भागलपुर में पिछले कुछ दिनों से उमस और चिपचिपी गर्मी से परेशान लोगों को मंगलवार दोपहर बाद हुई बारिश से राहत मिली। सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत शांत रहा और वातावरण में काफी उमस महसूस की गई, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में काले और घने बादल छाने लगे और कुछ ही देर में गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर के साथ-साथ जिले के ग्रामीण इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई। मंगलवार दोपहर बाद भागलपुर में 14.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान और गर्मी के असर में राहत महसूस हुई।
बारिश शुरू होने से पहले वातावरण में उमस काफी ज्यादा थी। हवा में नमी रहने के कारण लोगों को सामान्य तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो रही थी। दिन के शुरुआती हिस्से में धूप और बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन दोपहर बाद बादलों का प्रभाव बढ़ता गया। देखते ही देखते आसमान में घने बादल छा गए और तेज गरज के साथ बारिश होने लगी। बारिश के बाद सड़कों और आसपास के इलाकों में मौसम कुछ ठंडा हुआ तथा लोगों को उमस से तत्काल राहत मिली।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार को भी भागलपुर में बारिश की संभावना बनी हुई है। दिन के शुरुआती समय में मौसम में उतार-चढ़ाव रह सकता है, जबकि दोपहर बाद बादल अधिक सक्रिय होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत अधिक भी हो सकती है।
भागलपुर के लिए मौजूदा मौसम की स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिले के कई हिस्से हाल की बाढ़ से प्रभावित रहे हैं। गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी और जलजमाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में बारिश की नई गतिविधि से प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। मौसम में बारिश का दौर शुरू होने से प्रशासन और स्थानीय लोगों को निचले इलाकों पर विशेष नजर रखने की जरूरत है।
मौसम संबंधी ताजा पूर्वानुमान में बिहार के कई जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई गई है। भागलपुर समेत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की गतिविधियां स्थानीय स्तर पर बदल सकती हैं। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों में जाने से बचने और बिजली चमकने के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बारिश का असर शहर के सामान्य जनजीवन पर भी दिखाई दिया। कई जगहों पर बारिश के दौरान सड़कों पर पानी जमा हुआ और लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। हालांकि, लगातार उमस के बाद हुई बारिश को अधिकांश लोगों ने राहत के रूप में देखा। किसानों के लिए भी बारिश मौसम की स्थिति के अनुसार उपयोगी हो सकती है, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त बारिश जलनिकासी और खेतों में जमा पानी की समस्या को बढ़ा सकती है।
भागलपुर में बारिश का यह दौर बंगाल की खाड़ी और आसपास सक्रिय मौसमी प्रणालियों से जुड़ी वर्षा गतिविधियों के बीच देखा जा रहा है। पूर्वी बिहार में नमी की उपलब्धता और स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता अलग रह सकती है। पहले भी भागलपुर में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से गरज-चमक और तेज बौछारों का दौर देखा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी भागलपुर में पूरी तरह शुष्क मौसम रहने की संभावना नहीं है। वर्तमान पूर्वानुमान में आज और अगले कुछ दिनों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि धूप निकलने के बाद भी अचानक बादल घिर सकते हैं और स्थानीय स्तर पर बौछारें पड़ सकती हैं। इसलिए लोगों को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की जरूरत है।
विशेष रूप से खेतों में काम करने वाले किसानों, खुले मैदानों में रहने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों को गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। बिजली चमकने के समय पेड़ के नीचे खड़े होने या खुले स्थान पर रहने से बचना जरूरी है। तेज बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और जलजमाव वाली सड़कों से गुजरते समय भी सावधानी बरतनी होगी।
भागलपुर में इस समय मौसम का सबसे बड़ा बदलाव उमस से बारिश की ओर हुआ है। मंगलवार की बारिश ने जहां गर्मी और चिपचिपेपन से राहत दी, वहीं बुधवार को भी दोपहर बाद बारिश की संभावना ने लोगों को राहत की उम्मीद दी है। हालांकि जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए बारिश की हर नई गतिविधि को सावधानी से देखना जरूरी है, क्योंकि गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद कई स्थानों पर बाढ़ का असर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
ऐसे में अगले कुछ घंटे भागलपुर के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। सुबह मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने के बाद दोपहर और शाम के समय बादल सक्रिय हो सकते हैं। गरज-चमक के साथ होने वाली बारिश से तापमान में राहत मिल सकती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तेज बौछार और वज्रपात की स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतनी होगी।











