आंध्र प्रदेश में स्वर्ण वार्ड सचिवालय कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ, 815 जूनियर असिस्टेंट पद सृजित

आंध्र प्रदेश सरकार ने स्वर्ण वार्ड सचिवालय कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए 815 जूनियर असिस्टेंट पद मंजूर किए। 1,630 पद ग्रेड-I में अपग्रेड किए जाएंगे।

आंध्र प्रदेश सरकार ने स्वर्ण वार्ड सचिवालय कर्मचारियों के लिए पदोन्नति व्यवस्था लागू की है। कैडर पुनर्गठन के तहत 815 जूनियर असिस्टेंट पद बनाए गए और 1,630 पद ग्रेड-I में अपग्रेड किए गए। इससे पात्र कर्मचारियों के करियर प्रोग्रेशन के अवसर बढ़ेंगे।

अमरावती: आंध्र प्रदेश सरकार ने स्वर्ण वार्ड सचिवालय में कार्यरत चार श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए लंबे समय से लंबित पदोन्नति व्यवस्था को लागू करने के आदेश जारी किए हैं। राज्य कैबिनेट की हालिया मंजूरी के बाद जारी इस फैसले से वर्ष 2019 में नियुक्त कर्मचारियों के लिए करियर में आगे बढ़ने के अवसर खुलेंगे। इनमें से कई कर्मचारी छह साल से अधिक समय से सेवा में हैं।

चार श्रेणियों के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

सरकार का यह आदेश राज्य के शहरी स्थानीय निकायों में कार्यरत चार प्रमुख श्रेणियों के कर्मचारियों से संबंधित है। इनमें वार्ड एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी, वार्ड डेटा प्रोसेसिंग सेक्रेटरी, वार्ड सैनिटेशन एंड एनवायरनमेंट सेक्रेटरी (ग्रेड-II) और वार्ड प्लानिंग एंड रेगुलेशन सेक्रेटरी (ग्रेड-II) शामिल हैं।

सरकार के अनुसार, इन कर्मचारियों के लिए लंबे समय से पदोन्नति की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने के कारण करियर में ठहराव की स्थिति बनी हुई थी। नई व्यवस्था का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के रास्ते को संस्थागत रूप देना है।

815 जूनियर असिस्टेंट पदों का पुनर्गठन

कैडर पुनर्गठन के तहत सरकार ने 815 जूनियर असिस्टेंट पद स्वीकृत किए हैं। इन पदों को 915 अतिरिक्त और रिक्त पदों के युक्तिकरण के जरिए बनाया गया है।

इन 915 पदों में शामिल हैं:

  • 458 वार्ड एमेनिटीज सेक्रेटरी ग्रेड-II पद
  • 457 वार्ड प्लानिंग एंड रेगुलेशन सेक्रेटरी ग्रेड-II पद

सरकार के मुताबिक, नए जूनियर असिस्टेंट पद वार्ड एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी कैडर में पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति को संभव बनाएंगे। इसके परिणामस्वरूप उस कैडर में बनने वाली रिक्तियां वार्ड डेटा प्रोसेसिंग सेक्रेटरी के कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के अवसर पैदा करेंगी।

इस तरह कैडर पुनर्गठन का प्रभाव केवल एक स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संबंधित पदों के बीच पदोन्नति की एक श्रृंखला तैयार होने की संभावना है।

सैनिटेशन और प्लानिंग कैडर में भी प्रमोशन

सरकार ने वार्ड सैनिटेशन एंड एनवायरनमेंट सेक्रेटरी तथा वार्ड प्लानिंग एंड रेगुलेशन सेक्रेटरी कैडर में 815-815 पदों को ग्रेड-II से ग्रेड-I में अपग्रेड करने का फैसला किया है।

इस तरह दोनों कैडरों में कुल 1,630 प्रमोशनल पद उपलब्ध होंगे। सरकार का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया पहले से स्वीकृत पदों के इस्तेमाल के जरिए की जाएगी।

महत्वपूर्ण बात यह है कि कैडर पुनर्गठन के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। साथ ही, सरकार के अनुसार इस प्रक्रिया से मौजूदा किसी भी कर्मचारी को सेवा से हटाया या विस्थापित नहीं किया जाएगा।

सरकार ने करियर प्रोग्रेशन पर दिया जोर

नगर प्रशासन एवं शहरी विकास मंत्री पोंगुरु नारायण ने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी चिंताओं को दूर करने और कर्मचारियों को स्पष्ट करियर प्रोग्रेशन का ढांचा उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया कदम है।

सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य उन कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के अवसर तैयार करना है, जो वर्ष 2019 में नियुक्त हुए थे और अब छह साल से अधिक की सेवा पूरी कर चुके हैं।

पदोन्नति व्यवस्था स्पष्ट होने से कर्मचारियों के लिए उनके मौजूदा कैडर से अगले स्तर पर जाने का रास्ता निर्धारित होगा। यह प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बेहतर वितरण के साथ-साथ कर्मचारियों के सेवा-संबंधी मामलों को व्यवस्थित करने में भी मदद कर सकता है।

स्वच्छता, राजस्व और टाउन प्लानिंग में मजबूत होगा सुपरविजन

प्रधान सचिव एस. सुरेश कुमार ने कहा कि कैडर पुनर्गठन से स्वच्छता, राजस्व प्रशासन, टाउन प्लानिंग और डिजिटल सेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में पर्यवेक्षण व्यवस्था मजबूत होगी।

वार्ड सचिवालय के कर्मचारी शहरी स्थानीय निकायों में नागरिक सेवाओं के जमीनी स्तर पर संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार के अनुसार, इन कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में प्रॉपर्टी टैक्स प्रशासन, स्वच्छता व्यवस्था, भवन अनुमति, डिजिटल रिकॉर्ड, आपदा प्रतिक्रिया और अन्य नागरिक सेवाएं शामिल हैं।

शहरी प्रशासन में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इन कर्मचारियों की भूमिका भी लगातार बदल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया है।

AI और डिजिटल तकनीक के लिए प्रशिक्षण

सरकार वार्ड सचिवालय के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों को APHRD Institute के परामर्श से संचालित किए जाने की बात कही गई है।

सरकार का मानना है कि नगर प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे में वार्ड स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को नई तकनीकों और बदलती प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना आवश्यक होगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य कर्मचारियों की तकनीकी और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करना है, ताकि डिजिटल सेवा वितरण और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी जिम्मेदारियों को अधिक प्रभावी ढंग से संभाला जा सके।

वार्ड सचिवालय कर्मचारियों के पदनाम की भी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने वार्ड सचिवालय कर्मचारियों के पदनाम (nomenclature) की समीक्षा करने का सुझाव दिया है। सरकार के अनुसार, कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और उनके मौजूदा जॉब प्रोफाइल में बदलाव आया है।

ऐसे में पदनामों को उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों के अनुरूप बनाने की संभावना पर भी विचार किया जाएगा। यह प्रक्रिया कर्मचारियों की बदलती भूमिका और शहरी स्थानीय निकायों में उनकी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के उद्देश्य से की जा सकती है।

अन्य कर्मचारियों की पदोन्नति पर भी विचार

सरकार ने कहा है कि वार्ड वेलफेयर एंड एजुकेशन सेक्रेटरी और वार्ड एमेनिटीज सेक्रेटरी के पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति पर भी विचार किया जाएगा।

हालांकि, इन मामलों में अंतिम प्रक्रिया संबंधित विभागों की आवश्यकताओं की समीक्षा कर रहे ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज की सिफारिशों के बाद आगे बढ़ेगी। यह समीक्षा वेलफेयर और इंजीनियरिंग विभागों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।

इससे स्पष्ट है कि सरकार ने वार्ड सचिवालय के विभिन्न कैडरों की पदोन्नति व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से व्यवस्थित करने की प्रक्रिया शुरू की है।

शहरी प्रशासन में वार्ड सचिवालय की भूमिका

आंध्र प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों में वार्ड स्तर के कर्मचारी नागरिक सेवाओं और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स से लेकर स्वच्छता, भवन अनुमति, डिजिटल रिकॉर्ड और आपदा प्रबंधन तक कई सेवाओं में उनकी भूमिका रहती है।

सरकार की ओर से किए गए कैडर पुनर्गठन का उद्देश्य कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के अवसर तैयार करने के साथ-साथ इन सेवाओं की निगरानी और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करना है।

815 जूनियर असिस्टेंट पदों का सृजन, 1,630 पदों का ग्रेड-II से ग्रेड-I में अपग्रेडेशन और अन्य कैडरों की पदोन्नति की प्रस्तावित समीक्षा को इसी व्यापक पुनर्गठन प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार के अनुसार, मौजूदा स्वीकृत पदों के पुनर्संयोजन से यह व्यवस्था लागू की जाएगी और इसके लिए अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

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