स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट जम्मू ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष मिथुन मन्हास के जन्म प्रमाण पत्र में कथित विसंगति के मामले में पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष मिथुन मन्हास से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें उनकी जन्मतिथि को लेकर कथित विसंगति की जांच का आदेश दिया गया है। जम्मू के स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत ने पुलिस को मामले की प्रारंभिक जांच करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। यह मामला पूर्व पुलिस अधिकारी और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) के पूर्व संयुक्त सचिव सुदर्शन मेहता की ओर से दायर याचिका के बाद सामने आया।
याचिका में मिथुन मन्हास पर कथित तौर पर अपने जन्म रिकॉर्ड में अलग-अलग जन्मतिथियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता ने इसे जन्मतिथि में हेरफेर से जुड़ा मामला बताते हुए धोखाधड़ी और जालसाजी सहित अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, अदालत की ओर से पुलिस को जांच का निर्देश दिया जाना आरोपों की पुष्टि नहीं माना जाता। आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
जम्मू कोर्ट ने पुलिस को प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए
मामले की सुनवाई जम्मू के विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई। सब-जज संदीप सिंह सेन ने नवाबाद पुलिस थाना प्रभारी को मामले की प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पुलिस से तीन सितंबर या उससे पहले अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। याचिकाकर्ता सुदर्शन मेहता का दावा है कि मिथुन मन्हास की जन्मतिथि से संबंधित अलग-अलग रिकॉर्ड मौजूद हैं। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से मामले की जांच कराने और कथित अनियमितताओं के लिए कानूनी कार्रवाई की मांग की।
स्कूल रिकॉर्ड में दर्ज है 9 दिसंबर 1977 की जन्मतिथि

याचिका में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, मिथुन मन्हास की जन्मतिथि को लेकर स्कूल रिकॉर्ड और क्रिकेट से जुड़े दस्तावेजों में कथित अंतर है। याचिकाकर्ता के अनुसार, महाराजा हरि सिंह कृषि महाविद्यालय (एमएचएसी) स्कूल, नागबानी, जम्मू के रिकॉर्ड में उनकी जन्मतिथि 9 दिसंबर 1977 दर्ज है। बताया गया है कि स्कूल की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी में कहा गया कि मिथुन मन्हास पहले प्रेजेंटेशन कॉन्वेंट स्कूल, गांधी नगर, जम्मू में पढ़ते थे।
इसके बाद 27 जुलाई 1988 को उन्हें कक्षा छह में एमएचएसी स्कूल नागबानी में स्थानांतरित किया गया था। स्कूल रिकॉर्ड में उनकी जन्मतिथि 9 दिसंबर 1977 बताई गई है। वहीं, याचिका में यह भी दावा किया गया है कि दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) की आधिकारिक वेबसाइट पर मिथुन मन्हास की जन्मतिथि 12 अक्टूबर 1979 दर्ज है। इस तरह दोनों रिकॉर्ड में करीब दो साल का अंतर होने का दावा किया गया है।
जूनियर क्रिकेट से जुड़ी पात्रता पर भी उठे सवाल
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि अलग-अलग जन्मतिथियों का इस्तेमाल राष्ट्रीय स्तर की सब-जूनियर और जूनियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में पात्रता हासिल करने के लिए किया गया। उनका दावा है कि जन्मतिथि में कथित बदलाव से खिलाड़ी को आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में लाभ मिल सकता था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्ड में अंतर किस वजह से आया और क्या इसमें जानबूझकर किसी तरह की हेराफेरी की गई थी।
क्या है पूरा मामला?
मिथुन मन्हास भारतीय क्रिकेट के जाने-पहचाने नामों में शामिल रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद उन्होंने क्रिकेट प्रशासन में भी भूमिका निभाई। BCCI अध्यक्ष के पद पर पहुंचने के बाद उनके पुराने रिकॉर्ड और क्रिकेट करियर से जुड़े दस्तावेजों पर भी सार्वजनिक ध्यान बढ़ा है। जन्मतिथि विवाद सामने आने के बाद अब पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। अदालत ने फिलहाल केवल प्रारंभिक जांच का आदेश दिया है। इसलिए इस स्तर पर यह कहना उचित नहीं होगा कि मिथुन मन्हास ने जन्मतिथि में जानबूझकर कोई बदलाव किया था।












