बलरामपुर चीनी मिल्स भारत की प्रमुख चीनी कंपनियों में शामिल है। कंपनी के लखीमपुर स्थित कुंभी यूनिट के लिए 200 टन का विशाल वेसल 308 टायर वाले ट्रक से ले जाया जा रहा है। कंपनी के चेयरमैन विवेक सरावगी हैं।
Balrampur Chini Mills: उत्तर प्रदेश की बलरामपुर चीनी मिल्स इन दिनों 308 टायर वाले विशाल ट्रक के कारण चर्चा में है। इस ट्रक पर करीब 200 टन वजन का वेसल लदा है, जिसे कंपनी की लखीमपुर स्थित कुंभी यूनिट में लगाया जाना है। इस घटनाक्रम के बीच कंपनी के मालिक और प्रबंधन के साथ-साथ उसके कारोबार और उत्पादन क्षमता को लेकर भी चर्चा हो रही है।
बलरामपुर चीनी मिल्स का कारोबार क्या है?
बलरामपुर चीनी मिल्स की स्थापना 1975 में हुई थी। शुरुआत में कंपनी का मुख्य कारोबार चीनी उत्पादन था, लेकिन समय के साथ इसने डिस्टिलरी और सह-उत्पादन यानी को-जेनरेशन के क्षेत्र में भी विस्तार किया।

कंपनी अब चीनी के अलावा शीरा यानी मोलासेस, अल्कोहल, इथेनॉल और खोई यानी बैगास से जुड़े कारोबार में भी सक्रिय है। इसके अलावा कंपनी को-जेनरेशन के जरिए बिजली उत्पादन भी करती है।
बलरामपुर चीनी मिल्स की गन्ना पेराई क्षमता 80,000 टन प्रतिदिन है। वहीं कंपनी की डिस्टिलरी क्षमता 1050 KL प्रतिदिन और बिक्री योग्य को-जेनरेशन क्षमता 175.7 मेगावाट बताई गई है।
308 पहियों वाले ट्रक पर क्यों ले जाया जा रहा 200 टन का वेसल?
हाल में 308 टायर वाले एक विशेष ट्रक ने लोगों का ध्यान खींचा। इस भारी-भरकम वाहन पर करीब 200 टन वजन का विशाल वेसल लदा हुआ है। इसे उत्तर प्रदेश में स्थित बलरामपुर चीनी मिल्स की लखीमपुर स्थित कुंभी यूनिट तक पहुंचाया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक यह विशाल वेसल बेल्जियम से मंगाया गया है। इतने बड़े और भारी उपकरण को सड़क मार्ग से ले जाने के लिए विशेष क्षमता वाले मल्टी-एक्सल ट्रक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी वजह से 308 टायर वाला यह ट्रक रास्ते में लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
कौन हैं बलरामपुर चीनी मिल्स के मालिक और प्रमुख अधिकारी?
बलरामपुर चीनी मिल्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक सरावगी हैं। वहीं आवंतिका सरावगी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर हैं।
विवेक सरावगी इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वह कोलकाता में FICCI और इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की विभिन्न समितियों में भी काम कर चुके हैं।
बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी है। दिए गए विवरण के अनुसार कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 14,511 करोड़ रुपये है। कंपनी का कारोबार चीनी उत्पादन के साथ-साथ इथेनॉल, डिस्टिलरी और बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है।












