Bangladesh Currency: बांग्लादेश की करेंसी डिज़ाइन में हो सकता है बदलाव, शेख मुजीब की तस्वीर हटाने का फैसला

बांग्लादेश सरकार ने शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर को हटाकर नए बैंकनोट डिज़ाइन का आदेश दिया। नए नोटों में जुलाई के विद्रोह और बंगाली संस्कृति के प्रतीक होंगे।

बांग्लादेश सरकार ने अपने केंद्रीय बैंक को निर्देश दिया है कि वह देश के संस्थापक और राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर को हटाकर नए डिजाइन के बैंकनोट जारी करे। इस निर्णय के बाद, बांग्लादेश के नोटों के डिज़ाइन में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे।

Bangladesh Currency: बांग्लादेश सरकार ने अपने केंद्रीय बैंक को आदेश दिया है कि वह देश के संस्थापक और राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर को हटाकर नए डिजाइन के बैंकनोट जारी करे। यह निर्णय बांग्लादेश की मुद्रा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव है, जो देश की पहचान को नया रूप देने के प्रयासों का हिस्सा है।

नए बैंकनोटों में जुलाई के विद्रोह से प्रेरित डिज़ाइन

Bangladesh Currency: बांग्लादेश की करेंसी डिज़ाइन में हो सकता है बदलाव, शेख मुजीब की तस्वीर हटाने का फैसला

मिली जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश सरकार ने यह निर्णय लिया है कि नए नोटों में शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर नहीं होगी। इसके बजाय, इन नोटों में जुलाई के विद्रोह, बंगाली परंपराओं, धार्मिक संरचनाओं और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े प्रतीकों को स्थान मिलेगा। जुलाई के विद्रोह ने शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था, और यह विद्रोह बांग्लादेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ था।

नोटों के नवीनीकरण की पुष्टि

बांग्लादेश बैंक ने पुष्टि की है कि वह 20, 100, 500 और 1,000 टका मूल्यवर्ग के नए बैंक नोट छापेगा। इन नए नोटों का डिज़ाइन बांग्लादेश की समकालीन पहचान और इतिहास के महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाएगा। वित्त मंत्रालय ने भी सभी करेंसी नोटों के पुनः डिज़ाइन की योजना की पुष्टि की है, जिसमें पहले चरण में 20, 100, 500 और 1,000 टका के नोटों का नवीनीकरण किया जाएगा।

शेख मुजीबुर रहमान की विरासत पर सवाल

Bangladesh Currency: बांग्लादेश की करेंसी डिज़ाइन में हो सकता है बदलाव, शेख मुजीब की तस्वीर हटाने का फैसला

यह कदम शेख मुजीबुर रहमान की बढ़ती आलोचना और उनकी विरासत के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद उठाया गया है। रहमान, जिन्हें 'बंगबंधु' के नाम से भी जाना जाता है, बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति थे और उन्हें व्यापक रूप से राष्ट्रपिता के रूप में सम्मानित किया जाता है। हालांकि, उनकी मूर्तियों और भित्तिचित्रों को निशाना बनाने के बाद, उनकी विरासत पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

शेख हसीना के खिलाफ विरोध

बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों ने राजनीतिक उथल-पुथल को जन्म दिया है। इन प्रदर्शनों के दौरान शेख मुजीबुर रहमान की मूर्तियों और तस्वीरों पर हमले हुए हैं। यह स्थिति बांग्लादेश में सत्ता संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता का संकेत देती है, जो नए करेंसी नोटों के डिज़ाइन में भी परिलक्षित हो रही है।

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