औरैया में शुरू हुआ देश का सबसे बड़ा वाहन स्क्रैपिंग सेंटर, 1.46 लाख वाहनों का होगा निस्तारण

औरैया के दिबियापुर में देश के बड़े वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों में शामिल नई सुविधा शुरू। हर साल 1.46 लाख वाहनों का निस्तारण और 150 तक रोजगार मिलेगा।

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के दिबियापुर में देश के सबसे बड़े वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों में से एक का उद्घाटन किया गया। यह केंद्र हर साल 1.46 लाख पुराने वाहनों का निस्तारण करेगा और स्थानीय स्तर पर 100 से 150 लोगों को रोजगार देगा।

दिबियापुर: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में वाहन रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिबियापुर स्थित प्लास्टिक सिटी में देश के सबसे अधिक क्षमता वाले वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों में शामिल एक नई सुविधा का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना से पुराने वाहनों के वैज्ञानिक निस्तारण के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

दिबियापुर में शुरू हुई हाई-कैपेसिटी स्क्रैपिंग सुविधा

औरैया जिले के दिबियापुर स्थित प्लास्टिक सिटी में पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र (आरवीएसएफ) का उद्घाटन किया गया। संचालकों के अनुसार यह देश की सबसे अधिक लाइसेंस प्राप्त क्षमता वाली एकल वाहन स्क्रैपिंग इकाइयों में शामिल है। केंद्र की वार्षिक क्षमता 1.46 लाख वाहनों के निस्तारण की है, जिससे पुराने और अनुपयोगी वाहनों को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप हटाया जा सकेगा।

औरैया में शुरू हुआ देश का सबसे बड़ा वाहन स्क्रैपिंग सेंटर, 1.46 लाख वाहनों का होगा निस्तारण

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान एक पुराने वाहन की प्रतीकात्मक स्क्रैपिंग की गई। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, उद्योग जगत से जुड़े लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।

आधुनिक तकनीक से होगा वाहनों का वैज्ञानिक निस्तारण

प्लास्टिक सिटी के प्लाट ए-4 में स्थापित इस केंद्र को रिस्टोर हेल्थ मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड (आरएमपीएल) द्वारा विकसित किया गया है, जो एमपीसीसी ग्रुप की इकाई है। कंपनी का दावा है कि यहां वाहनों के सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए आधुनिक डिपाल्यूशन सिस्टम, डिस्मेंटलिंग जोन और अन्य अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।

केंद्र में वाहन मालिकों को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीडी) और स्क्रैपिंग प्रक्रिया से जुड़े अन्य आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा वाहन निस्तारण से जुड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म “स्क्रैपसेंटर डॉट कॉम” भी लॉन्च किया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनाया जा सके।

कंपनी के संस्थापक डॉ. विनय कुमार वर्मा ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पुराने और अनुपयोगी वाहनों का पर्यावरण के अनुकूल निस्तारण करना है। इससे प्रदूषण कम करने और संसाधनों के पुनर्चक्रण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

रोजगार और स्थानीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कंपनी के अनुसार शुरुआती चरण में 100 से 150 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। भविष्य में केंद्र के विस्तार के साथ रोजगार के अवसरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।

कंपनी के निदेशक प्रांजल पटेल ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए वाहन स्क्रैपिंग प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है। इससे वाहन मालिकों को अपने पुराने वाहनों के निस्तारण में आसानी होगी।

उद्घाटन समारोह में भाजपा के पूर्व कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने कहा कि इस परियोजना से आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। उनके अनुसार यह केंद्र पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ औद्योगिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक वाहन स्क्रैपिंग सुविधाएं पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने और पुनर्चक्रण आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

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