बरेली में अवध और तराई क्षेत्र के रामलीला कलाकार 64 वर्षों से अपनी परंपरा को जीवंत रखे हुए हैं। श्री दुर्गा विजय आदर्श रामलीला अयोध्या धाम पार्टी के 22 कलाकार गांव-गांव जाकर रामलीला का मंचन करते हैं। इस वर्ष भमौरा के बाद 28 सितंबर से आठ अक्टूबर तक बहेड़ी के मवई जरेल में रामलीला का आयोजन होगा।
बरेली: शाम ढलते ही कैंट-जंक्शन मार्ग स्थित शिविर में रामलीला कलाकारों की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। कोई मुकुट संभालता है तो कोई धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाता है। कलाकार दर्पण के सामने संवाद दोहराते हैं और मंच पर पहुंचते ही अपने वास्तविक नाम छोड़कर भगवान राम, लक्ष्मण, सीता, कैकेई और रावण जैसे किरदारों में ढल जाते हैं। अवध के ये कलाकार पिछले 64 वर्षों से बरेली में रामलीला की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
गांव ही रंगमंच, ग्रामीण ही दर्शक
नाथ नगरी में रामलीला की परंपरा को जीवंत रखने के लिए अवध और तराई के कलाकार दशकों से बरेली आते रहे हैं। सरयू तीरे बसी अयोध्या के त्रेतायुग का सचित्र बखान करने वाले अवध दरबारी यानी लखनऊ मंडल के रामलीला कलाकार इन दिनों कैंट-स्टेशन मार्ग पर शिविर लगाकर ठहरे हुए हैं।

इन कलाकारों का कोई स्थायी मंच नहीं है। गांव ही उनका रंगमंच और ग्रामीण ही उनके दर्शक हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के दिन शाम होते ही कलाकार तैयारियों में जुट जाते हैं। यह शिविर प्रतिवर्ष जन्माष्टमी के दौरान लगना शुरू हो जाता है। जिले में कलाकार दशहरा तक रुकते हैं और रावण वध के बाद अपने घरों के लिए रवाना हो जाते हैं।
1960 से बरेली में मंचन की परंपरा
शिविर में श्री दुर्गा विजय आदर्श रामलीला अयोध्या धाम पार्टी के कलाकार ठहरे हुए हैं। ये रंगमंचकर्मी 28 सितंबर से आठ अक्टूबर तक बहेड़ी के मवई जरेल में रामलीला का मंचन करेंगे। सीतापुर निवासी मंडल संचालक मोनू मिश्रा ने बताया कि नारद मोह और विश्व मोहिनी स्वयंवर से लीला की शुरुआत होगी, जो रावण वध तक चलेगी।
मोनू मिश्रा के अनुसार, उनके पूर्वज वर्ष 1960 से बरेली में रामलीला का मंचन करते आ रहे हैं। यहां के लोगों का प्यार और इस नगरी की न्यारी छटा उनकी रंगमंचीय परंपरा को लगातार प्रोत्साहित करती है। यही वजह है कि दशकों से उनकी पार्टी के कलाकार बरेली की ओर खिंचे चले आते हैं।
22 कलाकार निभाते हैं अलग-अलग किरदार
पार्टी में कुल 22 कलाकार हैं, जो रामलीला के अलग-अलग पात्रों की भूमिका निभाते हैं। लखनऊ निवासी निगम यादव भगवान राम और अंगद का किरदार निभाते हैं। मधुबनी, बिहार के संतजी हनुमान की भूमिका निभाते हैं। लखीमपुर खीरी के कमलेश शर्मा कैकेई और सीतापुर के श्यामू शर्मा रावण का अभिनय करते हैं। वहीं लखीमपुर खीरी के कमल किशोर शर्मा भरत और सुनील शत्रुघ्न की भूमिका निभाते हैं।
अक्टूबर में भी होंगे रामलीला के आयोजन
श्री दुर्गा विजय आदर्श लीला अयोध्या धाम पार्टी में लखनऊ मंडल के साथ तराई क्षेत्र के कलाकार भी शामिल हैं। पार्टी के मुख्य महांत अयोध्या में रहते हैं। कलाकार 24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक मनौना धाम में रामलीला का मंचन करेंगे। इसके बाद दशहरा के बाद बदायूं के जगत ब्लाक में भी इनका कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस तरह गांव-गांव पहुंचने वाली यह रामलीला परंपरा आज भी कलाकारों के अभिनय और ग्रामीणों की आस्था के सहारे लगातार आगे बढ़ रही है।










