असम सरकार ने हालिया बाढ़ से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने डिब्रूगढ़ से प्रत्येक प्रभावित परिवार को करीब ₹75 हजार की अंतरिम राहत राशि जारी की। बाढ़ में अब तक 85 लोगों की मौत हुई है।
गुवाहाटी: असम में हालिया बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता वितरण शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए ऊपरी असम के डिब्रूगढ़ से अंतरिम राहत राशि जारी की। सरकार की ओर से बाढ़ से तबाह हुए प्रत्येक परिवार को लगभग 75 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह सहायता उन परिवारों के लिए तत्काल राहत के रूप में दी जा रही है, जिन्हें बाढ़ के कारण घर, सामान और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
राज्य सरकार का कहना है कि यह शुरुआती सहायता प्रभावित लोगों को दोबारा जीवन सामान्य करने में मदद करेगी। इसके साथ ही पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए आगे भी अतिरिक्त सहायता जारी रखने की योजना बनाई गई है।
बाढ़ में अब तक 85 लोगों की मौत
असम में आई विनाशकारी बाढ़ ने कई जिलों में बड़े स्तर पर तबाही मचाई है। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 85 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को तीन और लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई। हालांकि, प्रभावित लोगों की संख्या में कुछ कमी आई है। वर्तमान में करीब 1.35 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। प्रशासन लगातार राहत शिविरों, चिकित्सा सेवाओं और आवश्यक सुविधाओं के माध्यम से लोगों तक सहायता पहुंचाने में जुटा हुआ है।
बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में घरों, कृषि भूमि, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी रहने, भोजन और आजीविका से जुड़ी समस्याओं को लेकर हो रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का किया दौरा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली और प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।

डिब्रूगढ़ से राहत राशि जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सहायता वितरण प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक समय पर मदद पहुंच सके। सरकार का लक्ष्य है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के काम को तेजी से पूरा किया जाए।
तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए अंतरिम सहायता
बाढ़ के बाद कई परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है। घरों को नुकसान पहुंचने, घरेलू सामान बह जाने और आय के साधन प्रभावित होने के कारण लोगों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
₹75 हजार की अंतरिम सहायता का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को शुरुआती खर्चों के लिए आर्थिक सहारा देना है। इस राशि से लोग जरूरी सामान खरीदने, घरों की मरम्मत शुरू करने और अन्य तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो सकेंगे। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआती सहायता है और लंबे समय के पुनर्वास के लिए आगे भी कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन ने तेज किए राहत और बचाव कार्य
असम प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान चला रहा है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए विभिन्न विभागों की टीमें काम कर रही हैं।
बाढ़ का पानी कम होने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करना है। प्रशासन सड़कों, बिजली व्यवस्था और अन्य आवश्यक सेवाओं को दोबारा शुरू करने के प्रयास में जुटा है। विशेषज्ञों के अनुसार, असम जैसे नदी प्रधान राज्य में हर साल बाढ़ की समस्या सामने आती है। ऐसे में राहत कार्यों के साथ-साथ दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजनाओं की भी आवश्यकता है।
प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर सरकार का ध्यान
राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि राहत राशि वितरण के बाद पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। बाढ़ से प्रभावित लोगों को स्थायी समाधान उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जाएगा। कृषि क्षेत्र को हुए नुकसान की भरपाई, क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत और प्रभावित परिवारों की आजीविका बहाल करना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है।











