BRS नेताओं ने हैदराबाद में ED अधिकारियों से मुलाकात कर मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, उनके परिवार और Raghava Constructions से जुड़े मामलों की जांच का विवरण मांगा। पार्टी ने 2024 की तलाशी का परिणाम सार्वजनिक करने और 15 दिन में लिखित जवाब देने की मांग की।
हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेताओं ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों से मुलाकात कर तेलंगाना के मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, उनके परिवार और उनसे जुड़े कारोबारी संस्थानों के खिलाफ चल रही जांच की स्थिति और परिणाम सार्वजनिक करने की मांग की। BRS नेताओं ने सितंबर 2024 में हुई ED की तलाशी कार्रवाई समेत कई मामलों पर एजेंसी से लिखित जवाब मांगा।
ED कार्यालय के बाहर पुलिस ने रोका
BRS के विधायक और विधान परिषद सदस्य जब हैदराबाद के बशीरबाग स्थित ED कार्यालय पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें शुरुआत में अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद वहां कुछ देर विरोध और नारेबाजी हुई।
बाद में BRS प्रतिनिधिमंडल को ED अधिकारियों से मिलने की अनुमति दी गई। Telangana Today के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने ED की डिप्टी डायरेक्टर स्वाति को अपना ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में विधायक KP विवेकानंद और K संजय कुमार, MLC शंभिपुर राजू और नवीन रेड्डी समेत अन्य BRS नेता शामिल थे।
BRS नेताओं ने प्रवर्तन निदेशालय से मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, उनके बेटे हर्षा रेड्डी और Raghava Constructions से जुड़े मामलों की जांच की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
सितंबर 2024 की ED कार्रवाई पर सवाल
BRS ने अपने ज्ञापन में विशेष रूप से 27 और 28 सितंबर 2024 को हुई ED की तलाशी का उल्लेख किया। पार्टी के मुताबिक, उस समय मंत्री और उनसे जुड़े लोगों से संबंधित करीब 16 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया था। 2024 में मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ED ने पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी के हैदराबाद स्थित आवास और Raghava Constructions से जुड़े परिसरों समेत कई स्थानों पर तलाशी ली थी। कुछ रिपोर्टों में 16 ED टीमों द्वारा कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई थी।
उस समय की रिपोर्टों में कार्रवाई को एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जोड़ा गया था, जिसकी पृष्ठभूमि में Directorate of Revenue Intelligence (DRI) की शिकायत का उल्लेख किया गया था। हालांकि, 2024 में ED की ओर से तलाशी के आधार और मामले की स्थिति को लेकर सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी सीमित थी।
लक्जरी घड़ियों से जुड़े मामले का भी जिक्र
BRS नेताओं ने अपने ज्ञापन में 5 फरवरी 2024 को चेन्नई एयर कस्टम्स द्वारा दो लक्जरी घड़ियों की जब्ती का भी उल्लेख किया। पार्टी के अनुसार, इन घड़ियों में Patek Philippe 5740 और Breguet 2759 शामिल थीं और इनकी कीमत ₹1.73 करोड़ बताई गई थी।
2024 की रिपोर्टों में पोंगुलेटी के बेटे हर्षा रेड्डी से जुड़े कथित लक्जरी घड़ी मामले का जिक्र आया था। कुछ रिपोर्टों में ED की जांच को DRI की शिकायत और कथित हवाला तथा क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन से जोड़कर बताया गया था। हालांकि, उस समय रिपोर्टों में घड़ियों की संख्या और कुल मूल्य को लेकर अलग-अलग आंकड़े प्रकाशित हुए थे। इसलिए BRS द्वारा अपने ज्ञापन में दिए गए ₹1.73 करोड़ के आंकड़े को पार्टी के दावे के रूप में देखना उचित है।
नवंबर 2023 की आयकर विभाग की कार्रवाई भी उठाई
BRS नेताओं ने 9 नवंबर 2023 को आयकर विभाग द्वारा पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी से जुड़े परिसरों पर की गई तलाशी का भी संदर्भ दिया।
BRS का कहना है कि इन विभिन्न जांच और तलाशी कार्रवाइयों की स्थिति को लेकर सार्वजनिक रूप से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पार्टी ने ED से यह बताने की मांग की कि 2024 की कार्रवाई के दौरान क्या-क्या मिला, क्या जब्त किया गया और जांच वर्तमान में किस चरण में है।
PMLA के तहत जवाबदेही की मांग
BRS प्रतिनिधिमंडल ने Prevention of Money Laundering Act, 2002 (PMLA) के तहत एजेंसी से जवाबदेही की मांग की। नेताओं ने पूछा कि क्या संबंधित मामलों में ED को PMLA की धारा 66(2) के तहत कोई सूचना प्राप्त हुई या एजेंसी ने उस पर संज्ञान लिया। BRS ने विशेष रूप से Narayanpet-Kodangal award, Vattinagulapally FIR और Kotwalguda quarrying complaint से जुड़े मामलों के संदर्भ में सवाल उठाए।
पार्टी ने पूछा कि यदि इन मामलों में ED ने कोई कार्रवाई नहीं की है, तो क्या एजेंसी यह जांच करेगी कि इनमें कोई निर्धारित अपराध (scheduled offence) या अपराध से प्राप्त आय (proceeds of crime) से जुड़ा पहलू मौजूद है या नहीं। ये सवाल BRS की ओर से उठाए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में इन मामलों पर ED की ओर से तत्काल कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
15 दिन में लिखित जवाब की मांग
BRS नेताओं ने ED से अपने प्रतिनिधित्व का जवाब 15 दिनों के भीतर लिखित रूप में देने की मांग की है। ज्ञापन में पार्टी ने ED से सितंबर 2024 की तलाशी का परिणाम सार्वजनिक करने को कहा। नेताओं ने यह भी मांग की कि यदि जांच अभी जारी है तो आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित prosecution complaint की स्थिति स्पष्ट की जाए।
वहीं, यदि जांच बंद की जा चुकी है, तो BRS ने उसे बंद करने के कारण सार्वजनिक करने की मांग की। पार्टी ने यह भी कहा कि बाद में सामने आए अन्य मामलों को मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित पहलू से जांचा जाना चाहिए और जांच किसी व्यक्ति के राजनीतिक पद से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
BRS ने आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी
BRS नेताओं ने कहा कि यदि उन्हें निर्धारित समय में ED अधिकारियों से जवाब नहीं मिलता है, तो वे इस मामले को ED के निदेशक, केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग, तेलंगाना विधानसभा और संसद में उठाएंगे।
पार्टी ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर उपलब्ध कानूनी उपायों का इस्तेमाल किया जाएगा।
BRS कार्यकारी अध्यक्ष KT रामाराव ने भी अलग से ED की 2024 की कार्रवाई के दो साल पूरे होने पर एजेंसी की कथित चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राजनीतिक तौर पर कांग्रेस और BJP के बीच कथित गठजोड़ का आरोप लगाया है। यह उनका राजनीतिक आरोप है और इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
2024 की ED कार्रवाई की पृष्ठभूमि
सितंबर 2024 में ED की कार्रवाई के दौरान मीडिया रिपोर्टों में बताया गया था कि एजेंसी ने हैदराबाद और खम्मम में पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, उनके परिवार से जुड़े लोगों और Raghava Constructions से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी।
New Indian Express ने उस समय रिपोर्ट किया था कि ED अधिकारियों ने मंत्री के आवास और Raghava Constructions से जुड़े कार्यालयों में तलाशी की थी। कुछ रिपोर्टों में कार्रवाई को उनके बेटे हर्षा रेड्डी से जुड़े कथित लक्जरी घड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जोड़ा गया था।
हालांकि, अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में तलाशी वाले परिसरों की संख्या, घड़ियों की कीमत और जांच के दायरे को लेकर अंतर दिखाई देता है। ऐसे में किसी आरोप या जांच को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य के तौर पर प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
राजनीतिक विवाद के बीच बढ़ी पारदर्शिता की मांग
BRS की ताजा पहल ऐसे समय हुई है जब तेलंगाना की राजनीति में पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है।
इस मामले में BRS का मुख्य सवाल यह है कि 2024 में हुई ED की तलाशी के बाद जांच कहां तक पहुंची और क्या एजेंसी ने कोई आगे की कार्रवाई की। दूसरी ओर, किसी जांच में कार्रवाई हुई या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण संबंधित जांच एजेंसी के आधिकारिक रिकॉर्ड और बयान से ही किया जा सकता है।
फिलहाल BRS ने ED से 15 दिनों में लिखित जवाब और 2024 की तलाशी की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। आगे यह देखना होगा कि प्रवर्तन निदेशालय इस प्रतिनिधित्व पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या वह जांच की स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक करता है।












