एशले नोफके ने छोड़ा पाकिस्तान टीम का साथ, बने नीदरलैंड्स के हेड कोच

Ashley Noffke ने पाकिस्तान के व्हाइट-बॉल बॉलिंग कोच पद से इस्तीफा देकर नीदरलैंड्स के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाल ली है। जानिए उनके करियर और नए कार्यकाल

रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन (केएनसीबी) ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज एशले नोफके को नीदरलैंड्स की पुरुष क्रिकेट टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया है। नोफके का शुरुआती कॉन्ट्रैक्ट दो साल का है, जो 2028 तक चलेगा। 

Ashley Nofke New Coach: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज और अनुभवी क्रिकेट कोच एशले नोफके को नीदरलैंड्स की पुरुष क्रिकेट टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। नीदरलैंड्स क्रिकेट बोर्ड ने उनकी नियुक्ति की पुष्टि करते हुए बताया कि नोफके के साथ शुरुआती दो साल का करार किया गया है, जो 2028 तक प्रभावी रहेगा। इस नियुक्ति के साथ वह पाकिस्तान की पुरुष क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ से अलग होकर नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

49 वर्षीय एशले नोफके नीदरलैंड्स टीम में रयान कुक की जगह लेंगे। कुक ने अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने के लिए मुख्य कोच का पद छोड़ने का फैसला किया था। अब नोफके के सामने नीदरलैंड्स क्रिकेट को अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी होगी।

पाकिस्तान टीम के साथ निभाई अहम भूमिका

नोफके पिछले कुछ समय से पाकिस्तान की पुरुष टीम के साथ सहायक कोच और गेंदबाजी प्रमुख की भूमिका में काम कर रहे थे। उन्होंने मुख्य कोचिंग टीम के साथ मिलकर खिलाड़ियों की गेंदबाजी और प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर काम किया। पाकिस्तान के साथ उनके कार्यकाल के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धा की। टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण तक पहुंची, जबकि एशिया कप 2025 में फाइनल में जगह बनाने में भी सफल रही। अब नोफके नीदरलैंड्स के साथ एक नई चुनौती के लिए तैयार हैं।

उनका तत्काल लक्ष्य नीदरलैंड्स को 2027 वनडे वर्ल्ड कप और 2028 टी20 वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन अभियान के लिए मजबूत टीम के रूप में तैयार करना होगा।

टीम के साथ जुड़ने को लेकर उत्साहित हैं नोफके

नीदरलैंड्स का मुख्य कोच बनने के बाद नोफके ने कहा कि वह टीम के साथ काम शुरू करने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने टीम को प्रतिभाशाली और प्रेरित खिलाड़ियों का समूह बताया और कहा कि उनका ध्यान खिलाड़ियों के विकास के साथ पूरे क्रिकेट कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर रहेगा। नोफके के कोचिंग दर्शन में खिलाड़ियों के साथ मजबूत संबंध बनाना अहम हिस्सा है। उनका मानना है कि रणनीति और योजनाओं पर काम करने से पहले खिलाड़ियों तथा सपोर्ट स्टाफ के साथ बेहतर तालमेल विकसित करना जरूरी है।

ऑस्ट्रेलिया के लिए भी खेल चुके हैं क्रिकेट

एशले नोफके का बतौर खिलाड़ी भी लंबा अनुभव रहा है। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने ऑस्ट्रेलिया के लिए एक वनडे और दो टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले। घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने क्वींसलैंड और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया। इंग्लैंड में भी उनका लंबा क्रिकेट अनुभव रहा, जहां उन्होंने डरहम, मिडलसेक्स, ग्लूसेस्टरशायर और वॉर्सेस्टरशायर जैसी काउंटी टीमों के लिए खेला। वह इंडियन प्रीमियर लीग के शुरुआती दौर में भी नजर आए थे और 2008 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में खेले।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में नोफके के नाम 386 विकेट और 3,766 रन दर्ज हैं। वह उन चुनिंदा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में भी शामिल रहे हैं जिन्होंने एक घरेलू सीजन में 500 से अधिक रन बनाने के साथ 50 विकेट भी हासिल किए।

कोच के रूप में भी रहा शानदार अनुभव

खेल से संन्यास के बाद नोफके ने कोचिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने अलग-अलग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ काम किया है। उनके अनुभव में ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट के अलावा प्रमुख फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताएं भी शामिल हैं। उन्होंने ब्रिस्बेन हीट को महिला बिग बैश लीग का खिताब जीतने में मदद की। इसके अलावा क्वींसलैंड फायर के साथ महिला राष्ट्रीय क्रिकेट लीग की ट्रॉफी भी जीती। 

इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ प्रतियोगिता में उन्होंने लंदन स्पिरिट के साथ काम किया और टीम को उसका पहला खिताब जीतने में योगदान दिया। भारत की महिला प्रीमियर लीग में भी नोफके यूपी वॉरियर्स के सहायक और गेंदबाजी कोच रह चुके हैं।

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