भागलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए रेलवे ने महत्वपूर्ण विकास कार्यों की तैयारी शुरू कर दी है। स्टेशन पर नया फुटओवर ब्रिज (FOB) बनाया जाएगा, जबकि प्लेटफॉर्म नंबर-2 और 3 का विस्तार भी किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में आसानी होगी और स्टेशन पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भागलपुर स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों यात्री विभिन्न ट्रेनों से सफर करते हैं। मौजूदा फुटओवर ब्रिज पर अक्सर अधिक भीड़ रहती है, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। नए फुटओवर ब्रिज के निर्माण से यह समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
प्लेटफॉर्म-2 और 3 के विस्तार का उद्देश्य लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन को और सुगम बनाना है। प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ने से अधिक कोच वाली ट्रेनों का ठहराव बेहतर तरीके से हो सकेगा। इससे यात्रियों के चढ़ने और उतरने में सुविधा होगी तथा परिचालन व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित बनेगी।
रेलवे की योजना के तहत स्टेशन परिसर में यात्री सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित आवाजाही और बेहतर यात्री अनुभव सुनिश्चित करने के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
यात्रियों का कहना है कि नया फुटओवर ब्रिज बनने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले लोगों को विशेष राहत मिलेगी। वर्तमान में ट्रेनों के एक साथ आने पर फुटओवर ब्रिज पर काफी भीड़ हो जाती है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक कार्य पूरे होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। निर्माण के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि रेल परिचालन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
भागलपुर जंक्शन पूर्वी बिहार का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री राज्य के विभिन्न हिस्सों के अलावा दिल्ली, कोलकाता, पटना, रांची और अन्य प्रमुख शहरों के लिए यात्रा करते हैं। ऐसे में स्टेशन के विस्तार और आधुनिकीकरण से क्षेत्र के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
रेलवे का मानना है कि नया फुटओवर ब्रिज और प्लेटफॉर्म विस्तार का कार्य पूरा होने के बाद स्टेशन पर भीड़ का दबाव कम होगा, यात्रियों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी तथा भविष्य में बढ़ने वाले यात्री भार को संभालने में भी आसानी होगी










