पार्टी के क्षेत्रीय समन्वयक पेड्डिरेड्डी रामचंद्र रेड्डी, जिला अध्यक्ष भूमना करुणाकर रेड्डी, पूर्व उपमुख्यमंत्री के नारायण स्वामी और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के समन्वयक शामिल हुए।

बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी रहा। नेताओं ने संभावित उम्मीदवारों की पहचान, पार्टी की चुनावी रणनीति और नामांकन दाखिल करने की तैयारियों पर विचार-विमर्श किया। पार्टी नेतृत्व ने स्थानीय नेताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में उपयुक्त उम्मीदवारों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि YSRCP के अधिक से अधिक उम्मीदवार स्थानीय निकाय चुनावों में मुकाबले में उतरें।

पेड्डिरेड्डी ने गठबंधन सरकार पर लगाए आरोप

बैठक के दौरान पेड्डिरेड्डी रामचंद्र रेड्डी ने आंध्र प्रदेश की मौजूदा गठबंधन सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन सरकार के 27 महीने के कार्यकाल के दौरान YSRCP नेताओं, कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया से जुड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए।

पेड्डिरेड्डी ने कहा कि पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर उत्पीड़न का सामना करना पड़ा और उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ। ये आरोप YSRCP नेता ने लगाए हैं; सरकार की ओर से इन विशेष आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और गठबंधन सरकार ने अपने कई चुनावी वादे पूरे नहीं किए हैं।

सचिवालय कर्मचारियों के प्रदर्शन का भी मुद्दा उठाया

YSRCP नेता ने सचिवालय कर्मचारियों के विरोध-प्रदर्शनों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस का इस्तेमाल कर्मचारियों के विरोध को दबाने के लिए कर रही है। पेड्डिरेड्डी ने कहा कि पिछली YSRCP सरकार के कार्यकाल में 1.26 लाख सचिवालय कर्मचारियों की भर्ती की गई थी। उन्होंने मौजूदा सरकार के दौरान 16,000 DSC पदों की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का भी आरोप लगाया।

हालांकि, शिक्षक भर्ती को लेकर YSRCP और राज्य सरकार के बीच पहले से राजनीतिक विवाद चल रहा है। YSRCP ने 2025 की Mega DSC भर्ती में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है, जबकि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आरोपों को खारिज किया है। नायडू ने सितंबर में कहा था कि उनकी सरकार ने करीब 16,000 शिक्षकों की भर्ती की और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं की कोई गुंजाइश नहीं थी।

16,000 DSC पदों पर विवाद

आंध्र प्रदेश में DSC भर्ती को लेकर YSRCP और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। YSRCP अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग की है।

YSRCP का आरोप है कि करीब 16,000 शिक्षक पदों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े गंभीर सवाल उठे हैं। पार्टी ने प्रश्नपत्र की सुरक्षा, चयन प्रक्रिया और स्पोर्ट्स कोटा नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार या हेरफेर के आरोपों को खारिज किया है। इस विवाद के बीच YSRCP ने स्थानीय निकाय चुनावों में अपने संगठन को सक्रिय रखने पर जोर दिया है।

उद्योगों के राज्य से बाहर जाने का आरोप

पेड्डिरेड्डी रामचंद्र रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के औद्योगिक माहौल को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य से उद्योग बाहर जा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि यदि वाईएस जगन मोहन रेड्डी दोबारा सत्ता में लौटते हैं तो ये उद्योग वापस आ सकते हैं। यह YSRCP नेता का राजनीतिक दावा है और इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

आंध्र प्रदेश में उद्योग और निवेश को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस लगातार जारी रही है। ऐसे में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास भी राजनीतिक मुद्दों में शामिल हो सकते हैं।

BC आरक्षण का भी किया जिक्र

पेड्डिरेड्डी ने स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग यानी BC आरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि अदालत के 50 प्रतिशत आरक्षण संबंधी फैसले के बावजूद पिछली YSRCP सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों में BC समुदाय के लिए 50 प्रतिशत सीटें उपलब्ध कराई थीं।

आरक्षण को लेकर आंध्र प्रदेश में मौजूदा समय में भी राजनीतिक बहस जारी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय निकाय चुनावों में BC आरक्षण को बढ़ाकर 34 प्रतिशत करने के राज्य सरकार के कदम को लेकर कानूनी चुनौती सामने आई है और मामला आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के समक्ष है।

इस मुद्दे पर दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमे अपने-अपने रिकॉर्ड और नीतियों को लेकर जनता के सामने दावे कर रहे हैं।

कुप्पम को लेकर चंद्रबाबू नायडू पर आरोप

पेड्डिरेड्डी ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर आरोप लगाया कि वह उन्हें कुप्पम में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राजनीतिक नेताओं की आवाजाही को लेकर ऐसी स्थिति बनती है तो स्थानीय निकाय चुनाव स्वतंत्र रूप से कैसे कराए जाएंगे।

यह आरोप भी पेड्डिरेड्डी की ओर से लगाया गया है। स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं हुई है।

नायडू ने इससे पहले कुप्पम में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए प्रचार शुरू करते हुए TDP, Jana Sena और BJP के नेतृत्व वाले NDA के लिए समर्थन मांगा था। उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन को मजबूत जनादेश देने की अपील की थी।

स्थानीय निकाय चुनाव YSRCP के लिए अहम

YSRCP के लिए आगामी स्थानीय निकाय चुनाव संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण हैं। पार्टी 2024 के विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बाद जमीनी स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

सितंबर में YS जगन मोहन रेड्डी ने भी पार्टी के क्षेत्रीय समन्वयकों के साथ बैठक कर स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मजबूत उम्मीदवारों की पहचान करने और स्थानीय नेतृत्व को सक्रिय करने पर जोर दिया था। उन्होंने नेताओं से उम्मीदवारों की सूची तैयार करने और बूथ से लेकर मंडल स्तर तक संगठन को मजबूत करने को कहा था।

तिरुपति की बैठक इसी व्यापक चुनावी तैयारी का हिस्सा है। पार्टी ने स्थानीय स्तर पर उम्मीदवारों की पहचान और नामांकन प्रक्रिया पर फोकस बढ़ाया है।

चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप तेज

आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। YSRCP जहां सरकार पर प्रशासनिक दबाव, भर्ती प्रक्रिया और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साध रही है, वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन स्थानीय स्तर पर अपने प्रदर्शन और विकास एजेंडे के आधार पर समर्थन मांग रहा है।

पेड्डिरेड्डी की बैठक में भी चुनावी रणनीति के साथ इन्हीं राजनीतिक मुद्दों को प्रमुखता मिली। पार्टी का जोर अब उम्मीदवार चयन और नामांकन प्रक्रिया को समय पर पूरा करने पर है।

आगे चुनाव कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवारों के नामांकन, स्थानीय गठबंधनों और क्षेत्रवार राजनीतिक समीकरणों पर तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल YSRCP ने अपने नेताओं को स्थानीय स्तर पर संगठन सक्रिय करने और पार्टी उम्मीदवारों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

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