वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और पुलिस मामलों के जरिए दबाव डालने का आरोप लगाया। कुरनूल में विधायक विरुपाक्षी से मुलाकात के बाद उन्होंने इसे ‘रेड बुक राज’ बताया।
कुरनूल: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने राज्य की गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की जगह ‘रेड बुक संविधान’ के जरिए शासन चलाया जा रहा है और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए पुलिस मामलों, गिरफ्तारियों और दबाव की राजनीति का सहारा लिया जा रहा है। हालांकि, ये आरोप जगन मोहन रेड्डी की ओर से लगाए गए हैं और सरकार का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
जेल में बंद विधायक से मिलने कुरनूल पहुंचे जगन
जगन मोहन रेड्डी गुरुवार को कुरनूल पहुंचे, जहां उन्होंने जेल में बंद YSRCP विधायक विरुपाक्षी से मुलाकात की। उनके दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय लोगों की बड़ी भीड़ देखने को मिली। ओरवाकल एयरपोर्ट से पंचलिंगाला गांव स्थित उप-जेल तक सड़क के दोनों ओर समर्थक मौजूद रहे और उन्होंने पार्टी अध्यक्ष के समर्थन में नारे लगाए।
जगन के काफिले के रास्ते में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के जुटने से इलाके में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। पूर्व मुख्यमंत्री के साथ पूर्व मंत्री पेड्डिरेड्डी रामचंद्र रेड्डी और बुग्गना राजेंद्रनाथ रेड्डी भी मौजूद रहे। विधायक विरुपाक्षी की पत्नी और बेटे ने भी उनसे मुलाकात की।
‘सरकार पर सवाल उठाने वालों पर दर्ज हो रहे केस’
जेल में विधायक से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में जगन ने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों पर पुलिस मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस केस और गिरफ्तारियों के जरिए लोगों को डराने की कोशिश की जा रही है।
जगन ने राज्य में मौजूदा शासन को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में आंध्र प्रदेश में शासन का ऐसा स्वरूप पहले नहीं देखा। उनके मुताबिक, सरकार की कार्रवाई का उद्देश्य राजनीतिक असहमति को दबाना और विपक्षी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ‘रेड बुक संविधान’ और ‘गठबंधन संविधान’ लागू किया जा रहा है। जगन का यह बयान विपक्ष की ओर से गठबंधन सरकार की कार्यप्रणाली पर किए जा रहे राजनीतिक हमलों का हिस्सा माना जा रहा है।
विधायक विरुपाक्षी के मामले का किया जिक्र
जगन ने अपने संबोधन में विधायक विरुपाक्षी से जुड़े मामले को भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि विधायक एक पार्टी कार्यकर्ता की मदद करने के लिए मौके पर पहुंचे थे, लेकिन बाद में उनके खिलाफ ही मामला दर्ज कर दिया गया।
जगन का आरोप है कि एक TDP कार्यकर्ता ने विधायक की पत्नी के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया और इसके बाद मामले की दिशा बदलते हुए विधायक विरुपाक्षी को ही आरोपी बना दिया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ ही घंटों के भीतर विधायक के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए और करीब 38 लोगों को जेल भेजा गया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। ऐसे मामलों में संबंधित पुलिस और सरकार का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
‘निर्वाचित प्रतिनिधि भी नहीं सुरक्षित’
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार की कथित कार्रवाई केवल आम कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी निर्वाचित विधायक को राजनीतिक गतिविधियों या किसी व्यक्ति की मदद करने के कारण कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
जगन ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने इसे ‘प्रतिशोध की राजनीति’ करार दिया और कहा कि YSRCP इस तरह की कार्रवाई के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी स्तर पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

विरुपाक्षी को दिया समर्थन का भरोसा
जगन मोहन रेड्डी ने जेल में बंद विधायक को भरोसा दिलाया कि YSRCP उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने विरुपाक्षी से हिम्मत नहीं हारने की अपील की और कहा कि पार्टी मुश्किल परिस्थितियों में अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को अकेला नहीं छोड़ेगी।
YSRCP प्रमुख ने कहा कि राजनीतिक दबाव और कानूनी मामलों के बावजूद पार्टी अपने समर्थकों के अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी। उनके मुताबिक, सरकार के खिलाफ सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे दबाने के लिए आपराधिक मामलों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
गठबंधन सरकार पर लगातार हमलावर हैं जगन
आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से जगन मोहन रेड्डी और YSRCP लगातार गठबंधन सरकार पर हमलावर रहे हैं। राज्य में तेलुगु देशम पार्टी (TDP), जनसेना पार्टी और भाजपा के गठबंधन की सरकार है। YSRCP विपक्ष में है और सरकार की नीतियों के साथ-साथ उसके प्रशासनिक फैसलों पर भी सवाल उठाती रही है।
जगन का ताजा हमला ऐसे समय में हुआ है जब राज्य की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हैं। विपक्ष सरकार पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाता रहा है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष अपने फैसलों को कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत सही ठहराता है।
‘विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश’ का आरोप
जगन ने कहा कि गिरफ्तारियों और आपराधिक मामलों के जरिए राजनीतिक विरोध को खत्म करने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई से विपक्षी कार्यकर्ताओं में डर का माहौल पैदा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि YSRCP इस कथित दबाव के सामने पीछे नहीं हटेगी। पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रहेगी और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
कुरनूल दौरे के दौरान जगन के समर्थन में जुटी भीड़ ने यह संकेत भी दिया कि पार्टी अपने संगठनात्मक आधार को सक्रिय बनाए रखने की कोशिश कर रही है। विधायक से मुलाकात के अलावा उनका दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक संदेश देने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा।
राजनीतिक टकराव के बीच बढ़ी बयानबाजी
आंध्र प्रदेश में सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है। जगन मोहन रेड्डी के ‘रेड बुक राज’ वाले आरोपों ने सरकार और विपक्ष के बीच जारी विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है।
जगन ने स्पष्ट किया कि YSRCP कथित राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। वहीं, विरुपाक्षी से मुलाकात के जरिए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने की कोशिश की कि कानूनी और राजनीतिक दबाव के बावजूद संगठन अपने नेताओं के साथ खड़ा है।
फिलहाल, जगन द्वारा लगाए गए आरोपों पर गठबंधन सरकार या संबंधित अधिकारियों की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की तस्वीर संबंधित जांच, आधिकारिक दस्तावेजों और दोनों पक्षों के बयानों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।












