पंजाब में अब घर का ई-कचरा स्कूल लाएंगे छात्र, पुराने कंप्यूटर-टीवी की होगी नीलामी,2 अक्टूबर से अभियान

पंजाब के सरकारी स्कूलों में 2 से 31 अक्टूबर तक ई-कचरा अभियान चलेगा। छात्र घरों से पुराना इलेक्ट्रॉनिक सामान जमा करेंगे, पुराने कंप्यूटर-टीवी की नीलामी होगी।

पंजाब के सरकारी स्कूलों में 2 से 31 अक्टूबर तक ई-कचरा संग्रह और सुरक्षित निपटान का विशेष अभियान चलेगा। छात्र अभिभावकों की सहमति से पुराने मोबाइल, चार्जर, केबल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान स्कूलों में जमा कर सकेंगे। पुराने कंप्यूटर और टीवी की नीलामी भी होगी।

चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र अब अपने घरों में पड़े पुराने और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान को स्कूल में बने ई-वेस्ट कलेक्शन प्वाइंट पर जमा करा सकेंगे। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत 2 से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान घरों से एकत्र ई-कचरे के सुरक्षित निपटान के साथ स्कूलों में लंबे समय से पड़े अनुपयोगी कंप्यूटर, टीवी, डीवीडी प्लेयर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान का भी नियमानुसार निपटान किया जाएगा।

हर स्कूल में बनेगा ई-वेस्ट कलेक्शन कार्नर

अभियान के तहत प्रत्येक सरकारी स्कूल में ई-वेस्ट कलेक्शन कार्नर बनाया जाएगा। यहां पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को सुरक्षित और सूखे कंटेनर में रखा जाएगा। छात्र अपने घरों में पड़े पुराने मोबाइल, खराब चार्जर, केबल, कैलकुलेटर, कीबोर्ड और अन्य अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान की पहचान कर सकेंगे।

छात्र अभिभावकों की सहमति से इस ई-कचरे को स्कूल में जमा करा सकेंगे। स्कूल प्रशासन की ओर से एकत्र ई-कचरे को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) से अधिकृत रिसाइक्लर्स के माध्यम से सुरक्षित तरीके से निपटाने की व्यवस्था की जाएगी।

ई-कचरे के खतरों के बारे में जागरूक होंगे छात्र

अभियान का उद्देश्य केवल स्कूलों से पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को हटाना नहीं है, बल्कि छात्रों और उनके परिवारों को ई-कचरे के सुरक्षित निपटान के प्रति जागरूक करना भी है। स्कूलों में छात्रों और शिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इन सत्रों में ई-कचरे से पर्यावरण को होने वाले नुकसान, सुरक्षित निपटान और सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। छात्रों को अभियान से जोड़ने के लिए ई-वेस्ट आर्ट इंस्टालेशन, पोस्टर मेकिंग और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। अभियान के प्रचार के लिए इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।

पोर्टल पर दर्ज होगा एकत्र ई-कचरे का वजन

अभियान के दौरान स्कूल ईको क्लब के कोआर्डिनेटर को इसमें शामिल छात्रों की संख्या, आयोजित वर्कशॉप और एकत्र किए गए ई-कचरे का वजन किलोग्राम में पोर्टल पर दर्ज करना होगा।

जिला शिक्षा अधिकारी स्कूल क्लस्टरों की CPCB या SPCB से अधिकृत रिसाइक्लर्स अथवा प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी ऑर्गेनाइजेशंस (PRO) के साथ मैपिंग कराएंगे। निर्धारित तिथियों पर अधिकृत रिसाइक्लर्स स्कूल या क्लस्टर हब से ई-कचरा उठाएंगे।

पुराने कंप्यूटर और टीवी की होगी नीलामी

स्कूलों में लंबे समय से पड़े अनुपयोगी कंप्यूटर, टीवी, डीवीडी प्लेयर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान का भी सरकारी नियमों के अनुसार निपटान किया जाएगा। जहां नए कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं या उपलब्ध कराए जा रहे हैं, वहां पुराने अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान की नीलामी की जाएगी।

नीलामी से प्राप्त राशि को राज्य के खजाने में जमा कराया जाएगा। इससे स्कूलों में लंबे समय से बेकार पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान को हटाने के साथ उसके नियमानुसार निपटान की प्रक्रिया भी पूरी होगी।

अनधिकृत कबाड़ी को नहीं बेच सकेंगे ई-कचरा

स्कूल प्रशासन ई-कचरे को किसी स्थानीय अनधिकृत कबाड़ी या स्क्रैप डीलर को नहीं बेच सकेगा। ई-कचरे का निपटान केवल CPCB या SPCB की आधिकारिक सूची में शामिल प्रमाणित रिसाइक्लर्स के माध्यम से किया जाएगा।

इस व्यवस्था के जरिए घरों और स्कूलों से निकलने वाले इलेक्ट्रॉनिक कचरे को अनधिकृत तरीके से निपटाने के बजाय प्रमाणित रिसाइक्लिंग व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। अभियान के दौरान छात्रों की भागीदारी के जरिए ई-कचरे के सुरक्षित निपटान को लेकर जागरूकता बढ़ाने की भी कोशिश की जाएगी।

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